google emergency warning gmail
google emergency warning gmail Credit: Istock

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250 करोड़ जीमेल यूजर्स का डेटा लीक हो गया है। कुछ सावधानियां रखकर यूजर्स अपने जीमेल डेटा को सुरक्षित रख सकते हैं। गूगल ने अपने यूजर्स को 5 आसान तरीके बताएं हैं, जो आपके काम आ सकते हैं।

Google Emergency Warning Gmail: आज के समय में शायद ही कोई ऐसा होगा जिसका जीमेल अकाउंट न हो। काम से लेकर सोशल मीडिया एक्सेस तक जीमेल एक जरूरत जैसा बन गया है। लेकिन अगर आप भी जीमेल इस्तेमाल करते हैं तो आपको सावधान होने की जरूरत है। क्योंकि 250 करोड़ जीमेल यूजर्स का डेटा लीक हो गया है। ऐसे में आप अपनी जानकारियां कैसे सेफ रख सकते हैं, यह जानना जरूरी है।

प्रोफेशनल-पर्सनल जिंदगी का हिस्सा

Google Emergency Warning Gmail: यह डेटा लीक गूगल की अपनी गलती से नहीं हुआ है।
This data leak has not happened due to Google’s own mistake.

दुनियाभर में करोड़ों लोगों के लिए जीमेल सिर्फ एक ईमेल सर्विस नहीं है, बल्कि उनके पर्सनल और प्रोफेशनल जिंदगी का अहम हिस्सा है। सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह डेटा लीक गूगल की अपनी गलती से नहीं हुआ है। बल्कि यह एक थर्ड पार्टी यानी बाहरी कंपनी ‘सेल्स फोर्स’ से जुड़े साइबर हमले की वजह से हुआ है। इस हमले का फायदा उठाकर हैकर्स ने जीमेल यूजर्स का डेटा चुरा लिया है।

गूगल ने जारी किया अलर्ट

डेटा लीक की इन खबरों के बीच गूगल ने साफ किया है कि उसके अपने सिस्टम पूरी तरह से सुरक्षित हैं। लेकिन जो डेटा बाहर से लीक हुआ है, उसका इस्तेमाल अब खतरनाक तरीके से किया जा सकता है। यही वजह है कि गूगल ने सभी जीमेल यूजर्स के लिए एक इमरजेंसी अलर्ट जारी किया है।

साइबर अटैक के पीछे है यह गैंग

इस साइबर हमले के पीछे ‘शाइनी हंटर्स’ नाम का एक खतरनाक साइबर क्रिमिनल ग्रुप है। यह ग्रुप पहले भी माइक्रोसॉफ्ट, टिकिट मास्टर, सेंटेंडर जैसे बड़े-बड़े संगठनों का डेटा चुरा चुका है। ये हैकर्स चोरी किए गए डेटा को डार्क वेब पर बेचते हैं। या फिर कंपनियों को सीधे ब्लैकमेल करते हैं।

ऐसे हो सकता है डेटा का गलत उपयोग

अब फिशिंग ईमेल्स और फर्जी आईटी सपोर्ट कॉल्स के जरिए यह साइबर क्रिमिनल ग्रुप जीमेल यूजर्स को फंसा सकता है। जिससे लोग अपनी लॉगिन डिटेल्स खुद ही उन्हें दे दें। हालांकि लीक हुआ डेटा ज्यादातर बेसिक पब्लिक इंफॉर्मेशन बताया जा रहा है। फिर भी इसका इस्तेमाल हैकर्स बड़ी चालाकी से कर सकते हैं। वे लोगों को फर्जी ईमेल्स भेजकर पासवर्ड, ओटीपी या दूसरी जरूरी जानकारी चुरा सकते हैं। गूगल का कहना है कि इस लीक से कई ग्लोबल कंपनियों की इंग्लिश बोलने वाली ब्रांच पहले ही निशाना बन चुकी हैं।

ऐसे डेटा सेफ रखें जीमेल यूजर्स

कुछ सावधानियां रखकर यूजर्स अपने जीमेल डेटा को सुरक्षित रख सकते हैं। गूगल ने अपने यूजर्स को 5 आसान तरीके बताएं हैं, जो आपके काम आ सकते हैं।

1. पासवर्ड बदलें

अगर आपने लंबे समय से अपने जीमेल का पासवर्ड नहीं बदला है तो उसे तुरंत चेंज कर लें। इससे हैकर्स से बचा जा सकता है।

2.फैक्टर ऑथेंटिकेशन अपनाएं

फैक्टर ऑथेंटिकेशन ऑन करके आप अपने जीमेल को दोगुनी सुरक्षा दे सकते हैं। इससे डेटा सेफ्टी बढ़ जाएगी। और डेटा आसानी से लीक नहीं हो पाएगा।

3.फर्जी कॉल्स और ईमेल से सावधान

गूगल ने यूजर्स से कहा है कि अब उन्हें फर्जी कॉल्स और ईमेल्स से ज्यादा सावधान रहना होगा। अगर कोई आईटी सपोर्ट बनकर आपकी जानकारी मांगे तो बिना सोचे समझे इसे शेयर न करें।

4. अकाउंट एक्टिविटी करें चेक

आपके जीमेल अकाउंट का कोई गलत इस्तेमाल तो नहीं हो रहा, इसे लेकर सतर्क रहें। कोई अनजाना लॉगिन या बदलाव दिखे तो तुरंत एक्शन लें।

5. हर साइट पर अलग पासवर्ड

आमतौर पर लोग पासवर्ड याद करने की झंझट से दूर रहने के लिए हर साइट पर एक ही पासवर्ड का उपयोग करते हैं। लेकिन साइबर हमले से बचने के लिए यह आदत बदलनी होगी। एक ही पासवर्ड बार-बार इस्तेमाल न करें। क्योंकि इससे आपके सभी अकाउंट्स पर मुश्किल आ सकती है। हर साइट के लिए अलग पासवर्ड यूज करें।

मैं अंकिता शर्मा। मुझे मीडिया के तीनों माध्यम प्रिंट, डिजिटल और टीवी का करीब 18 साल का लंबा अनुभव है। मैंने राजस्थान के प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थानों के साथ काम किया है। इसी के साथ मैं कई प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबों की एडिटर भी...