DNA and Ayurvedic Diet
DNA and Ayurvedic Diet

Overview: DNA के हिसाब से डाइट! जानिए मॉडर्न आयुर्वेद की नई दुनिया

आज के समय में डीएनए-बेस्ड आयुर्वेदिक डाइट का ट्रेंड बढ़ रहा है। यह एक ऐसा ट्रेंड है, जिसमें आयुर्वेद की पुरानी समझ और आज की साइंस को मिलाकर एक ऐसी डाइट बनाई जाती है जो सिर्फ और सिर्फ आपके लिए होती है।

DNA and Ayurvedic Diet Trend: यह तो हम सभी जानते हैं कि हेल्दी रहने के लिए सबसे जरूरी है कि अपनी डाइट पर ध्यान दिया जाए। अमूमन लोग एक हेल्दी लाइफ जीने के लिए व अपने फिटनेस गोल्स को पूरा करने के लिए पॉपुलर डाइट ट्रेन्ड्स को बिना सोचे-समझे फॉलो करना शुरू कर देते हैं या फिर वे दूसरों की देखा-देखी उनकी ही डाइट को अपना लेते हैं। लेकिन ऐसा करना बहुत अच्छा नहीं माना जाता। हो सकता है कि आप लंबे समय से डाइट कर रहे हों और आपको वह रिजल्ट ना मिल रहा हो, जिसकी आपको उम्मीद थी।

ऐसा इसलिए है, क्योंकि हर इंसान का शरीर अलग होता है, उसके जीन्स से लेकर पाचन तंत्र तक सब अलग होते हैं। तो ऐसे में किसी दूसरे की डाइट आपकी बॉडी पर काम कैसे कर सकती है। यही वजह है कि अब डीएनए-बेस्ड आयुर्वेदिक डाइट का ट्रेंड बढ़ रहा है। यह एक ऐसा ट्रेंड है, जिसमें आयुर्वेद की पुरानी समझ और आज की साइंस को मिलाकर एक ऐसी डाइट बनाई जाती है जो सिर्फ और सिर्फ आपके लिए होती है। इस डाइट को तैयार करने से पहले आपके डीएनए की जांच की जाती है और यह जानने का प्रयास किया जाता है कि आपका शरीर किन चीज़ों पर कैसे रिएक्ट करता है, और साथ ही आपका आयुर्वेदिक दोष (वात, पित्त या कफ) भी पता किया जाता है। जब आपके शरीर के बारे में बेहतर तरीके से पता लग जाता है तो फिर उसके अनुसार ही डाइट प्लान तैयार किया जाता है। यानि अब आपको कोई अंदाज़े से डाइट नहीं करनी पड़ेगी। न ही थकाने वाली या बोरिंग डाइट ट्राई करनी पड़ेगी। इस तरीके को बहुत अधिक बेहतर माना जाता है, क्योंकि यह बाकी ट्रेंडी डाइट्स से ज़्यादा असरदार और टिकाऊ हो सकता है। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको इस बारे में विस्तारपूर्वक बता रहे हैं-

DNA and Ayurvedic Diet
Ayurvedic Diet

डीएनए बेस्ड आयुर्वेदिक डाइट एक पर्सनलाइज्ड डाइट प्लान है। इस तरह की डाइट को किसी व्यक्ति विशेष के लिए ही बनाया जाता है। इसमें दो चीज़ों का मेल होता है- सबसे पहले आपका डीएनए और दूसरा आयुर्वेद का दोष सिस्टम। डीएनए की मदद से यह पता लगाया जाता है कि आपका शरीर किस तरह के खाने पर कैसी प्रतिक्रिया देता है। मसलन, आपके शरीर में फैट जल्दी चढ़ता है या नहीं, या फिर आपका डाइजेशन कैसा है आदि। वहीं आयुर्वेद के दोष सिस्टम में वात, पित्त, कफ में बारे में पता लगाया जाता है। यह आयुर्वेद दोष सिस्टम के अनुसार आपके बॉडी टाइप के बारे में बताता है। इससे यह पता लगता है कि कौन-सा खाना आपको बैलेंस में रखेगा। आसान शब्दों में कहा जाए तो यह डाइट एक तरह से पुराने भारतीय आयुर्वेद और आज की आधुनिक साइंस का बेहतरीन मिक्स है। इसका मकसद है कि आप ऐसे खाने को अपने जीवन का हिस्सा बनाए, जो आपके शरीर और मन दोनों को हेल्दी रखे।

