Aamir Khan hoists Indian flag at IFFM 2025
Aamir Khan hoists Indian flag at IFFM 2025

Overview:IFFM 2025 में आमिर खान लहराएंगे तिरंगा, मेलबर्न में गूंजेगा भारतीय सिनेमा और गर्व का जश्न

IFFM 2025 में आमिर खान मेलबर्न में तिरंगा फहराएंगे, जो भारतीय सिनेमा और संस्कृति के लिए गर्व की बात है। इस फिल्म फेस्टिवल में 75 से ज्यादा फिल्मों की स्क्रीनिंग होगी, जिसमें प्राइड नाइट, 'बदनाम बस्ती' जैसी ऐतिहासिक फिल्म और 'बक्शो बॉंदी' जैसी महिला-केंद्रित फिल्में शामिल होंगी। यह आयोजन भारतीय विविधता, समानता और एकता का प्रतीक बनकर उभरेगा।

Aamir Khan hoists Indian flag at IFFM 2025 : बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर ख़ान एक बार फिर देश का मान बढ़ाने जा रहे हैं। इस बार बात किसी फ़िल्म की नहीं, बल्कि राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे से जुड़ी है। अगस्त 2025 में आयोजित होने वाले इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न (IFFM) में आमिर ख़ान झंडारोहण करेंगे। यह मौका भारत की आज़ादी का जश्न मनाने के साथ-साथ भारतीय सिनेमा की ताक़त को भी दर्शाता है।

मेलबर्न में हर साल इंडिपेंडेंस डे सेलिब्रेशन के तहत यह झंडारोहण होता है, लेकिन इस बार आमिर ख़ान जैसे दिग्गज कलाकार की मौजूदगी इसे और खास बना रही है। IFFM की डायरेक्टर मीतू भौमिक लांगे ने कहा कि आमिर ख़ान की सोच, आवाज़ और सिनेमा का असर पूरी दुनिया पर है। ऐसे कलाकार द्वारा तिरंगा फहराना गर्व का पल है।

IFFM सिर्फ एक फिल्म फेस्टिवल नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और विविधता का उत्सव है। इस साल लगभग 75 फिल्मों की स्क्रीनिंग होगी जिनमें जेंडर, LGBTQ+, महिलाओं और सामाजिक समानता जैसे मुद्दों को उठाया जाएगा। यह फेस्टिवल एक प्रेरणादायक, गर्व भरा और एकता का संदेश देने वाला आयोजन साबित होने जा रहा है।

मेलबर्न में आमिर खान तिरंगा फहराएंगे

IFFM 2025 में आमिर ख़ान का तिरंगा फहराना सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि गर्व और भावना से जुड़ा पल है। मीतू भौमिक लांगे के अनुसार, आमिर जैसे कलाकार की मौजूदगी भारतीय सिनेमा की ताक़त और कहानी कहने की शक्ति को दर्शाती है। उनकी फ़िल्में न केवल भारत में बल्कि पूरी दुनिया में लोगों को प्रेरित करती हैं। मेलबर्न जैसे विदेशी शहर में तिरंगे को फहराते देखना भारतीय समुदाय के लिए एक गर्व की अनुभूति है। यह आयोजन भारतीय संस्कृति और एकता का प्रतीक बनकर उभरेगा।

IFFM बनेगा विविधता और समानता का मंच

इस साल इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न (IFFM) सिर्फ फिल्मों का मंच नहीं रहेगा, बल्कि यह सामाजिक मुद्दों को दर्शाने वाला एक बड़ा प्लेटफॉर्म बनेगा। इस फेस्टिवल में लगभग 75 फिल्मों की स्क्रीनिंग होगी, जिनमें जेंडर इक्वालिटी, LGBTQ+ अधिकार, महिला सशक्तिकरण और विकलांगता जैसे विषयों को प्रमुखता से दिखाया जाएगा। यह सभी फिल्में भारतीय समाज की विविधता को उजागर करती हैं और वैश्विक स्तर पर भारतीय सिनेमा की पहचान को और मज़बूत बनाती हैं। IFFM का यह प्रयास समाज में बदलाव लाने वाली सोच को आगे बढ़ाता है।

‘बदनाम बस्ती’ की वापसी से बढ़ेगा प्राइड

IFFM 2025 की एक और खास पेशकश है – फिल्म ‘बदनाम बस्ती’ का रिस्टोर्ड वर्जन। यह 1971 में बनी भारत की पहली गे फिल्म मानी जाती है, जिसे अब मेलबर्न फेस्टिवल के प्राइड सेलिब्रेशन नाइट में दिखाया जाएगा। यह फ़िल्म न केवल ऐतिहासिक है बल्कि LGBTQ+ समुदाय के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सकती है। इतने वर्षों बाद इस फिल्म को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर सम्मान मिलना दर्शाता है कि भारतीय सिनेमा समय से पहले भी प्रोग्रेसिव सोच को दर्शाता रहा है।

प्राइड नाइट: क्वियर सिनेमा की शानदार पेशकश

IFFM का प्राइड नाइट कार्यक्रम 22 अगस्त को आयोजित होगा, जो क्वियर सिनेमा और साउथ एशियन LGBTQ+ पहचान को सलाम करेगा। इस मौके पर चुनिंदा LGBTQ+ थीम वाली फिल्मों की स्क्रीनिंग होगी, जो समाज में स्वीकार्यता, प्रेम और समानता का संदेश देती हैं। मेलबर्न में बसे भारतीय और ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के लिए यह रात एक अहम अनुभव होगी। यह पहल ना केवल क्वियर कलाकारों को मंच देती है, बल्कि समाज में बदलाव लाने की दिशा में भी प्रेरणा देती है। यह आयोजन IFFM को और भी विशेष बनाता है।

‘बक्शो बॉंदी’ से खुलेगा फेस्टिवल का आगाज़

IFFM 2025 की ओपनिंग फिल्म होगी ‘बक्शो बॉंदी – शैडोबॉक्स’, जिसमें तिलोत्तमा शोम मुख्य भूमिका में हैं। इस फिल्म की कहानी एक कामकाजी महिला ‘माया’ के इर्द-गिर्द घूमती है, जो कोलकाता के एक उपनगर में अपने जीवन की जद्दोजहद को मजबूती से जीती है। यह फिल्म प्रेम, आत्मबल और सामाजिक हालातों के बीच एक आम महिला की हिम्मत को बखूबी दर्शाती है। बर्लिन फिल्म फेस्टिवल में प्रीमियर के बाद यह फिल्म अब मेलबर्न में भारतीय सिनेमा की नई सोच और नारी शक्ति की पहचान बनकर सामने आएगी।

मेरा नाम वामिका है, और मैं पिछले पाँच वर्षों से हिंदी डिजिटल मीडिया में बतौर कंटेंट राइटर सक्रिय हूं। विशेष रूप से महिला स्वास्थ्य, रिश्तों की जटिलताएं, बच्चों की परवरिश, और सामाजिक बदलाव जैसे विषयों पर लेखन का अनुभव है। मेरी लेखनी...