Obesity
Obesity And Skin Problems Credit: Istock

Overview: मोटापे बन सकता है स्किन प्रॉब्‍लम का कारण

मोटापा स्किन हेल्‍थ को कई तरह से प्रभावित करता है। नियमित स्किन केयर रुटीन से इन समस्याओं को कंट्रोल किया जा सकता है।

Obesity and Skin Health: मोटापा एक ऐसी समस्‍या है जिसका शिकार हर पांच में से तीन लोग ह‍ैं। खासकर महिलाओं की संख्‍या पुरुषों की अपेक्षा कहीं अधिक है।  मोटापा केवल शरीर में अतिरिक्त चर्बी का जमाव नहीं है, बल्कि यह हमारे त्‍वचा या स्किन को भी प्रभावित करता है। त्वचा, जो हमारे शरीर का सबसे बड़ा अंग है, मोटापे के कारण कई समस्याओं का शिकार हो सकती है। काले धब्बे, झुर्रियां, और अन्य त्वचा संबंधी समस्याएं मोटापे से जुड़ी हो सकती हैं। मोटापा त्वचा को कैसे प्रभावित करता है और इससे बचाव के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं, चलिए जानते हैं इसके बारे में।

स्किन में सिलवटें

Wrinkles in the skin
Wrinkles in the skin

मोटापे के कारण शरीर में एक्‍स्‍ट्रा चर्बी जमा होने से त्वचा में सिलवटें बढ़ जाती हैं। इन सिलवटों में घर्षण के कारण फंगल रैशेज या त्वचा संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है। यह समस्या खासकर उन क्षेत्रों में देखी जाती है जहां त्वचा आपस में रगड़ती है, जैसे जांघों या बगल में।

स्किन में ड्रायनेस

मोटापे से ग्रस्त लोगों में त्वचा का सूखापन या ड्रायनेस एक आम समस्या है। कम नमी के कारण त्वचा रूखी और बेजान दिखने लगती है जिसके परिणामस्‍वरूप वह प्राकृतिक चमक खो देती है।

ब्‍लड फ्लो में बदलाव

मोटापा स्किन के माइक्रोसर्कुलेशन को प्रभावित करता है। शोध के अनुसार मोटापे के कारण त्वचा में लालिमा, रक्त प्रवाह में बदलाव और रैशेज हो सकते हैं। यह त्वचा को अस्वस्थ और असमान बना सकता है।

स्ट्रेच मार्क्स

मोटापा त्वचा के मुख्य संरचनात्मक प्रोटीन व कोलेजन को प्रभावित करता है। इससे त्वचा में लचीलापन कम हो जाता है, जिसके परिणामस्वरूप स्ट्रेच मार्क्स बढ़ जाते हैं। इसके अलावा, मोटापे के कारण घाव भरने की प्रक्रिया भी धीमी हो सकती है जिससे त्वचा की समस्याएं और गंभीर हो सकती हैं।

सोरायसिस

Psoriasis
Psoriasis

सोरायसिस एक दीर्घकालिक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें त्वचा पर लाल, पपड़ीदार धब्बे बनते हैं। मोटापा सोरायसिस के जोखिम को बढ़ाता है और इसे और गंभीर बना सकता है। मोटापे से होने वाली सूजन इस स्थिति को और बिगाड़ सकती है।

मुहांसे

मोटापा हार्मोनल असंतुलन का कारण बन सकता है, जिससे त्वचा में तेल का उत्पादन बढ़ जाता है। इससे रोम छिद्र बंद हो जाते हैं और मुहांसे होने की संभावना बढ़ जाती है।

मोटापे से होने वाली स्किन प्रॉब्‍लम से बचाव

– फल, सब्जियां, साबुत अनाज और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर आहार सूजन को कम करने में मदद करता है। यह त्वचा की समस्याओं, जैसे सोरायसिस और मुहांसों, को नियंत्रित करने में सहायक होता है।

– स्‍टडी के अनुसार वजन कम करने से भी त्वचा के स्वास्थ्य में काफी सुधार हो सकता है। वजन कम करने से सोरायसिस और मुहांसों जैसी पुरानी त्वचा समस्याओं का जोखिम कम होता है।

– पर्याप्त मात्रा में पानी पीना त्वचा में नमी बनाए रखने में मदद करता है। यह त्वचा के सूखेपन को रोकता है और उसकी प्राकृतिक चमक को बनाए रखता है।

– त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए मॉइस्चराइजर का उपयोग करें और सनस्क्रीन लगाकर धूप से बचाव करें। त्वचा की नियमित सफाई और देखभाल सिलवटों में होने वाले संक्रमण को रोकने में मदद करती है।