यों आज सुबह से ही एक के बाद एक ऐसे किस्से सामने आ रहे थे, जिनसे ‘प्रभात समाचार’ के संवाददाता देबू सरकार का दिमाग उड़ सा रहा था। कहानी में सस्पेंस हर घड़ी बढ़ता जा रहा था।… अब तक तो उन्होंने चोरी की घटनाओं को केवल चोरी समझकर ही लिख दिया था, और कुछ चुटीले […]
Author Archives: प्रकाश मनु
सेठ भोलाभाई का किस्सा – दुनिया का सबसे अनोखा चोर
मामला हर क्षण रोमांचक होता जा रहा था। किस्सों पर किस्से…! उस मायावी चोर के किस्से खत्म होने में ही नहीं आते थे। इनमें सेठ भोलाभाई का किस्सा भी खासा अजब-गजब था। उन्होंने अपने घर हुई चोरी के साथ-साथ सुपर हाईटेक चोर का पूरा ब्योरा देते हुए कहा था— “अजी मेरे प्यारे भाईजान देबू जी, […]
सेठ ढिल्लूमल की कहानी – दुनिया का सबसे अनोखा चोर
उस दिन ‘प्रभात समाचार’ के प्रमुख संवाददाता देबू सरकार को निक्का से बात करके ‘दुनिया के उस अनोखे चोर’ के बारे में इतनी बातें पता चलीं और इतना ‘मसाला’ मिला कि एकबारगी तो वे रोमांचित हो उठे। फिर जिन लोगों के घर चोरियाँ हुईं, उनसे भी वे आज सुबह ही मिलकर आए थे। उन्होंने भी […]
देबू सरकार ने लिया इंटरव्यू – दुनिया का सबसे अनोखा चोर
अगला दिन सच ही बड़ा रोमांचक था। कई रहस्यों का परदा खोलने वाला…! “अच्छा निक्का, पर यह विचार तुम्हारे मन में एकाएक आया कैसे?” ‘प्रभात समाचार’ के प्रमुख संवाददाता देबू सरकार निक्का के कंधे पर हाथ रखकर बड़े प्यार से पूछ रहे थे। वे पूरे हफ्ते तक इस खबर को हाईलाइट करने के मूड में […]
निक्का की कंप्यूटर से दोस्ती – दुनिया का सबसे अनोखा चोर
असल में पूरी कथा तो और भी अजब-गजब है, जिसने छोटे-से निक्का को पहले कंप्यूटर-उस्ताद और फिर पक्का जासूस बना दिया। इसमें निक्का के पापा देवलकर साहब का भी बड़ा योगदान है। उन्होंने जब से कंप्यूटर खरीदा है, दफ्तर से आते ही चाय पीकर घंटा-डेढ़ घंटा अपने कंप्यूटर पर काम करना उन्हें अच्छा लगता। फिर […]
सवाल ही सवाल – दुनिया का सबसे अनोखा चोर
बाकी अखबारों में भी इस खबर को खूब हाईलाइट किया गया था। किसी-किसी ने तो कल्पना से ही चित्रों की पूरी एक सीरीज बनाकर दर्शाया था कि ऐसे हुआ कंप्यूटर युग के उस महा जीनियस चोर का अंत। ‘द इंडियन टाइम्स’ ने कार्टून चित्रों के जरिए, बड़े मजेदार ढंग से पूरी कहानी पाठकों के आगे […]
अखबारों की सुर्खियों में गोपालपुर – दुनिया का सबसे अनोखा चोर
उस दिन दिल्ली और आसपास के सभी अखबारों में यह सनसनीखेज खबर छपी थी कि दुनिया का सबसे अनोखा चोर पकड़ा गया। किसी ने लिखा, ‘दुनिया का मायावी चोर…!’ तो किसी और ने लिखा, ‘हमारे समय का सबसे सभ्य चोर…!’ ‘प्रभात समाचार’ ने सबसे आकर्षक शीर्षक लगाया, ‘दुनिया का सबसे जीनियस चोर…!’ पहले ही पेज […]
लाखों नन्हे-मुन्ने सांता – सांताक्लाज का पिटारा
अचानक सांता ने घूमकर अपने बड़े से पिटारे की ओर देखा। वह खाली था, एकदम खाली। सांता को लगा कि वह कह रहा है, “इसे जल्दी से भरो सांता।…जल्दी, बहुत जल्दी, ताकि मैं फिर से बच्चों के पास जाकर उन्हें खुशियाँ बाँटूँ। ओह, पूरे साल में सिर्फ एक ही दिन खुशियाँ बाँटने का क्यों होना […]
प्यारे दोस्त सांता! – सांताक्लाज का पिटारा
उसे याद आया, दूर—बड़ी दूर बंगड़-झंगड़ देश में लड़कियाँ पढ़ नहीं पा रही थीं, क्योंकि बड़े लोग नहीं चाहते थे कि लड़कियाँ पढ़ें। वे लड़कियों के हाथ में बस झाड़ू-बुहारी ही देखना चाहते थे, कलम और किताबें नहीं। बचपन से ही उन्हें घर के कामों में जोत दिया जाता था। और जिंदगी भर बस डाँट-फटकार […]
दुनिया को सुंदर बनाने का सपना – सांताक्लाज का पिटारा
अब तक सांता काफी थक गया था। ‘ओह, आज क्रिसमस वाले दिन भला थकान का क्या काम…? मैं ही थक गया तो इस दुनिया को सुंदर बनाने वाले तमाम-तमाम सपनों का क्या होगा? क्या होगा, दुनिया के उन लाखों नेक और भले बच्चों का, जो मेरे सहारे खुशियाँ तलाशने निकले हैं…?’ सांता हौले से बुदबुदाया, […]
