Positive Parenting Tips
Positive Parenting Tips Credit: istock

Sex Education For Kids- इसमें कोई शक नहीं कि सेक्‍स एजुकेशन हर किसी के लिए जरूरी है। लेकिन सबसे ज्‍यादा, बच्‍चों और युवा वयस्‍कों को सही समय पर इसकी जानकारी देना आवश्‍यक है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि एक निश्चित उम्र में, बच्‍चे अपने आसपास होने वाली हर चीज के बारे में जानने के लिए अधिक उत्‍सुक हो जाते हैं। उम्र के साथ उनके शरीर में भी बदलाव होने लगते हैं। आजकल बच्‍चों को शिक्षा दें या न दें, उन्‍हें अश्‍लील बुक्‍स व मैग्‍जीन, टीवी, फिल्‍म और इंटरनेट के जरिए आधी-अधूरी जानकारियां मिल ही जाती हैं, जो कि उन्‍हें गुमराह करने के लिए काफी होती हैं। ऐसे में माता-पिता की जिम्‍मेदारी बन जाती है कि वह अपने बच्‍चों को सही समय पर सही जानकारी दें ताकि वे इसके लिए बाहरी साधनों पर निर्भर न रहें। जो उन्‍हें नकारात्‍मक रूप से प्रभावित कर सकता है। हालांकि हर बच्‍चा अलग होता है, उनके सोचने और समझने की शक्ति अलग होती है। इसलिए बच्‍चे को उसकी उम्र के अनुसार सेक्‍स से संबंधित जानकारी दी जानी चाहिए। चलिए जानते हैं किस उम्र में बच्‍चे को कितनी शिक्षा दी जानी जरूरी है।

13 से 24 महीने में

Toddlers To Know About Sex Education

सेक्‍स एजुकेशन की शुरुआत बच्‍चे के जन्‍म से ही करें। बच्‍चा हमारी तरह आम इंसान है और हर आम इंसान में सेक्‍स की भावना विद्यमान होती है। बता दें कि बच्‍चे में भी जन्‍म से ही यह भावना मौजूद रहती है। जिस वजह से वह अपने सभी अंगों के बारे में जानने के लिए उत्‍सुक रहता है। अधिकतर पेरेंट्स इस बात पर ध्‍यान नहीं देते और बच्‍चे की हरकतों को इग्‍नोर कर देते हैं। इस उम्र में टॉडलर्स को प्राइवेट पार्ट सहित शरीर के सभी अंगों के नाम बताने में सक्षम होना चाहिए। उन्‍हें शरीर के अंगों के सही नाम सिखाने से आप ये सुनिश्चित कर सकते हैं कि वह स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी मुद्दों, चोटों या यौन शोषण के बारे में बेहतर ढंग से बता पाएगा। इससे उन्‍हें यह समझने में भी मदद मिलेगी कि शरीर के ये अंग उतने ही सामान्‍य हैं जितने कि दूसरे अंग। 

2 से 4 साल में

सेक्‍स एजुकेशन है जरूरी
3 year Kids Know About Sex Education

बच्‍चे की समझ और इंट्रेस्‍ट के लेवल के आधार पर आप बच्‍चों को उनके जन्‍म की कहानी के बारे में बता सकते हैं। ऐसा मत सोचें कि आपको एक ही बार में सारे टॉपिक कवर करने होंगे। छोटे बच्‍चे सेक्‍स की अपेक्षा प्रेग्‍नेंसी और शिशु के जन्‍म में रुचि रखते हैं। इसके अलावा, उन्‍हें यह समझाना चाहिए कि उनका शरीर उनका अपना है और उनकी अनुमति के बिना कोई भी उनके शरीर को छू नहीं सकता है। इसके अलावा इस उम्र में, बच्‍चे को किसी और को छूने से पहले पूछना भी सीखना चाहिए। साथ ही पेरेंट्स को उनकी लिमिटेशन के बारे में सिखाना चाहिए।

