काशी के एक संत उज्जैन पहुँचे। उनकी प्रशंसा सुन उज्जैन के राजा उनका आशीर्वाद लेने आए। संत ने आशीर्वाद देते हुए कहा, सिपाही बन जाओ। यह बात राजा को अच्छी नहीं लगी। दूसरे दिन राज्य के प्रधान पंडित संत राजा पास पहुचे। संत ने कहा, अज्ञानी बन जाओ। पंडित नाराज होकर लौट आए। इसी तरह […]
Author Archives: डॉ. राजेन्द्र पटोरिया
राह के कांटे – अनमोल प्रेरक प्रसंग
वनवास मिलने के बाद राम, लक्ष्मण और माता सीता चित्रकूट पर्वत की ओर जा रहे थे। राह बहुत पथरीली और कंटीली थी। अचानक राम के पैर में कांटा चुभ गया। राम क्रोधित नहीं हुए, हाथ जोड़कर धरती माता से अनुरोध करने लगे। बोले- “माँ, मेरी एक विनम्र प्रार्थना है आपसे, क्या आप स्वीकार करेंगी?” धरती […]
भलाई – अनमोल प्रेरक प्रसंग
वर्ष 1925 की बात है। एक दिन न्यू यॉर्क के यहूदी अस्पताल का खजांची दानदाताओं और अन्य स्रोतों से जमा रकम लेकर बैंक जा रहा था। वह अस्पताल से थोड़ी दूर ही निकला तो रास्ते में उसे डाकुओं ने घेर लिया। डाकुओं का सरदार अपने साथियों से बोला- “छीन लो इस बदमाश से धन से […]
सत्कर्म – अनमोल प्रेरक प्रसंग
अरब का एक विद्वान बादशाह शाहरूम भारत की यात्र पर आया। उसने भारत के संतों के बारे में बहुत प्रशंसा सुन रखी थी। वह जिस नगर में भी जाता संत फकीरों से मिलता। एक दिन बादशाह ने सुना कि पंजाब के एक नगर में सिखों के छठे गुरु हरराय जी विराजमान हैं। उनके बारे मे […]
निर्मल स्नेह – अनमोल प्रेरक प्रसंग
गुर्जर नरेश सम्राट कुमार पटल के गुरु आचार्य हेमचंद्र किसी यात्र से राजधानी पाटण लौट रहे थे। रास्ते में वे एक गाँव में निर्धन विधवा के घर ठहरे। उस महिला ने अत्यंत श्रद्धापूर्वक आचार्य का सत्कार किया। जो बन पड़ा, वह प्रेम से खिलाया। अगले दिन जब आचार्य रवाना होने लगे तो उस महिला ने […]
पड़ोस का ध्यान – अनमोल प्रेरक प्रसंग
एक बार मदर टेरेसा कोलकाता की निर्धन बस्ती में गईं। वहाँ लोगों के पास दो वक्त की रोटी नहीं थी, तन ढ़कने को पर्याप्त वस्त्र नहीं थे, बच्चे भूखों मर रहे थे। मदर ने तत्काल अपना मानव धर्म निभाया। उन्होंने यथाशक्ति भोजन, वस्त्र वहाँ के लोगों को उपलब्ध कराए। कुछ दिनों के लिए मदर ने […]
भाषा का महत्व – अनमोल प्रेरक प्रसंग
इतिहास के प्रकांड पंडित डॉ. रघुबीर प्रायः फ्रांस जाया करते थे। वे सदा फ्रांस के राजवंश के एक परिवार के यहाँ ठहरा करते थे। उस परिवार में 11 साल की सुंदर लड़की भी थी। वह भी डॉ. रघुबीर अंकल से खूब हिली-मिली थी। एक बार डॉ. रघुबीर को भारत से एक लिफाफा प्राप्त हुआ। बच्ची […]
निःस्वार्थ दान – अनमोल प्रेरक प्रसंग
कवि रहीम और कवि गंग के मध्य गहरी मित्रता थी। दोनों अपनी रचनाएं एक-दूसरे को सुनाते और उन पर गहन चर्चा करते। दोनों संत प्रकृति के थे इसलिए दोनों की खूब जमती थीः रहीम की एक आदत बहुत अच्छी थी कि वे जरूरतमंदों को दान दिया करते थे। उनके पास जो भी आता, वह खाली […]
परिश्रम – अनमोल प्रेरक प्रसंग
किसी समय एक प्रजा हितैषी राजा था। वह नियमित रूप से वेश बदलकर निकलता और प्रजा के हालचाल जानता। प्रजा भी राजा के प्रति बहुत स्नेह व सम्मान रखती थी। प्रजा का कोई संकट, कोई समस्या या आवश्यकता राजा से न छिपी रहती। एक दिन राजा ने विचार किया कि सीमा से सटे गाँवों की […]
अहंकार बुरा है – अनमोल प्रेरक प्रसंग
राजा गजपति धन, संपत्ति, विशाल राज्य तथा अनेक प्राकृतिक साधनों के कारण बहुत सुखी था। उसकी रुचि संत-महात्माओं में भी थी। वह स्वभाव से बहुत दयावान भी था। लेकिन इतनी सारी अच्छाइयों के बावजूद वह अहंकार में जी रहा था। उसकी अपने वैभव का प्रदर्शन करने, बड़ी-बड़ी डींगें हांकने की बुरी आदत के कारण संतों […]
