9 Carat Gold: दिन दूनी रात चौगुनी रफ़्तार से बढ़ते दामों के कारण सोना आम लोगों की पहुंच से दूर हो रहा है। ऐसे में जिन घरों में शादियां होनी हैं उनका बजट बिगड़ गया है। साल की चौथी तिमाही (दिवाली से पहले) में 24 कैरेट सोने के दाम 1 लाख 23 हज़ार तक पहुंचे। दरअसल, भारतीय शादियों में सोने के गहनों का सांस्कृतिक, पारंपरिक और आर्थिक महत्व है। बेटी की विदाई करनी हो या बहु का गृहप्रवेश, सोने के आभूषणों का अपना महत्त्व होता है। दुल्हन के शृंगार से लेकर परिवारों की प्रतिष्ठा में सोने के आभूषण सबसे ऊपर आते हैं। लेकिन बढ़ते दाम के कारण कहीं न कहीं भारतीय शादियों में भी सोने की चमक फीकी पड़ सकती है। मध्य वर्ग लोगों के लिए न सिर्फ 22 कैरेट सोने से बने आभूषण खरीदना मुश्किल हो रहा है बल्कि 18 कैरेट भी अब लोग खरीदने से पहले सोच रहे हैं। इस महंगाई के बीच 9 कैरेट सोना मध्य वर्ग के लोगों के लिए एक विकल्प हो सकता है। उसके ऊपर 9 कैरेट सोने के आभूषण पर हॉलमार्क होना सोने पर सुहागा है। सरकार ने बीते कुछ महीनों पहले ही 9 कैरेट सोने के लिए हॉलमार्किंग को मंजूरी दे दी है।
9 कैरेट सोना क्या होता है?

साल की शुरुआत से ही सोने के दामों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में कीमतों में गिरावट को लेकर कोई भी गुंजाइश नजर नहीं आ रही। जैसा कि अब तक आप जानते हैं 24, 23, 22, 20, 18 और 14 कैरेट के सोने के आभूषणों पर ही हॉलमार्क होता है। लेकिन भारतीय मानक ब्यूरो ने इसी साल के जुलाई महीने में 9 कैरेट सोने से बने आभूषणों पर भी हॉलमार्क अनिवार्य किया है। हॉलमार्क सोने की शुद्धता की पुष्टि करता है। 24 कैरेट की संख्या जैसे-जैसे गिरती है, वैसे-वैसे सोने की शुद्धता पर भी असर होता है। यानी कैरेट की गिरती संख्या सोने में मिलावट की बढ़ोतरी दर्शाती है। जितने कम कैरेट का सोना उसमें उतनी कम शुद्धता। लेकिन बढ़ते दामों के बीच 9 कैरेट सोने के बने गहने मध्य वर्ग के लोगों के लिए बेहतर विकल्प हो सकता है।
आपके सोने में कितना है शुद्धता का प्रतिशत
24 कैरेट का सोना 100 प्रतिशत शुद्ध होता है लेकिन गहने तैयार करने के लिए 22 कैरेट के सोने का इस्तेमाल होता है। इसलिए 22 कैरेट सोने में 2 प्रतिशत धातु को मिलाकर ही गहने गढ़े जाते हैं। ऐसे में 22 कैरेट सोने की शुद्धता का प्रतिशत 91.67% होता है। वहीं 18 कैरेट में 75 प्रतिशत शुद्ध सोना होता है और 14 कैरेट में 58.3 प्रतिशत शुद्ध सोना होता है। वहीं 9 कैरेट के सोने के आभूषणों में शुद्धता का प्रतिशत 37.5% होता है। आमतौर पर सोने में तांबा, चांदी, जस्ता या निकल धातु को मिलाकर गहने तैयार किए जाते हैं।
ग्राहकों को मिलेगी सुरक्षा
9 कैरेट के सोने पर हॉलमार्किंग अनिवार्य होने के बाद ग्राहकों में इसके प्रति विश्वास बढ़ेगा। इन नियमों का पालन सुनारों और हॉलमार्किंग केंद्रों को करना होगा। इसके साथ ही इसकी लोकप्रियता में भी इजाफा होगा। 9 कैरेट सोने में बने हॉलमार्क गहनों की कीमत कम होगी जिससे लोग इसको खरीदने में झिझक नहीं करेंगे। साथ ही ये गहने मजबूत और स्टाइलिश होंगे। जो महिलाएं या लड़कियां रोजाना सोना पहनने की शौकीन हैं उनके लिए 9 कैरेट सोने के गहने आकर्षण का केंद्र बनेंगे।
क्यों चुनें 9 कैरेट सोना?

