Dolly singh
Dolly singh

Summary: डॉली सिंह का खुलासा: बॉलीवुड में टैलेंट से ज्यादा लुक्स पर जोर

डॉली सिंह ने इंटरव्यू में बताया कि बॉलीवुड में उन्हें अक्सर बॉडी टाइप, स्किन कलर और लुक्स की वजह से रिजेक्ट किया गया। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री टैलेंट को नजरअंदाज कर बाहरी दिखावे पर ज्यादा ध्यान देती है।

Dolly Singh Body Shaming: सोशल मीडिया से अपने करियर की शुरुआत करने वाली डॉली सिंह ने आज लाखों फैंस के दिलों में अपनी खास जगह बनाई है। इंस्टाग्राम पर मजेदार कंटेंट और रिलेटेबल वीडियोज़ से पॉपुलर होने के बाद डॉली ने बड़े पर्दे पर भी कदम रखा। उन्होंने भूमि पेडनेकर के साथ फिल्म ‘थैंक यू फॉर कमिंग’ से बॉलीवुड डेब्यू किया था। हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में डॉली ने अपने करियर, रिजेक्शन और बॉलीवुड इंडस्ट्री में चलने वाले स्टीरियोटाइप्स पर खुलकर बात की।

उन्होंने बताया कि किस तरह उन्हें उनके बॉडी टाइप, स्किन कलर और लुक्स की वजह से कई बार रिजेक्ट किया गया और किस तरह यह बातें उनके कॉन्फिडेंस को झकझोर देती हैं।

डॉली का मानना है कि फिल्म इंडस्ट्री में लोग सीधे-सीधे आपको यह नहीं बताते कि आपके शरीर या लुक्स की वजह से आपको रोल नहीं मिल रहा। लेकिन अंदर ही अंदर यह बड़ी वजह होती है। उन्होंने कहा,”सीधे मुंह पर कोई नहीं कहेगा कि ‘तुम ज्यादा पतली हो इसलिए तुम्हें नहीं लेंगे’ या ‘तुम्हारा रंग थोड़ा डार्क है इसलिए नहीं ले सकते’। लेकिन असलियत यही होती है। कई बार डायरेक्टर और राइटर के दिमाग में किसी किरदार के लिए एक खास इमेज होती है। अगर आप उस इमेज में फिट नहीं बैठते, तो आपको रोल नहीं मिलता।”

डॉली ने यह भी कहा कि वह इसे समझती हैं क्योंकि हर किरदार के लिए एक विज़न जरूरी होता है। लेकिन कई बार एक्टिंग और टैलेंट को नजरअंदाज कर सिर्फ बाहरी लुक्स पर ध्यान दिया जाता है, जो गलत है।

डॉली ने एक दर्दनाक अनुभव भी शेयर किया जब उन्हें एक डायरेक्टर ने उनके दांतों को लेकर कमेंट किया। “एक बार एक डायरेक्टर ने मुझसे साफ-साफ कह दिया था कि ‘यार, ये दांत थोड़े ठीक करवा लो’। उस दिन मुझे बहुत बुरा लगा, क्योंकि ये बात मेरे सामने कही गई थी। सोचिए, जो बातें मेरे सामने कही जाती हैं, उनसे ज्यादा बातें शायद मेरे पीछे कही जाती होंगी। जैसे – ‘ये थोड़ी मोटी है’, ‘ये ज्यादा पतली है’, ‘इसको रोल नहीं दे सकते’।”

उन्होंने कहा कि कई बार इन कारणों से उन्हें किरदार नहीं मिलता, जबकि उस किरदार में ये फैक्टर कोई मायने नहीं रखते। डॉली ने कहा, “अगर कोई एक्टर अपनी एक्टिंग से किरदार को अच्छे से निभा सकता है, तो उसकी बॉडी या लुक्स क्यों मायने रखें? असली फोकस टैलेंट पर होना चाहिए।”

dolly singh in colorful dress
Woman in colorful dress.

डॉली ने यह भी बताया कि भूमि पेडनेकर के साथ ‘थैंक यू फॉर कमिंग’ जैसी बड़ी फिल्म करने के बाद भी उनकी लाइफ में कोई खास बदलाव नहीं आया।
“फिल्म के बाद न तो मुझे बड़े ऑफर मिले और न ही ज्यादा ऑडिशन आने लगे। बहुत से लोग सोचते हैं कि डेब्यू के बाद सब बदल जाता है, लेकिन मेरे साथ ऐसा कुछ नहीं हुआ।”

उन्होंने कहा कि कंटेंट क्रिएटर्स के लिए बॉलीवुड में एक खास स्टीरियोटाइप बन चुका है। “हमें फिल्म में रोल तो मिलता है, लेकिन वही दो मिनट का किरदार जिसमें हमें वही करना होता है जो हम इंस्टाग्राम पर करते हैं। फिर हमें फिल्म प्रमोशन के लिए बुलाया जाता है, जहां बस हमारी फॉलोइंग का इस्तेमाल किया जाता है। इससे कई बार ‘यूज़्ड’ फील होता है।”

डॉली का कहना है कि वह लगातार मेहनत कर रही हैं और अलग-अलग ऑडिशन दे रही हैं। उनका मानना है कि अगर किसी को सही मौका और प्लेटफॉर्म मिले, तो वह खुद को साबित कर सकता है। वह चाहती हैं कि इंडस्ट्री कंटेंट क्रिएटर्स को सिर्फ उनकी फॉलोइंग के हिसाब से न आंके, बल्कि उनके टैलेंट को भी पहचाने।

मैं एक बहुमुखी मीडिया पेशेवर हूं, जिसे कंटेंट लेखन में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव है। मेरा लक्ष्य ऐसी सामग्री पर ध्यान केंद्रित करना है जो सूचित, शिक्षित और प्रेरित करती है। चाहे लेख, ब्लॉग या मल्टीमीडिया सामग्री बनाना हो, मेरा लक्ष्य...