Mata Sita Brothers Story: रामायण में भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, माता सीता व हनुमान जी समेत सभी प्रमुख पात्रों का उल्लेख मिलता हैं रामायण में भगवान श्रीराम व माता सीता के विवाह का भी वर्णन है। रामायण में राजा जनक की पुत्री सीता की तीन अन्य बहनें उर्मिला, मांडवी और श्रुतकीर्ति का भी जिक्र मिलता हैं। लेकिन, क्या आप जानते हैं माता सीता के दो भाई भी थे, जिनका जिक्र रामायण में नहीं मिलता है। पंडित इंद्रमणि घनस्याल बताते हैं कि अन्य धार्मिक ग्रंथों में माता सीता के दो भाई का उल्लेख मिलता है। जब राम व सीता का विवाह हो रहा था, तब एक जगह पुरोहित ने माता सीता के भाई को बुलाने के लिए कहा था, तब वहां मौजूद माता सीता के भाई ने ही विवाह की एक प्रमुख रस्म निभाई थी। तो चलिए इस लेख में आज हम आपको बता रहे हैं कि माता सीता के वो दो भाई कौन थे।
राम सीता विवाह में निभाई परंपरा

पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान श्रीराम व माता सीता के विवाह में सभी देव गण पहुंचे थे। ब्रह्महर्षि वशिष्ठ, राजर्षि विश्वामित्र के अलावा स्वयं ब्रह्मा, विष्णु भी उपस्थित रहे। पारंपरिक तरीके से विवाह की रस्में चल रही थी। विवाह के मंत्रोच्चार हो रहा था। इसी बीच विवाह में एक रस्म ऐसी आई, जिसे निभाने के लिए कन्या के भाई की आवश्यकता थी। यह रस्म विवाह में कन्या के भाई द्वारा आगे चलते हुए लावे के छिड़काव से जुड़ी थी। जब पुरोहित ने कन्या के भाई को बुलाने के लिए कहा तो सभी दुविधा में पड़ गए। उस समय जनक का कोई भी पुत्र नहीं था। इस वजह से विवाह में विलंब होता देख सभी विचार करने लगे। अपनी पुत्री के विवाह में ऐसी परेशानी देख मां पृथ्वी का मन दुखी हो गया।
इसी दौरान एक रक्तवर्ण युवक आगे आया और भाई के रूप में रस्म अदा करने के लिए तैयार हुआ। उसने राजा जनक से विवाह की रस्म निभाने की आज्ञा मांगी। वह युवक कोई और नहीं, बल्कि मंगलदेव थे, जो वहां रूप बदलकर विवाह देखने आए थे और पृथ्वी देवी की आज्ञा से ही वह भाई के रूप में रस्म अदा करने आगे आए। मंगलदेव को पृथ्वी का पुत्र माना जाता है, जबकि मां सीता का जन्म भी पृथ्वी से हुआ था। ऐसे में मां सीता और मंगलदेव के बीच भाई बहन का संबंध हुआ।

मंगलदेव ने ही भाई के रूप में सीता के विवाह में रस्में अदा कीं। एक अन्य कथा के अनुसार, राजा जनक के छोटे भाई के पुत्र का नाम लक्ष्मीनिधि था। ऐसे में लक्ष्मीनिधि व माता सीता रिश्ते में भाई बहन थे। पौराणिक कथाओं से मालूम होता है कि माता सीता के दो भाई मंगलदेव व लक्ष्मीनिधि थे। दोनों ही के बारे में रामायण में जिक्र नहीं मिलता है। लेकिन, अन्य कई पौराणिक ग्रंथों में मंगलदेव व लक्ष्मीनिधि के बारे में कथाएं मिलती हैं।
यह भी पढ़ें: जब श्री कृष्ण ने हनुमान जी की मदद से तोड़ा रानी सत्यभामा का घमंड, पढ़ें ये पौराणिक कथा: Shri Krishna Mythology
