जन्म मरण का चक्र इस सृष्टि पर चलता रहता है। जन्म के बाद व्यक्ति की मृत्यु होना स्वाभाविक है। कुछ संकेतों को पहचान कर व्यक्ति अंत समय का अंदाजा लगाया जा सकता है।
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पितरों को प्रसन्न करने लिए श्राद्ध में इन चीजों का करें दान, मिलेगा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद: Pitru Paksha 2023 Donation
अपने पूर्वजों को सम्मान से याद करने से हमें पितरों का आशीर्वाद मिलता है। मृत परिजनों के श्राद्ध कर्म से उनकी आत्मा तृप्त होती है और व्यक्ति को पितृदोष से मुक्ति मिलती है। पितृपक्ष में दान करने से अक्षय पुण्य प्राप्त होता है।
शास्त्रों में दर्ज अग्नि के ये विशेष उपाय घर में लाएंगे सुख-समृद्धि, जीवन में मिलेगी तरक्की: Jyotish Upay 2023
अग्नि संसार में प्रकाश फैलाने का काम करती है। अग्नि से जुड़े उपाय अपनाकर हम अपने कार्यों में आ रही रुकावटों को दूर कर सफलता प्राप्त कर सकते हैं।
कब से शुरू होंगे श्राद्ध पक्ष 2023, जानें कैसे करें मृत परिजनों का तर्पण और पिंडदान: Shradh Paksha 2023
अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और मोक्ष प्रदान करने के लिए मृतक के परिजन पिंडदान और तर्पण करते हैं। ऐसा करने से पितरों को स्वर्गलोक में स्थान प्राप्त होता है। व्यक्ति को पितृदोष से मुक्ति मिलती है।
पितृदोष से बचने के लिए श्राद्ध पक्ष में नहीं करने चाहिए ये काम, इन बातों का रखें ध्यान: Pitru Paksha 2023 Rules
पितरों के तर्पण और उनके मोक्ष की प्राप्ति के लिए हिंदू धर्म में श्राद्ध काल बहुत महत्व रखता है। धार्मिक शास्त्रों में पितृपक्ष से जुड़ी कई प्रमुख बातें बताई गई हैं।
भाद्रपद महीने की पूर्णिमा 2023 कब है? जानें शुभ मुहूर्त और महत्व: Bhadrapada Purnima 2023
भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए भाद्रपद महीने के दिन विष्णु जी के सत्यनारायण रूप की पूजा करनी चाहिए। भाद्रपद महीने की पूर्णिमा पर विशेष उपायों को करने से पितरों का आशीर्वाद मिलता है।
मुख्य दरवाजे पर लगी डोरबेल से भी प्रभावित होता है घर का वास्तु, जानें वास्तु शास्त्र के नियम: Vastu Shastra Tips
वास्तुशास्त्र के अनुसार, घर से जुड़ी हर छोटी चीज को वास्तु नियमों के हिसाब से रखना चाहिए। घर के मुख्य द्वार पर गलत दिशा में लगी डोरबेल भी हमारे घर में वास्तु दोष उत्पन्न कर सकती है। इसीलिए घर की डोरबेल लगवाते समय वास्तु नियमों का ध्यान रखना चाहिए।
जब सबके प्राण हरने वाले देवता यमराज की हो गई थी मृत्यु, पढ़ें ये रोचक पौराणिक कथा: Yamraj Story
शिव जी की तपस्या में लीन ऋषि पर यमराज के द्वारा क्रोध करने के कारण कार्तिकेय जी ने यमराज जी का वध कर दिया था। यमराज की मृत्यु से सृष्टि में जन्म मरण का चक्र बिगड़ने लगा तब शिव जी ने यमराज जी को फिर से प्राणदान दिया।
कब है अनंत चतुर्दशी 2023, जानिए पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और महत्व: Anant Chaturdashi 2023
अनंत चतुर्दशी के दिन श्री हरि के अनंत स्वरुप की पूजा की जाती है। अनंत चतुर्दशी के प्रभाव से व्यक्ति को अपने डर से छुटकारा मिलता है।
जलझूलनी एकादशी 2023 कब है? जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और इसका महत्व: Jal Jhulni Ekadashi 2023
जलझुलनी एकादशी के दिन ही माता यशोदा को पुत्र प्राप्ति के बाद चूड़ा पहनाने का संस्कार किया गया था। जो व्यक्ति जलझूलनी एकादशी का व्रत करता है उसके घर परीवार पर माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की कृपा बनी रहती है।
