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गर्मियों में आपको तरोताजा रखेंगे ये सूप और ड्रिंक्स

बढ़ती गर्मी हो, सूखता गला हो, तो बस कोल्ड ड्रिंक का बोतल उठाया और गटागट पी गए, लेकिन जब कोल्ड ड्रिंक की बजाए एक से बढ़कर एक विकल्प हो अपनी प्यास बुझाने के और साथ में सेहतमंद भी रहने के तो क्यों न उन्हें भी एक मौका दिया जाए।

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भारतीय नववर्ष के शुभारंभ का दिन गुड़ी पाड़वा

नव संवत्सर यानी नव वर्ष का पहिला दिन, जिस दिन हर घर के सामने गुड़ी उभार कर नए वर्ष का शुभारंभ किया जाता है। इस दिन गुड़ी उभारने की भारतीय संस्कृति की प्राचीन परंपरा है।

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श्री राम से जुड़े प्रमुख तीर्थ व मंदिर

प्रभु राम ने अपने जीवन चरित्र से इस धरा पर रहने वाले मनुष्यों के लिए आदर्शों की स्थापना की। अपने सभी संबंधों में वह आदर्श की कसौटी पर पूर्णत: खरे उतरे। देश के हर कोने में उन्हें पूजा जाता है, न केवल भगवान राम बल्कि उनके जीवन से जुड़े क्षेत्रों को भी तीर्थ के समान ही समझा जाता है। यहां हम आपको राम जी से जुड़े ऐसे ही तीर्थ व मंदिरों से रूबरू करवा रहे हैं।

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विश्व में रामायण का गौरव

र्यादा पुरुषोत्तम राम लोकजीवन तथा लोकमानस के इतने निकट रहे हैं कि उनकी जीवन-कथा खुद जीवन पर भरोसा दिलाने वाली बनी हुई है। अन्याय के विरुद्ध न्याय के संघर्ष पर श्रद्धा इस कथा के मूल में है।

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बुद्घि व पराक्रम के देवता हनुमान

हनुमान सबसे बलवान और बुद्घिमान माने जाते हैं। हनुमान जी के पराक्रम की अनेकों गाथाएं प्रचलित हैं। आइए लेख से भगवान हनुमान की
महिमा जानें।

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सुन्दर कांड की सुंदरता

सत्यम का संबंध परम अस्तित्त्व के साथ है, इसी तरह शिवम् शब्द परम कल्याण को व्यक्त करता है एवं ‘सुंदरम् तो परम सुंदरम है ही। इन तीनों में एक तात्विक संबंध है। जो कुछ सत्य है, वही कल्याणकारी है एवं वही सुंदर भी होता है। अर्थात्ï सत्यम् एवं शिवम्ï ही सुंदरता का आधार है। इसी आधार पर परम रूपवती कैकेयी को सुंदर नहीं माना जा सकता।

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मानव जाति के आदर्श श्रीराम

आदर्श, करुणा, दया, त्याग, शौर्य और साहस इन सारे गुणों का प्रतिबिम्ब है एक नाम, ‘श्री राम’, जिनका सम्पूर्ण जीवन ही जनमानस के समक्ष एक आदर्श प्रस्तुत करता है तथा हमें प्रतिपल कुछ नई सीख अवश्य देता है। कौन हैं श्री राम, क्यों कहलाए वह मर्यादा पुरुषोत्तम राम व जनता के आदर्श? जानते हैं इस लेख के माध्यम से।

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हिन्दू नववर्ष प्रतिपदा विक्रम संवत्

जिस प्रकार ईसाई जनवरी
की पहली तारीख से तथा
मुसलमान मुर्हरम से नववर्ष का प्रारम्भ मानते हैं उसी प्रकार हिन्दू विक्रम संवत्ï को अपने नववर्ष का प्रारम्भ मानते हैं। आइए इसके
बारे में विस्तार से जानें।

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