Divita Juneja: दिविता जुनेजा एक ऐसा नाम है जो कई मायनों में खास है। उनकी पहचान एक प्रशिक्षित कथक नृत्यांगना, थियेटर आर्टिस्ट, समाजसेविका, उद्यमी और मोटिवेशनल आइकन के रूप में भी उभर चुकी हैं। बहुत जल्द आप उन्हें फिल्म ‘हीर एक्सप्रेस’ में देखेंगे।
जब मेहनत, प्रतिभा और जुनून एक साथ कदम बढ़ाते हैं, तब एक नाम उभरता है दिविता जुनेजा। थियेटर, कथक, समाजसेवा और यूट्यूब के मंच पर अपनी छाप छोड़ चुकीं दिविता अब बॉलीवुड में बतौर लीड एक्ट्रेस ‘हीर एक्सप्रेस’ से एंट्री करने जा रही हैं और यकीन मानिए, यह डेब्यू नहीं एक धमाका है! ‘हीर एक्सप्रेस’ से बॉलीवुड डेब्यू उभरती हुई प्रतिभाशाली अभिनेत्री दिविता जुनेजा अब बॉलीवुड में अपना डेब्यू करने को तैयार हैं और वो भी बतौर लीड एक्ट्रेस! निर्देशक उमेश शुक्ला की आने वाली फिल्म ‘हीर एक्सप्रेस’ में दिविता का किरदार न सिर्फ खास है, बल्कि बेहद दमदार भी। हाल ही में दिविता ने सोशल मीडिया पर इस फिल्म की पहली झलक साझा की, जिसने उनके फैंस और फिल्मी जगत में उत्सुकता बढ़ा दी है। फिल्म इस साल 8 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। इस फिल्म में दिविता को आशुतोष राणा, संजय मिश्रा और गुलशन ग्रोवर जैसे दिग्गज
कलाकारों के साथ स्क्रीन शेयर करते देखा जाएगा और यह अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। पहली फिल्म होते हुए भी दिविता की मौजूदगी में गजब का आत्मविश्वास और स्क्रीन प्रेजेंस झलकती है।
निजी अनुभवों से मेल खाती है फिल्म
दिविता के मुताबिक उन्होंने अपने डेब्यू फिल्म से सबसे बड़ा सबक यह सीखा कि सिनेमा सिर्फ अभिनय नहीं, बल्कि पूरी टीमवर्क, धैर्य और हर शॉट में 100त्न देने का नाम है। उन्होंने सीखा कि तैयारी जरूरी है, लेकिन पर्दे पर जादू तब होता है जब आप उसमें स्वाभाविकता लाते हैं। वे कहती हैं कि ‘हीर एक्सप्रेस’ उनके अनुभवों से मेल खाती है।
पढ़ाई-लिखाई में अव्वल, सोच में अलग
चंडीगढ़ में जन्मी दिविता जुनेजा एक ऐसे परिवार से आती हैं जहां सपनों को उड़ान देने के लिए मजबूत आधार मिला पिता श्री संजीव जुनेजा, मां सारा जुनेजा और छोटे भाई दिवम जुनेजा हमेशा उनके साथ खड़े रहे।
पढ़ाई में शुरू से ही तेज रही दिविता ने अनुशासन, मेहनत और फोकस के दम पर 12वीं बोर्ड में 98.2त्न अंक हासिल कर स्कूल टॉप किया। इस कामयाबी ने न सिर्फ उन्हें मीडिया में जगह दिलाई, बल्कि समाज में एक होशियार, गंभीर और विजनरी युवती के रूप में पहचान भी दी। आज वे पंजाब
विश्वविद्यालय में स्नातक की पढ़ाई के अंतिम वर्ष में हैं।
नाम की कहानी