डीएनए बेस्ड आयुर्वेदिक डाइट बनाने से पहले आपका डीएनए टेस्ट किया जाता है। जिसके लिए थोड़ा सा थूक लेकर उसे लैब में भेजा जाता है। वहां पर आपके जीन्स की गहराई से जांच होती है जिससे यह पता लगाया जा सके कि आपके शरीर को कार्ब्स, फैट और प्रोटीन कैसे सूट करते हैं या फिर आपको वजन बढ़ने, डायबिटीज जैसी बीमारियों का खतरा कितना है। डीएनए टेस्ट करने के बाद आयुर्वेदिक दोष का पता लगाया जाता है। वात दोष में दुबला-पतला शरीर, तेज़ गति, जल्दी घबराहट हो सकती है। जबकि पित्त दोष में मीडियम बॉडी व गर्मी ज़्यादा लगती है। कफ वाले व्यक्तियों का शांत स्वभाव, भारी शरीर व स्लो डाइजेशन हो सकता है। जब दोनों टेस्ट कर लिए जाते हैं तो डीएनए और आयुर्वेद दोनों को ध्यान में रखकर एक खास डाइट प्लान तैयार किया जाता है जो आपकी पाचन शक्ति और बॉडी टाइप के अनुसार होता है। इस डाइट प्लान में उन चीजों को हटा दिया जाता है, जो आपके शरीर को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इससे ना केवल आपको अपना वजन बनाए रखने में मदद मिलती है, बल्कि यह आपकी एनर्जी, मूड और हेल्थ को बैलेंस में रखने में मददगार है। यह डाइट वास्तव में आपको अंदर से तंदरुस्त बनाती है।

Why DNA based Ayurvedic diet is considered the best
Why DNA based Ayurvedic diet is considered the best

डीएनए बेस्ड आयुर्वेदिक डाइट को कई अन्य पॉपुलर डाइट जैसे कीटो, इंटरमिटेंट फास्टिंग आदि से कई गुना बेहतर माना जाता है। दरअसल, डीएनए बेस्ड आयुर्वेदिक डाइट को आपके शरीर के हिसाब से बनाया जाता है, जबकि पॉपुलर डाइट्स में हर किसी को एक जैसी डाइट दी जाती है, इसलिए उतने बेहतर रिजल्ट नहीं मिल पाते हैं। चूंकि डीएनए बेस्ड आयुर्वेदिक डाइट में देसी चीजों को शामिल किया जाता है, इसलिए आपको अपने पैसे विदेशी और महंगी चीजों पर खर्च नहीं करने पड़ते हैं। इस डाइट की खासियत यह है कि यह सिर्फ कम समय में वजन घटाने पर ही आधारित नहीं है, बल्कि इससे आपको लंबी उम्र और अच्छी सेहत मिलती है। इससे आपका पाचन से लेकर मूड व इम्यूनिटी आदि सभी बेहतर होती हैं। डीएनए बेस्ड आयुर्वेदिक डाइट को बिना किसी परेशानी के लंबे समय तक आसानी से फॉलो किया जा सकता है, क्योंकि इसमें घर के खाने को ही शामिल किया जाता है। इससे आपको यह अहसास नहीं होता है कि आप किसी खास तरह की डाइट को फॉलो कर रही हैं।

मैं मिताली जैन, स्वतंत्र लेखिका हूं और मुझे 16 वर्षों से लेखन में सक्रिय हूं। मुझे डिजिटल मीडिया में 9 साल से अधिक का एक्सपीरियंस है। मैं हेल्थ,फिटनेस, ब्यूटी स्किन केयर, किचन, लाइफस्टाइल आदि विषयों पर लिखती हूं। मेरे लेख कई प्रतिष्ठित...