Overview: एफडी और आरडी में समझें अंतर
एफडी और आरडी दोनों को बेहतरीन निवेश समझा जाता है। लेकिन इनके बीच के अंतर समझकर ही आप सही ऑप्शन चुन सकते हैं।
FD vs RD: आज के समय में ज्यादा पैसे कमाना ही काफी नहीं होता है, बल्कि जरूरी है कि उस पैसों को सही तरह से संभाला भी जाए। इसलिए, आपको निवेश पर भी उतना ध्यान देना जरूरी है। जब आप अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित तरीके से सही जगह पर लगाते हैं तो इससे ना केवल पैसों में बढ़त होती है, बल्कि रिस्क भी ना के बराबर होता है। ऐसे में अक्सर लोग एफडी या आरडी करना पसंद करते हैं। ये निवेश के ऐसे दो ऑप्शन हैं, जिनमें मार्केट का झंझट नहीं होता और उतार-चढ़ाव ना होने की वजह से पैसा बस बढ़ता रहता है।
हालांकि, जिन लोगों को निवेश की समझ कम होती है, वे अक्सर इस बात को लेकर असमंजस में रहते हैं कि उन्हें एफडी करनी चाहिए या आरडी। इनमें से आखिर बेहतर कौन है। जहां एफडी में एक साथ पैसा जमा करना होता है, जबकि आरडी में हर महीने थोड़ा-थोड़ा। अब किसे चुनें, ये पूरी तरह आपकी जरूरत, आपकी कमाई और आपकी सेविंग हैबिट पर डिपेंड करता है। तो चलिए आज इस लेख में हम इस बारे में विस्तार से बात करते हैं-
एफडी और आरडी में क्या होता है अंतर

एफडी में आप एक बार में बड़ा अमाउंट जमा करते हैं और वो पैसा एक फिक्स्ड समय के लिए लॉक हो जाता है, जैसे 1 साल, 3 साल, 5 साल। इसमें आपको पहले से पता होता है कि कितना ब्याज मिलेगा। वहीं आरडी में आप हर महीने थोड़ा-थोड़ा पैसा जमा करते हो, जैसे ₹1000, ₹2000, ₹5000। इसमें भी समय फिक्स होता है, जैसे 1 साल, 2 साल, 5 साल।
ब्याज किसमें ज्यादा मिलता है?
अक्सर पैसे जमा करते हुए हम ब्याज का खास ख्याल रखते हैं। आमतौर पर, एफडी में आरडी से थोड़ा ज्यादा ब्याज मिलता है, क्योंकि एफडी में पूरा पैसा शुरू से ही बैंक के पास होता है, जबकि आरडी में पैसा धीरे-धीरे जमा होता है।
किसमें पैसा निकालना ज्यादा आसान है
हमें पैसों की जरूरत कभी भी पड़ सकती है, इसलिए हमें लिक्विडिटी पर भी फोकस करना होता है। आप एफडी कभी भी तोड़ सकते हो, लेकिन इसमें पेनाल्टी लगती है और ब्याज कम हो सकता है। वहीं, आरडी अगर बीच में बंद की तो ब्याज थोड़ा कम मिलेगा, पर इसमें अत्यधिक नुकसान नहीं होगा।
किसके लिए क्या है बेहतर ऑप्शन?

एफडी और आरडी दोनों की निवेश के बेहतर ऑप्शन है, लेकिन आपके लिए क्या बेहतर है, यह आपकी जरूरतों पर निर्भर करता है। मसलन-
अगर आपके पास इकट्ठा पैसा है और आप रिस्क फ्री इनवेस्टमेंट चाहते हैं, जिसमें आपको फिक्स रिटर्न भी मिले तो ऐसे में एफडी की जा सकती है।
वहीं, अगर आप हर महीने थोड़ी रकम बचाना चाहते हो और सेविंग हैबिट बनाना चाहते हो, तो ऐसे में आरडी की जा सकती है। किसी गोल बेस्ड सेविंग जैसे वेकेशन ट्रिप, शादी या फीस आदि के लिए आरडी का ऑप्शन चुनें।