‘दिविता’ एक ऐसा नाम जो खुद में ही उजास समेटे हुए है। इसका अर्थ है- ‘सूरज की पहली किरण’ और यही भावना उनके जीवन और व्यक्तित्व में भी झलकती है। इस नाम को सिर्फ चुना नहीं गया, बल्कि उनके पिता संजीव जुनेजा ने इसे बड़े विचार, भावनात्मक जुड़ाव और उम्मीदों के साथ
संजोया।
कला के प्रति समर्पण
पढ़ाई के साथ-साथ दिविता की रगों में कला भी उतनी ही गहराई से बहती है। वे एक प्रशिक्षित कथक नृत्यांगना हैं, जिनकी घुंघरुओं की झंकार कई मंच पर तालियां बटोर चुकी है। अपनी कला-यात्रा को अंतरराष्ट्रीय आयाम देते हुए उन्होंने ट्रिनिटी कॉलेज, लंदन से परफॉॄमग आर्ट्स में ग्रेड-3
डिस्टिंक्शन हासिल किया।
समाजसेवा की मिसाल आईकेजे केयर फाउंडेशन
दिविता जुनेजा सिर्फ अपने सपनों तक सीमित नहीं रहीं उन्होंने समाज के सपनों को भी अपनी राह में शामिल किया।उन्होंने ‘आईकेजे केयर फाउंडेशन’ की शुरुआत की, जो महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से काम करता है। यह फाउंडेशन वंचित महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण, आत्मनिर्भरता की दिशा में मार्गदर्शन और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता प्रदान करता है।
वजन घटाने की प्रेरणादायक कहानी
दिविता का बचपन थोड़ा भारी शरीर वाला रहा। 17 वर्ष की उम्र में उनका वजन 76 किलो तक पहुंच गया था। एक दिन खुद को आईने में देखकर उन्होंने बदलाव का निर्णय लिया। 6 महीनों में उन्होंने 12 किलो वजन घटा लिया। फिर उन्होंने एक पर्सनल ट्रेनर और शेफ की मदद ली और
धीरे-धीरे 56 किलो तक आ गईं।
पालतू जानवरों से प्रेम
दिविता को जानवरों से बहुत प्यार है। उनके पास तीन पालतू कुत्ते हैं- टफी (लैब्राडोर), एल्फी (माल्टीज), और मफी (माल्टीज)। पहले टफी को घर लाने का उद्देश्य था दिविता की साइनोफोबिया (कुत्तों का डर) को दूर करना, लेकिन धीरे-धीरे ये तीनों उनके जीवन का हिस्सा बन गए। ये पालतू
जानवर उन्हें नि:स्वार्थ प्रेम, जिम्मेदारी और देखभाल का सही अर्थ सिखाते हैं।
फूड लव- मैक्सिकन कुजीन
दिविता को मैक्सिकन खाना बहुत पसंद है। वे कहती हैं कि टाको, नाचोज, गुआकामोले ये सब उनकी कमजोरी हैं। जब भी वे ट्रैवल करती हैं, वहां की मैक्सिकन डिशेज जरूर चखती हैं।
किताबों का शौक

दिविता ने पहली किताब ‘द पावर ऑफ सब कॉन्शियस’ माइंड पढ़ी, जिसने उन्हें आत्मविश्वास और मानसिक शक्ति के बारे में जागरूक किया। इसके बाद उन्होंने जय शेट्टी की किताब ‘8 रूल्स ऑफ लव’ पढ़ी, जिससे उन्होंने खुद से प्रेम करना और जीवन में पहले प्रभाव का महत्व समझा।
दिविता की पसंदीदा चीजें, जो उन्हें बनाती हैं खास
वे मनी हाइस्ट की फैन हैं और खेलों में उन्हें बैडमिंटन पसंद है। उनके पसंदीदा जगह दुबई और मालदीव हैं। ऋतिक रोशन उनके पसंदीदा अभिनेता हैं और आलिया भट्ट उनकी पसंदीदा अभिनेत्री।
