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पिछले दिनों सरकार ने विभिन्न कानूनों का उल्लंघन करने वाले 20 से ज्यादा ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को बैन कर दिया। सरकार ने यह बड़ा निर्णय इन प्लेटफॉर्म्स पर दिखाई जा रही आपत्तिजनक सामग्री और महिलाओं के अभद्र चित्रण पेश करने के खिलाफ किया है।
25 OTT Website Banned: ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर अब सरकार ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पिछले दिनों सरकार ने विभिन्न कानूनों का उल्लंघन करने वाले 20 से ज्यादा ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को बैन कर दिया। सरकार ने यह बड़ा निर्णय इन प्लेटफॉर्म्स पर दिखाई जा रही आपत्तिजनक सामग्री और महिलाओं के अभद्र चित्रण पेश करने के खिलाफ किया है। बैन किए गए प्लेटफॉर्म्स में ऐप्स के साथ ही कई वेबसाइट्स भी शामिल हैं।
ये है प्रतिबंध का कारण

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इन 25 ऐप्स और वेबसाइट्स पर जमकर अश्लील कॉन्टेंट दर्शकों को परोसा जा रहा था। यह अश्लील सामग्री आसानी से यूजर्स को उपलब्ध थी, जिसमें नाबालिग भी शामिल थे। सरकार इस प्रकार की गतिविधि पर रोक लगाना चाहती है। साथ ही यह भी सुनिश्चित करना चाहती है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर यूजर्स को कानून के दायरे में रहकर सही, सटीक और शालीन सामग्री मिले। सरकार के इस प्रतिबंध के साथ ही सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने सभी इंटरनेट सेवा प्रदाता कंपनियों को भारत में इन ऐप्स और वेबसाइट्स को हटाने के स्पष्ट निर्देश दे दिए हैं।
इन 25 ऐप्स-वेबसाइट्स पर गाज
भारत में जिन 25 ऐप्स और वेबसाइट्स को बैन किया गया है, उनकी पूरी सूची भी जारी की गई है। इनमें ऑल्ट, उल्लू, बिग शॉट्स ऐप, बूमेक्स, देसी फिलिक्स, कंगना ऐप, बुल ऐप, जलवा ऐप, नवरसा लाइट शामिल है। इसी के साथ सरकार ने लुक एंटरटेनमेंट, वॉव एंटरटेनमेंट, हिट प्राइम, फेनेओ, शोएक्स, सोल टॉकीज, एड्डा टीवी, हॉट एक्स वीआईपी, मूड एक्स, हलचल ऐप, निओन एक्स वीआईपी, फुगी, मोज फिलिक्स, ट्री फिलिक्स और शो हिट पर भी बैन लगाया है।
भारतीय संस्कृति के लिए जरूरी फैसला
भारत सरकार के इस फैसले का भारतीय जनता पार्टी के साथ ही अन्य पार्टियों ने भी खुला समर्थन किया है। भारतीय जनता पार्टी के सांसद रवि किशन ने कहा कि यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण फैसला है, जो भारत की संस्कृति के लिहाज से बेहद जरूरी है। क्योंकि अभी तक कुछ लाइसेंसधारी और कई बिना लाइसेंस धारी ओटीटी प्लेटफॉर्म्स एंटरटेनमेंट के नाम पर लोगों को सॉफ्ट पोर्न और अश्लील सामग्री दिखा रहे थे। सांसद ने कहा कि मनोरंजन की भी एक लक्ष्मण रेखा जरूर होनी चाहिए। इसका उल्लंघन किसी भी सूरत में नहीं होना चाहिए।
दावा: इस शो के कारण बना मुद्दा
Apps that were streaming vulgar and perverted content have been acted upon FINALLY by @MIB_India especially on Ullu App and Altt
— Priyanka Chaturvedi🇮🇳 (@priyankac19) July 25, 2025
I welcome it and will continue to raise my voice for accountability. pic.twitter.com/U3HLZxWtjU
वहीं शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी सरकार के इस फैसला का स्वागत किया है। प्रियंका ने कहा कि उन्होंने ही संचार एवं आईटी की स्थायी समिति में यह मुद्दा उठाया था। मंत्रालय ने इस पर गौर किया मुझे इसकी खुशी है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार प्रियंका ने ‘हाउस अरेस्ट रियलिटी’ शो में दिखाए जा रहे कंटेंट को लेकर आपत्तियां दर्ज करवाई थीं। यह शो उल्लू ऐप पर रिलीज किया गया था, जिसे बिग बॉस की तर्ज पर बनाया गया था। शो में प्रतिभागी कई अश्लील हरकतें करते नजर आ रहे थे। जिसकी वीडियो क्लिप्स भी वायरल हुए थे।
कर रहे थे इन कानूनों का उल्लंघन
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बैन किए गए ये 25 ऐप्स और वेबसाइट्स सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 67 और 67ए का उल्लंघन कर रहे थे। इसी के साथ ये सभी भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 294 और महिलाओं का अश्लील चित्रण (निषेध) अधिनियम, 1986 की धारा 4 सहित विभिन्न कानूनों का उल्लंघन कर रहे थे।
