पूरी दुनिया के सामने कोरोना वायरस बड़ा खतरा बनकर उभरा है, यही वजह है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कोरोना वायरस को अंतर्राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया है। भारत में भी इसके कुछ केस सामने आ चुके हैं, लेकिन इससे भी अधिक चिंता की बात ये है कि इसके बारे में आजकल इंटरनेट पर कई तरह की भ्रामक खबरे फैलायी जा रही हैं।
Author Archives: Yashodhara
चाणक्य नीति: क्या है सच्चे मित्र की पहचान
चाणक्य ने व्यक्ति के दैनिक जीवन से लेकर उसके आचार-विचार हर चीज के लिए आदर्श प्रस्तुत किया है। चाणक्य की ये नीतियां आज के समय में भी पुरूष और महिला दोनों के लिए बेहद उपयोगी है, अगर इनका पालन किया जाए तो दुनियादारी की समस्याओं से बच सकते हैं।
जानिए बॉडी के लिए क्यों जरूरी है विटामिन डी और कैसे कर सकते हैं इसकी पूर्ति
सूर्यप्रकाश से हमें विटामिन डी मिलती है। यह एक हार्मोंन है जो हमारे शरीर में नहीं बनता, बल्कि सूर्य-प्रकाश से हमारी त्वचा द्वारा संश्लेषित किया जाता है। हमारी त्वचा जब धूप के संपर्क में आती है तो विटामिन डी के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। या यूं कहें तो विटामिन डी सूर्यप्रकाश से […]
बसंत क्यों कहलाता है प्यार का मौसम
बसंत को अगर भारतीय वेलेंटाइन डे कहा जाए तो ये कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी, क्योंकि बसंत प्रेम का मौसम कहलाता है। जी हां, प्यार का महीना यानी फरवरी दस्तक दे चुका है और इसके साथ ही जवां दिलों की धड़कने तेज हो चुकी हैं। बदलते मौसम के साथ ही जहां हर तरफ प्यार की खुमारी […]
क्यों बदल गए प्यार के मायने
प्यार में स्वच्छंदता और सहजता जरूरी है, पर इसकी भी अपनी सीमा होनी चाहिए, क्योंकि जब इनकी सीमाएं टूटती हैं, तो प्यार के मायने ही पूरी तरह बदल जाते हैं।
आज है रथ सप्तमी, ऐसे पाएं आरोग्य जीवन और उत्तम संतान का लाभ
रथ सप्तमी को माघी सप्तमी या अचला सप्तमी के रूप में भी जाना जाता है।मान्यता है कि आज ही के दिन सूर्य देव सात घोड़ों के रथ पर सवार होकर प्रकट हुए थे।
नेटबंदी
इंटरनेट के इस युग में नेटबंदी किसी आपातकाल की स्थिति से कम नहीं है। ऑक्सीजन की तरह काम करता ये नेट जब बंद होने की कगार पर आ जाता है तो लोगों का सांस लेना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में ये व्यंग्य नेटबंदी के जरिए मौजूदा दौर की राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों पर कटाक्ष है।
राशिनुसार जाने फरवरी का भविष्यफल
पंडित रमेश द्विवेदी से जानिए साल का दूसरा महीना आपके लिए कैसा रहने वाला है
क्या आपका प्रेम है सच्चा ?
आधुनिकता के दौर में प्यार के मायने पूरी तरह बदल चुके हैं। ऐसे में सच्चे प्यार और छलावे के बीच का अंतर समझना बेहद जरूरी है। इससे पहले कि देर हो जाए, अपने रिश्ते को सच्चे प्रेम की कसौटी पर जरूर परख लें।
कभी भी
कहते हैं हर रिश्ते की अपनी नियति होती है, वक्त के साथ रिश्ते का बीज पनपता है और वक्त आने पर ही ये फलित होता है।