अगर आप कामकाजी महिला हैं और सोने के गहने पहनना पसंद करती हैं तो 9 कैरेट को चुन सकती हैं। कम कीमत में ट्रेंडी और स्टाइलिश ज्वेलरी बनवा सकती हैं। कम बजट में स्टाइलिश ज्वेलरी खरीदने वालों के लिए 9 कैरेट का विकल्प उचित है। कई फैशन ज्वेलरी ब्रांड्स जैसे- तनिष्क, कैरेटलेन, मिया, मालाबार गोल्ड आदि 9 कैरेट सोने की ज्वेलरी बना रहे हैं। इसके साथ ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर भी इसकी बिक्री में तेजी आई है। 9 कैरेट सोने में बनी ज्वेलरी के कई और भी फायदे हैं –
- जो सोना पहनने के शौकीन है लेकिन बजट कम है तो उनके लिए ये अच्छा विकल्प हो सकता है।
- 9 कैरेट सोने से बनी ज्वेलरी में तांबा, चांदी, जस्ता और निकल धातु का प्रतिशत ज्यादा होती है जिससे ये जल्दी मुड़ता या टूटता नहीं। और लम्बे समय तक मजबूत और टिकाऊ बना रहा है।
- 9 कैरेट में सोने में डेली यूज़ फ्रेंडली ज्वेलरी बनती हैं जिसको आप रोजाना बिना किसी चिंता के पहन सकती हैं। फैशन ज्वेलरी ब्रांड्स इसका खूब इस्तेमाल कर रहे हैं जिससे आपको नए-नए डिजाइन मिल सकते हैं।
- फैशन ज्वेलरी और डेली वेयर के रूप में 9 कैरेट सोना ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका में काफी प्रचलित है।
9 कैरेट सोने की खामियां
- 22 कैरेट सोने के मुकाबले 9 कैरेट का सोना निवेश के लिहाज से उपयुक्त नहीं है।
- समय के साथ 9 कैरेट सोने में बने गहनों की चमक फीकी पढ़ने लगती है।
- शुद्धता में कम होने के चलते 9 कैरेट सोने के बने गहनों को पारंपरिक अनुष्ठान या शादी के उपयुक्त नहीं माने जाते।
- 9 कैरेट सोने से बने गहनों में तांबे और जिंक की मात्रा अधिक होती है जिससे वह हल्का पीला या गुलाबी चमक दे सकते हैं।
9 कैरेट सोने की पहचान और देखभाल?
- 9 कैरेट सोने से बने गहनों के हॉलमार्क पर “375” संख्या लिखी होती है जो इसकी 37.5% शुद्धता को दिखाता है।
- गहनों पर BIS (भारतीय मानक ब्यूरो) का लोगो, ज्वेलरी का कैरेट (9K) और हॉलमार्किंग सेंटर का नंबर भी होता है।
- इसके अलावा आप BIS केयर ऐप पर भी अपने सोने की हॉलमार्किंग जांच सकते हैं।
- रोजाना पहनने के लिहाज से ये मजबूत तो है लेकिन पसीना, नमी और परफ्यूम इसकी चमक को प्रभावित कर सकते हैं।
- पहनने के बाद गहनों को सूती कपड़े से साफ़ करके और केमिकल से दूर रखें। ऐसा करने से इसकी चमक बनी रहती है।
- समय-समय पर पोलिश करवाने से इन गहनों की चमक बनी रहती है।
