हिंदू धर्म ग्रंथो में विवाहित महिलाओं के बिंदी लगाने का खास महत्व है। माथे पर बिंदी लगाने से महिलाओं की सेहत अच्छी बनी रहती है| आयुर्वेद में भी बिंदी लगाने के अनगिनत फायदे बताए गए हैं|
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नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के किस अवतार की होती है पूजा? जानें क्या है महत्व: Navratri 2023 First Day
हिंदू धर्म में नवरात्रि के पर्व का बड़ा महत्व है। शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 15 अक्टूबर से हो रही है। नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है।
अश्विन विनायक चतुर्थी पर ऐसे करें भगवान श्री गणेश को प्रसन्न, सुख-सौभाग्य में होगी वृद्धि: Vinayak Chaturthi 2023
हिंदू धर्म में हर माह की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी का पर्व मनाया जाता है। इस दिन भगवान गणेश की विधि विधान से पूजा अर्चना करने से सुख—समृद्धि आती है।
पितृ पक्ष अमावस्या 2023 पर न करें ऐसी गलतियां, नहीं मिलेगा श्राद्ध कर्म का फल: Ashwin Amavasya 2023
हिंदू महीने के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि के दिन पूर्वजों की पूजा का प्रावधान है। पितृदोष से बचने के लिए अमावस्या तिथि के दिन कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना चाहिए। इन बातों को नजरंदाज करने से हमें आर्थिक नुकसान के साथ साथ धन धान्य की भी हानि होती है।
नवरात्रि के पहले दिन कैसे करें घट स्थापना? जानें संपूर्ण विधि व शास्त्रों में दर्ज जरूरी बातें: Navratri 2023 Ghata Sthapana
हिंदू धर्म में नवरात्रि का महत्व बताया गया है। नवरात्रि में नौ दिन तक मां देवी की उपासना की जाती है। नवरात्रि की शुरुआत घट स्थापना के साथ होती है।
तीन बहनें ही नहीं, माता सीता के थे दो भाई भी, राम विवाह में निभाई थी ये परंपरा: Mata Sita Brothers Story
पौराणिक कथाओं से मालूम होता है कि माता सीता के दो भाई मंगलदेव व लक्ष्मीनिधि थे। दोनों ही के बारे में रामायण में जिक्र नहीं मिलता है।
12 अक्टूबर को मासिक शिवरात्रि पर इस विधि से करें पूजा, भोलेनाथ बरसाएंगे कृपा: Masik Shivratri 2023
हर महीने कृष्प पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। इस महीने मासिक शिवरात्रि 12 अक्टूबर को मनाई जाएगी।
इस बार हाथी पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा, नवरात्रि में इस विधि से करें आदिशक्ति की पूजा, पूरी होगी सभी मनोकामना: Durga Puja 2023
आदिशक्ति की पूजा के पर्व नवरात्रि पर भक्तगण सच्चे मन से माता रानी की आराधना करते हैं। विधि विधान से की गई पूजा से देवी दुर्गा प्रसन्न होती हैं और आशीर्वाद देती हैं।
भगवान श्री कृष्ण को क्यों लगाया जाता है छप्पन भोग, जानिए इस परंपरा के पीछे का रहस्य: Shri Krishna Chhapan Bhog
भगवान श्री कृष्ण ने अपने भक्तों की रक्षा करने के लिए अनेकों रूप लिए। इंद्र देव को उनकी गलती का ज्ञान करवाने के लिए श्री कृष्ण ने सात दिनों तक गोवर्धन पर्वत को छोटी उंगली पर धारण किया। श्री कृष्ण की इसी लीला के कारण उन्हें छप्पन भोग लगाने की परंपरा शुरू हुई।
कब है सर्व पितृकार्य अमावस्या 2023, श्राद्ध के अंतिम दिन कैसे करें पितरों को विदा, जानें विधि: Pitru Paksha Amavasya 2023
देवताओं के समान ही पितरों की पूजा करते समय भी कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना चाहिए। अपनी पीढ़ी के सभी पूर्वजों की आत्मा की शांति और तृप्ति के लिए पितृ विसर्जन पर त्रिपिंडी श्राद्ध कर्म करें। पितरों के नाम से तर्पण कर गौ ग्रास दें और ब्राह्मण भोज करवाएं।
