Summary: वजन घटाने की सर्जरी से जुड़े जोखिमों की असली तस्वीर
बैरिएट्रिक सर्जरी को लेकर समाज में कई तरह के मिथक फैले हुए हैं, जो मरीजों को सही समय पर इलाज लेने से रोकते हैं। सच्चाई यह है कि यह कोई जादुई उपाय नहीं, बल्कि एक वैज्ञानिक और सुरक्षित चिकित्सा प्रक्रिया है, जो वजन घटाने के साथ-साथ मोटापे से जुड़ी गंभीर बीमारियों के खतरे को भी कम करती है।
Weight Loss Surgery Myths: मोटापा आज केवल खूबसूरती से जुड़ा मुद्दा नहीं रहा, बल्कि यह डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, स्लीप एपनिया, जोड़ों के दर्द और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों की जड़ बन चुका है। इसके बावजूद, जब वजन घटाने की सर्जरी यानी बैरिएट्रिक सर्जरी की बात आती है, तो कई मरीज केवल मिथकों और गलत धारणाओं के कारण सही समय पर इलाज लेने से हिचकिचा जाते हैं। आइए नई दिल्ली के शालीमार बाग स्थित फोर्टिस हॉस्पिटल के रोबोटिक बैरिएट्रिक लैप्रोस्कोपिक डिपार्टमेंट के डायरेक्टर डॉ. पंकज शर्मा से जानते हैं वेट लॉस सर्जरी को लेकर फैले भ्रम के बारे में।
मिथक 1: एक आसान शॉर्टकट है वजन घटाने की सर्जरी

कई लोग मानते हैं कि सर्जरी करवाना मतलब मेहनत से बचना है। जबकि सच्चाई यह है कि बैरिएट्रिक सर्जरी कोई जादुई उपाय नहीं है। यह एक वैज्ञानिक और चिकित्सकीय प्रक्रिया है, जो शरीर के मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाती है। सर्जरी के बाद भी मरीज को संतुलित आहार, नियमित एक्सरसाइज और लाइफस्टाइल में बदलाव अपनाना पड़ता है। यह एक ‘रीसेट बटन’ की तरह है, किसी भी तरह का शॉर्टकट नहीं।
मिथक 2: जोखिम भरी है यह सर्जरी
आज की चिकित्सा तकनीक ने सर्जरी को पहले की तुलना में काफी ज्यादा भरोसेमंद बना दिया है। रोबोटिक और लैप्रोस्कोपिक तरीकों की वजह से अब ऑपरेशन के दौरान बड़े चीरे लगाने की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे दर्द कम होता है और मरीज जल्दी ठीक हो पाता है। यदि सर्जन अनुभवी हो और सभी जरूरी जांचें सही समय पर कर ली जाएं, तो यह प्रक्रिया सामान्य रूप से सुरक्षित मानी जाती है। कई बार देखा गया है कि मोटापे से जुड़ी गंभीर बीमारियों का खतरा, सर्जरी से जुड़े संभावित जोखिमों से कहीं ज्यादा होता है।
मिथक 3: सर्जरी के बाद रहती है हमेशा कमजोरी

यह भी एक आम धारणा है कि सर्जरी के बाद शरीर कमजोर हो जाता है। वास्तव में, सही डाइट और फॉलो-अप के साथ मरीज पहले से अधिक एनर्जी अपने अंदर महसूस करते हैं। वजन कम होने के साथ डायबिटीज और ब्लड प्रेशर जैसी समस्याओं में सुधार आता है।
मिथक 4: सर्जरी के बाद दोबारा बढ़ जाता है वजन
यदि मरीज डॉक्टर की सलाह के अनुसार डाइट और लाइफस्टाइल को फॉलो करता है, तो वजन लंबे समय तक नियंत्रण में रहता है। सर्जरी केवल शुरुआत है, परिणाम मरीज और मेडिकल टीम से मिलते हैं।
मिथक 5: यह कराई जाती है केवल दिखावे के लिए
वजन घटाने की सर्जरी का उद्देश्य केवल बाहरी रूप में बदलाव नहीं है। इसका मुख्य लक्ष्य स्वास्थ्य में सुधार और गंभीर बीमारियों से बचाव है। कई मरीजों में डायबिटीज पूरी तरह नियंत्रित हो जाती है या दवाइयों की आवश्यकता कम हो जाती है।
अक्सर मरीज तब तक इंतजार करते हैं जब तक उनकी स्थिति गंभीर न हो जाए। लेकिन सही समय पर विशेषज्ञ से सलाह लेना ही समझदारी है। मोटापा एक बीमारी है, और इसका इलाज भी वैज्ञानिक तरीके से ही होना चाहिए। बैरिएट्रिक सर्जरी डर का विषय नहीं, बल्कि जीवन को दोबारा स्वस्थ दिशा देने का अवसर है। सही जानकारी, सही मार्गदर्शन और मरीज की कमिटमेंट के साथ न केवल वजन कम किया जा सकता है, बल्कि जीवन को कई गुना बेहतर बनाया जा सकता है।
