प्रश्नः डॉक्टर, मैं 44 वर्ष का हूं, धूम्रपान नहीं करता, शराब नहीं पीता। जंक फूड भी नहीं खाता। न तो मुझे मधुमेह है और न ही मैं उच्च रक्तचाप का मरीज हूं। पिछले दिनों मुझे सीने में दर्द की शिकायत के साथ आपातकालीन कक्ष में भर्ती कराना पड़ा, क्योंकि मुझे दिल का भयंकर दौरा पड़ा था। इसके बाद मुझे जीवन-रक्षक एंजियोप्लास्टी से गुजारा गया। ऐसा मेरे साथ क्यों हुआ?
– विजय कुमार, देहरादून
उत्तरः दिल के दौरे के लिए जिम्मेदार जोखिम कारकों में मुख्यतः दो भिन्न प्रकार हैं। एक, परिवर्तनीय कारक और दूसरा अपरिवर्तनीय कारक। दिल के दौरे का पारिवारिक इतिहास, पुरुष सेक्स और अधिक उम्र अपरिवर्तनीय कारक हैं। अब ये कारक ऐसे हैं, जिनको हम चाह कर भी बदल नहीं सकते। धूम्रपान, सुस्त जीवन-शैली, मधुमेह की सख्त पकड़, रक्तचाप नियंत्रण, उच्च कोलेस्ट्रॉल, अधिक तनाव, मोटापा वगैरह परिवर्तनीय कारक हैं। दिल का दौरा आम तौर पर इन कारकों की परस्पर क्रिया के रूप में पड़ता है। इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि लोग इन कारकों का आकलन करते रहें। उच्च अपरिवर्तनीय जोखिम कारकों वाले मरीजों के लिए यह जरूरी है कि वे अपने परिवर्तनीय जोखिम कारकों के प्रति अधिक सतर्क हों। हम हृदय विशेषज्ञ अपरिवर्तनीय जोखिम कारकों जैसेकि मधुमेह की सख्त पकड़, हाइपरटेंसिव और कोलेस्ट्रॉल के साथ जी रहे मरीजों के लिए अलग-अलग उपचार मानक तैयार करते हैं। दैनिक व्यायाम और सक्रिय जीवन-शैली अपनाने के साथ में धूम्रपान छोड़ना भी आवश्यक है। मानसिक तनाव से दूर रहना भी जरूरी है। या तनाव का सफल प्रबंधन भी बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि ज्यादातर मरीजों में तनाव ही हृदयाघात के लिए जिम्मेदार होता है। इसलिए आपके मामले में, मधुमेह, धूम्रपान या उच्च रक्तचाप जैसे परिवर्तनीय जोखिम कारक भले ही न हों, पर आपमें अन्य अपरिवर्तनीय जोखिम कारक हो सकते हैं।
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