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Health tips : क्या आप अपनी त्वचा के साथ अपने दिमाग को भी दुरुस्त रखना चाहते हैं? ऐसे में सबसे पहले अपना खानपान बदलने का प्रयास कीजिए, क्योंकि शरीर के साथ दिमाग को भी अच्छी खुराक की जरूरत होती है। दरअसल, हमारी डाइट ही यह निर्धारित करती है कि हम कितने स्वस्थ हैं और हमारा दिमाग कितना काम करता है!

अधिकांश लोग ये नहीं जानते हैं कि हमारा मस्तिष्क शरीर सभी अंगों को नियंत्रित करने का कार्य करता है। यहां तक कि यह व्यक्ति की भावनाओं को भी नियंत्रण में रखता है। ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि इसका ख्याल रखा जाए ताकि यह सुचारू रूप से काम कर सके। तनाव से दूर रहने के साथ हमें खानपान पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है। जी हां, आप सही समझे हमारी खानपान की आदतों का दिमाग पर भी असर पड़ता है। कैसे? आइए आज इसी पर चर्चा करते हैं। साथ ही जानते हैं कि इसे दुरुस्त रखने के लिए क्या खाना चाहिए और क्या नहीं!

प्रोसेस्ड फूड्स

पोटेटो चिप्स, कुछ मीट और कैंडी जैसे प्रोसेस्ड फूड शाम के नाश्ते की जरूरत को पूरा करते हैं। इनसे भूख तो खत्म हो जाती है लेकिन यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं। इसमें ढेर सारी कैलोरी होती है जो वजन बढ़ाती है। इससे ब्रेन टिश्यू डैमेज होने का डर रहता है। इसलिए अपनी मेमोरी को नुकसान से बचाने के लिए इन फूड्स को कम मात्रा में खाएं। अधिकतर प्रोसेस्ड फूड में आर्टिफिशियल शुगर, फैट और नमक की मात्रा काफी ज्यादा होती है। इनमें चिप्स के अलावा मिठाई, इंस्टेंट नूडल्स, माइक्रोवेव पॉपकॉर्न, सॉस और रेडी-मेड मील्स शामिल हैं। इन खा पदार्थों में कैलोरी बहुत ज्यादा होती है जबकि पोषक तत्व बहुत कम होते हैं। इनका लगातार सेवन करने से ओबेसिटी की परेशानी हो सकती है जो कि मस्तिष्क पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं।

ये हैं कुछ प्रोसेस्ड फूड्स

चिप्स और कुकीज जैसे मीठे या नमकीन पैकेज्ड स्नैक्स।
कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक, शुगरी कॉफी ड्रिंक, एनर्जी ड्रिंक और फ्रूट पंच।
ब्रेकफास्ट सीरियल।
बेकिंग मिक्स जैसे स्टफिंग, केक, ब्राउनी और कुकी मिक्स।
मीट प्रोडक्ट जैसे- हॉट डॉग और फिश स्टिक।
फ्रोजन मील्स जैसे- पिज्जा।
पाउडर्ड और पैकेज्ड इंस्टेंट सूप।
कैंडीज और अन्य कन्फेक्शनरी।
पैकेज्ड ब्रेड और बन्स।
एनर्जी और प्रोटीन बार और शेक।
वेट लॉस के लिए बने मील रिप्लेसमेंट शैक्स और पाउडर्स।
पास्ता प्रोडक्ट्स।
आइसक्रीम, मीठा दही और कोको मिक्स।
मार्जरीन और अन्य अल्ट्रा प्रोसेस्ड स्प्रेड जैसे स्वीटन्ड क्रीम पनीर।
डिब्बाबंद पेय पदार्थ।

इस तरह के पेय पदार्थों के सेवन से पाचन शक्ति तो कमजोर होती ही है बल्कि मस्तिष्क पर भी बुरा असर पड़ता है। इससे अल्जाइमर और डेमेंशिया जैसे रोग होने का डर रहता है। मस्तिष्क को स्वस्थ बनाए रखने के लिए सोडा, एनर्जी ड्रिंक और फ्रूट जूस जैसे शुगरी ड्रिंक्स इत्यादि से बचना चाहिए।

कुछ लोग प्यास लगने पर बार-बार इन्हें पीते हैं। जबकि इन्हें पीने से टाइप 2 मधुमेह और हृदय रोग के जोखिम बढ़ जाते हैं। टाइप 2 मधुमेह को अल्जाइमर रोग के बढ़ते जोखिम से जोड़ा गया है।

