Bhagavad Gita in Air India Crash
Bhagavad Gita in Air India Crash

Overview:

गुरुवार को एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 ने अहमदाबाद से लंदन के लिए उड़ान भरी थी। उड़ान भरने के कुछ ही मिनट बाद पायलट ने कंट्रोल रूम को मेडे कॉल कर मदद मांगी। कोई कुछ कर पाता इससे पहले ही विमान एयरपोर्ट के पास बनी मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल की बिल्डिंग से जाकर टकरा गया।

Bhagavad Gita in Air India Crash: गुजरात के अहमदाबाद में 12 जून, 2025 की दोपहर को हुए एयर इंडिया विमान क्रैश की घटना से हर कोई स्तब्ध है। घटना के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन लगभग पूरा हो चुका है। इस भीषण हादसे में 241 यात्रियों ने अपनी जान गंवा दी है। जिनमें कई बच्चे भी शामिल हैं। इस हादसे के बीच लोगों के मन में कई सवाल उठ रहे हैं। वहीं कुछ ऐसा भी हुआ है, जिससे आस्था पर विश्वास कायम होता है।

लोहा गला, लेकिन आस्था नहीं

इस विमान ने अहमदाबाद से लंदन के लिए उड़ान भरी थी। यही कारण था कि इसमें कई लीटर ईंधन मौजूद था। जिसके कारण हादसा और भीषण हो गया। बिल्डिंग से टकराते ही पूरा विमान आग की लपटों में घिर गया। बताया जा रहा है कि क्रैश साइट का तापमान करीब 1000 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। हादसा इतना भीषण था कि विमान का लोहा तक गल गया। लेकिन इसे चमत्कार ही कहेंगे कि रेस्क्यू टीम को विमान के मलबे से एक भगवद गीता मिली है। यह भगवद गीता भीषण आग और धमाके के बावजूद बिलकुल सही सलामत है।

रेस्क्यू टीम ने बताया चमत्कार

रेस्क्यू टीम का मानना है कि यह भगवद गीता कोई यात्री अपने साथ लंदन लेकर जा रहा होगा। लेकिन इससे पहले ही विमान हादसे का शिकार हो गया। इस गीता के पन्ने बिलकुल सही हैं। रेस्क्यू टीम इसे एक चमत्कार मान रही है। सोशल मीडिया पर अब इस गीता के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। लोग इसे आस्था और श्रद्धा से जोड़कर देख रहे हैं। लोगों का कहना है कि जिस आग ने इंसान तो क्या लोहे तक को गला दिया, उसमें कागज की भगवद गीता का सही सलामत मिलना चमत्कार है।

शवों की होगी डीएनए जांच

इस विमान हादसे में जले हुए शवों की पहचान करना काफी मुश्किल है। अधिकांश शव बुरी तरह से जल चुके हैं। ऐसे में डीएनए जांच करने के बाद परिजनों को शव सौंपे जाएंगे। आपको बता दें कि डीएनए टेस्ट किसी की पहचान करने का सबसे सटीक तरीका माना जाता है। क्योंकि हर शख्स का डीएनए अलग होता है।

सिर्फ एक यात्री की बची जान

गौरतलब है कि गुरुवार को एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 ने अहमदाबाद से लंदन के लिए उड़ान भरी थी। उड़ान भरने के कुछ ही मिनट बाद पायलट ने कंट्रोल रूम को मेडे कॉल कर मदद मांगी। कोई कुछ कर पाता इससे पहले ही विमान एयरपोर्ट के पास बनी मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल की बिल्डिंग से जाकर टकरा गया। इस हादसे में कुल 265 लोगों ने अपनी जान गंवाई है। विमान में सवार 241 यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई। बस एक यात्री रमेश विश्वास कुमार की जान बच सकी है।

अब पता चलेगा हादसे का कारण

यह विमान हादसा कैसे हुआ, इसे लेकर अभी तक सिर्फ कयास लगाए जा रहे थे। अब इस हादसे के वास्तविक कारणों का भी पता लगाया जा सकेगा। गुजरात एटीएस ने गुरुवार को अहमदाबाद में दुर्घटनाग्रस्त हुए एयर इंडिया के विमान के मलबे से एक डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर यानी डीवीआर बरामद कर लिया है। अब एफएसएल की टीम जल्द ही इसकी जांच करेगी। जिसके बाद हादसे के कारणों से पर्दा उठ पाएगा।

मैं अंकिता शर्मा। मुझे मीडिया के तीनों माध्यम प्रिंट, डिजिटल और टीवी का करीब 18 साल का लंबा अनुभव है। मैंने राजस्थान के प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थानों के साथ काम किया है। इसी के साथ मैं कई प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबों की एडिटर भी...