Overview: सोशल और स्प्रिचुअल नॉलेज के लिए जरूरी है रीडिंग
रीडिंग बच्चों के सामाजिक और आध्यात्मिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण है। नियमित रीडिंग शेड्यूल से बच्चा स्मार्ट और संवेदनशील बनता है।
Reading for Social Knowledge: रीडिंग बच्चों के जीवन और भाषा विकास को पूरी तरह से बदल सकती है। यह एक साधारण लेकिन पॉवरफुल एक्टिविटी है, जो बच्चों के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कम उम्र से बच्चों के रुटीन में रीडिंग को शामिल करना लिटरेसी, कॉन्गनिटिव डेवलपमेंट और सोशल-इमोशनल एजुकेशन जैसी स्किल की मजबूत नींव रखता है। कई रिपोर्ट्स से पता चला है कि जो बच्चे प्रारंभिक वर्षों में रीडिंग में संलग्न होते हैं, उनकी भाषा कौशल में सुधार होता है, वे शैक्षणिक रूप से बेहतर प्रदर्शन करते हैं। किताबें बच्चों को समाज और अध्यात्म से जोड़ने का काम भी बखूबी करती हैं। लेकिन बच्चों में रीडिंग हेबिट को डेवलप कैसे करें। तो चलिए जानते हैं कुछ ऐसे टिप्स के बारे में जो न केवल बच्चे को रीडिंग के लिए प्रोत्साहित करेंगे बल्कि उनके मानसिक विकास में मदद भी करेंगे।
रीडिंग शेड्यूल बनाएं

बच्चे को सबसे पहले ये चीज सिखाना आवश्यक है कि उन्हें जो चीजें सीखनी हैं उनका सभी ढंग से अभ्यास करें। हर दिन अकेले पढ़ने के लिए समय निकालें। बच्चों को रीडिंग की आदत डालने के लिए रोजाना 10-15 मिनट का समय निर्धारित करें। उम्र बढ़ने के साथ धीरे-धीरे इस समय को बढ़ाएं।
जोर से पढ़ना सिखाएं
रीडिंग केवल व्यक्तिगत क्रिया नहीं है, इसे दूसरों के साथ शेयर किया जाता है। शुरुआत में बच्चे को जोर से बोल-बोल कर पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें। जब बच्चा जोर से पढ़ने की प्रैक्टिस नियमित रूप से करेगा तो यकीनन उनकी रीडिंग हेबिट डेवलप होगी। यह प्रक्रिया उन्हें अक्षरों के ध्वनियों को समझने में मदद करती है।
पसंद की आजादी दें
बच्चों को उनकी रुचि और उम्र के अनुसार किताबें, पत्रिकाएं या मॉन्टेसरी-फ्रेंडली किताबें चुनने दें। जानवरों की कहानियों वाली किताबें बच्चों का ध्यान आकर्षित करती हैं। शुरुआत में बच्चे को छोटी-छोटी कहानियों वाली किताबें दें। इससे बच्चे में पढ़ने का इंट्रेस्ट बना रहेगा। पेरेंट्स बच्चे पर अपनी मर्जी न थोपें।
बच्चे से सवाल करें
आपका बच्चा सही ढंग से पढ़ रहा है या नहीं इसके बारे में भी पता होना चाहिए। पढ़ने के बाद बच्चों से सवाल पूछें, जैसे “आगे क्या होगा?” या “डायनासोर के साथ क्या हुआ?” इससे उनकी तार्किक सोच बढ़ती है। साथ ही बच्चा मन लगाकर कहानियों को पढ़ेगा।
विजुअल एड्स का उपयोग

बच्चे की रीडिंग हेबिट को डेवलप करने के लिए उसे चित्रों यानी विजुअल एड्स वाली किताबें दें। चित्रों और इलस्ट्रेशन्स वाली किताबें बच्चों को पढ़ने में रुचि बढ़ाती हैं और जानकारी को याद रखने में मदद करती हैं। ऐसी कई किताबें हैं जिनमें चित्र होते हैं और उनका मुख्य उद्देश्य बच्चे को विभिन्न प्रकार के शब्द सिखाना है।
सोने से पहले पढ़ें
किताबों में इंट्रेस्ट जगाने के लिए बच्चे को बचपन से ही बैड टाइम स्टोरी सुनाएं। यह उनकी रीडिंग हेबिट को मजबूत करता है। अपने बच्चे को उनकी उम्र और लेवल के अनुसार किताबें खरीद कर दें और उन्हें पढ़कर सुनाएं। जिसमें सोशल और स्प्रिचुअल जानकारी हो।
किताबों के अलावा अन्य तरीके
बच्चों को सड़क पर साइनबोर्ड पढ़ने या रेसिपी पढ़ने जैसे मजेदार तरीकों से रीडिंग की प्रैक्टिस कराएं। इससे बच्चे की रीडिंग स्किल में सुधार होगा और चीजों को याद रखेगा। अपने बच्चे को ड्राइव करते समय जोर से पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें ताकि बच्चा जल्दी-जल्दी शब्दों को पढ़ सके।
लाइब्रेरी जाएं
बच्चों को लाइब्रेरी ले जाएं, जहां वे अपनी उम्र और रुचि के अनुसार किताबें चुन सकें। ये एक ऐसा स्थान है जहां बच्चा अपनी पसंद की किताबें ढूंढ सकता है और घंटों उनके साथ समय बिता सकता है।