ज्यादातर शुगरी ड्रिंक्स जैसे- सोडा, कोला, टॉनिक, फ्रूट पंच, लेमनेड, स्वीटन्ड पाउडर्ड ड्रिंक, कॉफी ड्रिंक, स्वीटन्ड आइस्ड टी स्पोर्ट्स, एनर्जी ड्रिंक में फ्रूक्टोज की मात्रा ज्यादा होती है। यह ओबेसिटी, हाई ब्लड प्रेशर, हाई ब्लड फैट्स और आर्टरी डिस्फंक्शन से जुड़ा होता है। मेटाबॉलिक सिंड्रोम के इन पहलुओं से डेमेंशिया का खतरा बढ़ सकता है। डिब्बाबाद जूस या कोल्डड्रिंक में शुगर की मात्रा ज्यादा होने से ब्रेन इंफ्लेमेशन और इम्पेयर्ड मेमोरी की समस्या हो सकती है।

कार्बोहाइड्रेट

सफेद चावल, सफेद ब्रेड, सफेद पास्ता और हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले अन्य प्रोसेस्ड फूड्स न केवल ब्लड शुगर बढ़ाने का काम करते हैं, बल्कि ये आपके ब्रेन के लिए खराब फूड्स के तौर पर दिक्कतें पैदा करते हैं। ये फूड्स आपके मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं।
व्हाइट कार्ब्स को होल व्हीट ब्रेड, ब्राउन राइस, क्विनोआ, जौ और फारो जैसे कॉम्प्लेक्स कार्ब्स के साथ बदलें। इन सभी में फाइबर होता है, जो आपके पेट के बैक्टीरिया का पोषण करता है और इंफ्लेमेशन को नियंत्रित करता है। यह आपके ब्रेन के स्वास्थ्य के लिए सभी अच्छी चीजें हैं।

कार्बोहाइड्रेट वाले खा पदार्थ

व्हाइट फ्लोर वाली ब्रेड, टॉर्टिला, वॉफल्स, पेस्ट्री, सफेद चावल, पिज्जा, व्हाइट पास्ता, आर्टिफिशियल स्वीटनर्स, रिफाइंड अनाज, तला-भुना फ्राइड चिकन और फ्रेंच फ्राइज न केवल आपके वजन बढ़ाने का काम करेंगे बल्कि मस्तिष्क के लिए भी खराब हो सकते हैं। ज्यादातर फूड्स वेजिटेबल, सनफ्लावर या कैनोला ऑयल में तले हुए होते हैं। जो सभी ओमेगा-6 फैटी एसिड में उच्च होते हैं। यह हानिकारक प्रकार का फैटी एसिड है। ये ब्रेन के कॉग्निटिव फंक्शन को प्रभावित करता है।

फ्राइड फूड्स में शामिल हैं
डीप फ्राइड चिकन, वेजिटेबल पकोड़ा, समोसा, फ्रेंच फ्राइज, फिश एंड चिप्स, चिकन कटलेट्स।

मस्तिष्क को सेहतमंद रखने के
लिए खाएं
अंडे, ब्लूबैरीज, फैटी फिश, फल, हरी पत्तेदार सब्जियां, नट्स, हल्दी, साबुत अनाज, डार्क चॉकलेट, ग्रीन टी।

अल्कोहल
अल्कोहल के ज्यादा सेवन से मस्तिष्क पर गंभीर दुष्प्रभाव हो सकते हैं। लंबे समय तक अल्कोहल के सेवन से ब्रेन वॉल्यूम में कमी, मेटाबॉलिक बदलाव और न्यूरोट्रांसमीटर में खलल हो सकता है। जो लोग नियमित रूप से अल्कोहल का सेवन करते हैं, उनमें अक्सर विटामिन बी1 की कमी हो जाती है, जो ब्रेन को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है, जिसमें मेमोरी लॉस, आंखों की रोशनी कम हो जाती है। इसकी आदत होने से नींद में कमी आ जाती है। मूड स्विंग और एकाग्रता करने और कुछ भी याद रखने में कठिनाई जैसी कई समस्याएं हो सकती हैं।

जरूरी बातें
खानपान को सही रखने के साथ व्यायाम करना चाहिए। इससे शरीर में खून का दौरा बना रहता है। पैदल चलने की आदत डालें। कम से कम 8 घंटे की नींद मस्तिष्क को स्वस्थ रखने के लिए बहुत जरूरी है।
अत्यधिक तनाव से बचें।
ब्रेन एक्सरसाइज जैसे कि शतरंज खेलना या कोई भी पजल गेम आप खेल सकते हैं।
रात को सोने से एक घंटे पहले अपना फोन बंद कर दीजिए। इसके अत्यधिक इस्तेमाल से एक खास तरह की बैचेनी महसूस होने लगती है।

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