Risk of Heart Attack During Exercise
Risk of Heart Attack During Exercise

Overview:गलतियां जो एक्सरसाइज को बना सकती हैं हार्ट अटैक की वजह

स्वस्थ रहने की चाह में किया गया व्यायाम तभी लाभकारी है जब वह समझदारी और सावधानी के साथ किया जाए। बिना तैयारी और शरीर की स्थिति को जाने किए गए वर्कआउट से फायदा नहीं बल्कि खतरा हो सकता है। खासकर दिल की सेहत को लेकर लापरवाही जानलेवा बन सकती है।

Risk of Heart Attack During Exercise: व्यायाम शरीर को स्वस्थ रखने का सबसे कारगर तरीका है। लेकिन अगर इसे गलत ढंग से किया जाए या कुछ जरूरी बातों को नजरअंदाज किया जाए, तो यह फायदे के बजाय नुकसान भी पहुंचा सकता है। हाल के समय में कई ऐसे मामले सामने आए हैं जहां फिट और एक्टिव दिखने वाले लोगों को एक्सरसाइज के दौरान दिल का दौरा पड़ा। ऐसा क्यों हो रहा है? इसका कारण अक्सर वे दो बड़ी गलतियां होती हैं, जिन्हें लोग जाने-अनजाने में कर बैठते हैं। आइए जानते हैं वो गलतियां और उनसे बचने के जरूरी उपाय।

बिना वॉर्मअप किए सीधे भारी एक्सरसाइज शुरू करना

वॉर्मअप न करना सबसे आम लेकिन गंभीर गलती है। अचानक से शरीर पर जोर डालने से दिल पर भी एकदम से दबाव बढ़ जाता है, जिससे हार्ट स्ट्रेस हो सकता है। खासकर सुबह के समय जब शरीर रिलैक्स मोड में होता है, तब तुरंत भारी एक्सरसाइज करना खतरनाक साबित हो सकता है।

थकान या कमजोरी के बावजूद खुद को ज़्यादा पुश करना

mistakes during exercise
mistakes during exercise

कई लोग सोचते हैं कि “No Pain, No Gain” के तहत जितना ज्यादा पसीना बहाएंगे, उतना बेहतर। लेकिन शरीर की सीमाओं को नजरअंदाज कर देना दिल के लिए भारी पड़ सकता है। थकान, नींद की कमी या कमजोरी में भी अगर आप जबरन वर्कआउट करते हैं, तो यह दिल की कार्यक्षमता पर नकारात्मक असर डालता है।

कैसे समझें कि शरीर अलर्ट दे रहा है

अगर एक्सरसाइज के दौरान सांस फूलने लगे, छाती में हल्का दर्द या भारीपन महसूस हो, या चक्कर जैसा महसूस हो—तो इसे इग्नोर न करें। ये संकेत हैं कि आपका शरीर थक गया है और दिल पर ज्यादा दबाव पड़ रहा है।

गलत डाइट और पानी की कमी भी बन सकती है वजह

वर्कआउट से पहले सही डाइट न लेना या हाइड्रेशन का ध्यान न रखना भी दिल पर असर डाल सकता है। शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी से मांसपेशियों के साथ-साथ दिल की कार्यप्रणाली भी प्रभावित होती है।

एक्सरसाइज का समय और उम्र के अनुसार चयन करें

हर उम्र और शरीर की क्षमता के अनुसार एक्सरसाइज का समय और प्रकार तय होना चाहिए। बुजुर्गों या हार्ट पेशेंट्स को हाई इंटेंसिटी वर्कआउट से परहेज करना चाहिए।

हफ्ते में 1 दिन आराम देना है जरूरी

हर दिन बिना रुके एक्सरसाइज करने से शरीर को रिकवरी का समय नहीं मिलता, जो दिल के लिए नुकसानदायक हो सकता है। हफ्ते में एक दिन रेस्ट जरूरी है ताकि मसल्स और हार्ट दोनों को रिकवर करने का मौका मिल सके।

फिटनेस ट्रेंड्स के दबाव में न आएं

सोशल मीडिया पर दिखने वाले फिटनेस ट्रेंड्स को देखकर खुद पर एक्स्ट्रा प्रेशर न बनाएं। हर किसी की बॉडी टाइप और मेडिकल हिस्ट्री अलग होती है, इसलिए दूसरों की कॉपी करने के बजाय खुद की लिमिट्स को समझना जरूरी है।

व्यायाम शुरू करने से पहले मेडिकल चेकअप कराएं

अगर आप लंबे समय से एक्सरसाइज नहीं कर रहे थे या आपकी उम्र 35 साल से ऊपर है, तो वर्कआउट शुरू करने से पहले हार्ट और हेल्थ चेकअप जरूर करवा लें। इससे यह स्पष्ट हो जाएगा कि कौन-सी एक्सरसाइज आपके लिए सुरक्षित है।

मेरा नाम वंदना है, पिछले छह वर्षों से हिंदी कंटेंट राइटिंग में सक्रिय हूं। डिजिटल मीडिया में महिला स्वास्थ्य, पारिवारिक जीवन, बच्चों की परवरिश और सामाजिक मुद्दों पर लेखन का अनुभव है। वर्तमान में गृहलक्ष्मी टीम का हिस्सा हूं और नियमित...