Overview:
नमक का कम होना स्वाद और सेहत के लिए जितना खराब है। उतना ही गंभीर है नमक का ज्यादा सेवन करना। हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट आपको चौका देगी।
High Salt Intake Effects: नमक खाने का स्वाद है! अगर किसी सब्जी या दाल में नमक कम हो तो पूरा स्वाद बिगड़ सकता है। लेकिन स्वाद के चक्कर में आप कहीं ज्यादा नमक तो नहीं खा रहे। जी हां, नमक का कम होना स्वाद और सेहत के लिए जितना खराब है। उतना ही गंभीर है नमक का ज्यादा सेवन करना। हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट आपको चौका देगी।
जाने अनजाने में मोल ले रहे खतरा

हाल ही में सामने आई एक स्टडी के अनुसार भारत के लोग स्वाद के चक्कर में एक साइलेंट महामारी की ओर बढ़ रहे हैं। और यह महामारी जुड़ी है नमक से। जी हां, भारत के लोग जाने अनजाने में नमक का बहुत ज्यादा सेवन कर रहे हैं। ऐसे में वे कई गंभीर बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। कम उम्र में लोगों का हार्ट अटैक, स्ट्रोक आना जैसी सभी समस्याएं कहीं न कहीं नमक से भी जुड़ी हैं। पैकेज्ड फूड, जंक फूड, चिप्स, नमकीन आदि के माध्यम से लोगों का सोडियम यानी नमक का इंटेक बढ़ रहा है। चिंता की बात ये है कि उन्हें इसके बारे में जानकारी ही नहीं होती है।
विशेषज्ञ बोले, सावधान रहें

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी (आईसीएमआर-एनआईई) के विशेषज्ञों का कहना है कि देश में लोगों तय मानक से कहीं ज्यादा नमक रोज खा रहे हैं। ऐसे में यह साइलेंट महामारी की स्थिति है, जिसके बारे में वे खुद नहीं जानते। यह गलत आदत भारत के लाखों लोगों को दिल की बीमारी, हाई ब्लड प्रेशर, स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों का शिकार बना रही है। विशेषज्ञों ने लोगों को चेताया कि अगर समय रहते इस आदत में सुधार नहीं हुआ तो ये आदत सेहत पर बुरा असर डाल सकती है।
तय मानक से दोगुना इंटेक
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार आदर्श रूप में एक व्यक्ति को प्रतिदिन 5 ग्राम से भी कम नमक की जरूरत होती है। लेकिन स्टडी में सामने आया कि भारत के लोगों का सॉल्ट इंटेक इससे कहीं ज्यादा है। शहरी क्षेत्रों के लोग प्रतिदिन भोजन के माध्यम से करीब 9.2 ग्राम तक नमक का सेवन कर रहे हैं। यह मात्रा डब्ल्यूएचओ के तय मानकों से लगभग दोगुनी है। वहीं दूसरी ओर देश के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों का नमक का प्रतिदिन औसत सेवन करीब 5.6 ग्राम पाया गया। यह भी ज्यादा है, लेकिन शहरी क्षेत्रों में स्थिति ज्यादा गंभीर है। इसकी सबसे बड़ी वजह है बिगड़ा हुआ खान पान।
विशेषज्ञों ने बताया विकल्प
विशेषज्ञों ने लोगों को इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए कम मात्रा में सही नमक का सेवन करने की सलाह दी है। विशेषज्ञों के अनुसार कम सोडियम वाला नमक खाना एक अच्छा विकल्प हो सकता है। ऐसे नमक को लो सोडियम सॉल्ट कहा जाता है। इसमें सोडियम क्लोराइड की कुछ मात्रा को मैग्नीशियम या पोटेशियम से बदल दिया जाता है। ये दोनों की तत्व शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं।
ऐसे मदद करेगा लो सोडियम सॉल्ट
एनआईई की डॉ. शेरोन मुरली का कहना है कि लो सोडियम सॉल्ट के उपयोग से सेहत को कई बड़े फायदे हो सकते हैं। यह ब्लड प्रेशर और हार्ट हेल्थ दोनों के लिए अच्छा है। यह सॉल्ट ब्लड प्रेशर को करीब 7/4 mmHg तक घटा सकता है।
जाने स्वाद और नमक का नाता
भारत के कई स्नैक्स, भोजन और चाट में नमक काफी मात्रा में पाया जाता है। अचार, पापड़, चिप्स, नमकीन, इंस्टेंट नूडल्स, इंस्टेंट सूप, नमक वाले बिस्कुट आदि सभी में सोडियम की मात्रा काफी ज्यादा होती है। आप इनकी जगह बेहतर विकल्प चुन सकते हैं। रोस्टेड मखाना, चने, रोस्टेड ज्वार आदि लो सोडियम फूड हैं, ये काफी सेहतमंद भी हैं।
