Overview: प्यार की परिभाषा सिखाएगी दिल्ली यूनिवर्सिटी,अब लगेगी पाठशाला
दिल्ली यूनिवर्सिटी का नया कोर्स "निगोशिएटिंग इंटिमेट रिलेशनशिप्स" जेनरेशन-जेड को प्रेम, दोस्ती, ईर्ष्या और ब्रेकअप जैसे विषयों पर शिक्षित करेगा।
Delhi University New Course: सोशल मीडिया, डेटिंग एप्स और माइक्रो रिलेशनशिप की वजह से वर्तमान में रिश्ते बेहद संवेदनशील और जटिल होते जा रहे हैं। ऐसे में युवा पीढ़ी या ज़ेन जी अपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने से भी नहीं चूकती। हाल ही में हुई एक घटना जिसमें तीन प्रेमियों ने अपनी प्रेमिकाओं को इसलिए मार डाला क्योंकि वह उनके साथ सामंजस्य नहीं बैठा पा रहे थे। इसी के चलते दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) ने एक अनूठा कदम उठाया है जिसके तहत यूनिवर्सिटी एक नया कोर्स लॉन्च करने जा रही है। यह कोर्स युवाओं को दिल टूटने, रिश्ते में खतरा और टिंडर स्वाइप्स व इंस्टाग्राम स्टोरीज के दौर में स्वस्थ रिश्ते बनाने की कला सिखाएगा। ये कोर्स कब से स्टार्ट होगा और स्टूडेंट्स को क्या फायदा होगा, चलिए जानते हैं इसके बारे में।
कब से शुरू होगा ये कोर्स

इस कोर्स का नाम है “निगोशिएटिंग इंटिमेट रिलेशनशिप्स”, जो 2025-26 शैक्षणिक सत्र से सभी विषयों के अंडर ग्रेजुएट स्टूडेंट्स के लिए जर्नल इलेक्टिव कोर्स के रूप में उपलब्ध होगा। मनोविज्ञान विभाग द्वारा शुरू किया गया यह कोर्स प्रेम, दोस्ती, ईर्ष्या और ब्रेकअप जैसे विषयों पर केंद्रित है, जिन्हें पारंपरिक शिक्षा में अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। सप्ताह में तीन थ्योरी और एक ट्यूटोरियल के साथ यह कोर्स उन छात्रों के लिए खुला है, जिन्होंने बारहवीं कक्षा उत्तीर्ण की है और जिन्हें मनोविज्ञान की बुनियादी समझ है। यह पहल युवाओं में बढ़ती हिंसक घटनाओं, जहरीले रिश्तों और भावनात्मक जागरूकता की कमी को देखते हुए शुरू की गई है।
कोर्स का मुख्य उद्देश्य
इस कोर्स का मुख्य उद्देश्य ज़ेन जी को प्यार की सही परिभाषा के विषय में सही जानकारी देना और उन्हें जागरूक करना है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि यंगस्टर्स को इमोशनल एजुकेशन शुरुआत में दी जाएं, तो यह चक्र टूट सकता है। साथ ही स्टूडेंट्स को उन टॉपिक्स पर बात करने की पूरी छूट दी जाएगी जिसे समाज द्वारा नजरअंदाज किया जाता है। इससे यंगर्स्टस को अपने रिश्ते मजबूत करने में मदद मिलेगी साथ ही वह अपने पार्टनर की अहमियत के बारे में जानेंगे।
चार यूनिट्स में बंटा है कोर्स

कोर्स का सिलेबस चार यूनिट्स में बंटा है, जो रिश्तों को समझने के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण प्रदान करता है।
पहली यूनिट: “द साइकोलॉजी ऑफ फ्रेंडशिप्स एंड इंटिमेट रिलेशनशिप्स”, ये यूनिट रिश्तों के बनने, विकसित होने और डेटिंग या शादी जैसे दीर्घकालिक बंधनों में बदलने की प्रक्रिया को समझाती है। दूसरी यूनिट: ये यूनिट “अंडरस्टैंडिंग लव”, स्टर्नबर्ग के लव ट्राएंगल थ्योरी और टू-फैक्टर थ्योरी ऑफ लव जैसे सिद्धांतों के साथ-साथ मॉर्डन लव में कामुकता की भूमिका पर प्रकाश डालती है।
तीसरी यूनिट: “साइन्स ऑफ रिलेशनशिप्स गोइंग सॉर”, स्टूडेंट्स को भावनात्मक हेरफेर, ईर्ष्या, रोमांटिक अपराध और अंतरंग साथी हिंसा के शुरुआती संकेतों को पहचानने में मदद करती है।
चौथी यूनिट: “फ्लोरिशिंग रिलेशनशिप्स”, स्वस्थ रिश्तों को बढ़ावा देने, प्रभावी संचार और भावनात्मक लचीलापन सिखाने पर केंद्रित है। यह कोर्स केवल सिद्धांत तक सीमित नहीं है। इसमें कई तरह के इंटरैक्टिव सैशन्स होंगे।
कोर्स को कैसे पढ़ाया जाएगा
क्लास के दौरान स्टूडेंट्स से इंटरैक्ट किया जाएगा , जिसमें उन्हें अपने सोशल मीडिया इंटरैक्शंस को मैप करने, क्षमा और आत्म-जागरूकता के अभ्यास करने और फिल्मों व वास्तविक जीवन के परिदृश्यों के माध्यम से आधुनिक प्रेम की आलोचनात्मक जांच करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके अलावा इसमें पॉप कल्चर और ब्रेकअप के अनुभवों से उभरने के गुण भी सिखाए जाएंगे।