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5 से 8 साल में

5-8 year Old Kids Know About Sex Education

इस उम्र में बच्‍चे को सेक्‍स एजुकेशन की बुनियादी समझ होनी चाहिए। इस उम्र में बच्‍चे अपने माता-पिता पर बहुत ज्‍यादा विश्‍वास रखते हैं। माता-पिता द्वारा कही बातों पर वे अधिक ध्‍यान देते हैं, इसलिए बच्‍चों के सामने ऐसी कोई हरकत न करें, जिससे उसके मन में आपकी बुरी छवि बनें। अक्‍सर पेरेंट्स बच्‍चों को सेक्‍स से संबंधित गलत जवाब देते हैं, लेकिन जब बच्‍चे को सच का पता चलता है तो बच्‍चे का विश्‍वास डगमगाने लगता है। इस उम्र में बच्‍चे के मन में कई सवाल आते हैं जिसे जानने के लिए वह भरसक प्रयास करता है। इस उम्र में बच्‍चे को लड़का, लड़की और ट्रांसजेंडर में क्‍या अंतर है, इसके बारे में बताएं। साथ ही उसके सवालों के जवाब दें लेकिन समझदारी से।

9 से 12 साल में

Teens to Know About Sex Education

प्री-टीन्‍स बच्‍चे की बहुत नाजुक उम्र होती है। कुछ बच्‍चे इस उम्र में पीरियड्स का भी सामना करने लगते हैं। इसलिए इस उम्र में बच्‍चे को जो जानकारी दी जाती है, उसे वह जिंदगीभर याद रखता है। प्री-टीन्‍स को सुरक्षित सेक्‍स और गर्भनिरोधक के बारे में सिखाया जाना चाहिए। मुख्‍य रूप से इस उम्र में बच्‍चे को प्रेग्‍नेंसी और सेक्‍सुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्‍शन के बारे में बेसिक जानकारी होनी चाहिए। उन्‍हें पता होना चाहिए कि किशोर होने का मतलब सेक्‍सुअली एक्टिव होना नहीं है। उन्‍हें समझाना चाहिए कि पॉ‍जेटिव रिलेशनशिप क्‍या होता है और क्‍या रिलेशनशिप को खराब कर सकता है। साथ ही उन्‍हें सेक्‍सुअली बुली करने, डराने और धमकाने के बारे में अवगत कराएं। पेरेंट्स को सेक्‍सटिंग सहित इंटरनेट सुरक्षा के विषय में भी बताना चाहिए।

13 से 18 साल में

Sex Education Is Important

ये उम्र बच्‍चे के लिए काफी चुनौतीपूर्ण होती है। इस उम्र में शरीर में कई तरह के बदलाव आते हैं जिसे बच्‍चे को पॉजेटिवली लेना बहुत जरूरी है। टीनेज में पीरियड्स, नाईट फॉल और स्‍लीप ऑर्गेज्‍म जैसी प्रक्रिया सामान्‍यतौर पर शुरू हो जाती है। इसलिए बच्‍चे को इसके बारे में सही जानकारी दी जानी चाहिए। उन्‍हें प्रेग्‍नेंसी और सेक्‍सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज और विभिन्‍न गर्भनिरोधक विकल्‍पों के बारे में बताना चाहिए। इसके अलावा उन्‍हें सु‍रक्षित यौन संबंध बनाने के तरीके और उनका उपयोग करने के बारे में जानकारी होनी चाहिए। इसके अलावा बच्‍चों को ये बताना भी जरूरी है कि यौन संबंधों में सहमति का क्‍या अर्थ है। इस उम्र में बच्‍चे काफी कुछ सीखना और समझना चाहते हैं इसलिए उन्‍हें सही जानकारी दें न कि उन्‍हें भ्रमित करें।

लें इंटरनेट का सहारा

Take Information About Sex Education

बच्‍चे को सेक्‍स एजुकेशन के विषय में सही जानकारी देने के लिए इंटरनेट का सहारा लिया जा सकता है। यू-ट्यूब या गूगल पर कई ऐसे वीडियोज हैं जो बच्‍चे को सेक्‍स एजुकेशन के बारे में विस्‍तार से समझा सकते हैं। पेरेंट्स अपने सामने ऐसे इंफॉर्मेटिव वीडियोज दिखाएं ताकि बच्‍चा चीजों को गलत ढंग से न ले। इसके अलावा सेक्‍स एजुकेशन से संबंधित किताबे भी बच्‍चों की मदद कर सकती हैं।

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