Motivational Story in Hindi: चारों तरफ एक सन्नाटा सा छाया हुआ था तभी ख़ामोशी को चीरते हुए जज साहब की आवाज़ मेरे कानो मे तीर की तरह चुभते हुए मेरे दिल की धड़कनो को तेज़ कर देती है lमेरी साँसे बहुत तेज़ चलने लगती है l
जज साहब क्या? बोलने वाले ये तो मुझे एहसास था ही फिर भी मेरा दिल बैठा जा रहा था काश कोई चमत्कार हो जाए, और मेरी दुनियाँ जो बिखर रही है वो बच जाए मेरा दिल चीख चीख कर कह रहा था काश काश ऐसा हो जाए
पर बहुत जल्द ही मेरा ये भरम टूट गया, जज साहब ने बोलना शुरू किया दोनों पक्षों की दलीले सुने के बाद ये फैसला लिया जाता है की ये दोनों एक दूसरे के साथ ज़ब नहीं रहना चाहते है तो अलग ही होना ठीक रहेगा, इन दोनों का डाइवोर्स मंजूर किया जाता है | मै तो ये सुन कर ही बेंच पर गिर पड़ा एक नज़र मैंने कल्पना को देखा उसके चेहरे पर ख़ामोशी थी वो भी बैठ जाती है एक दम खामोश बेजान सी,
कोर्टरूम से सब लोग जा चुके थे बस मै और कल्पना ही बैठे रह गए बीते हुए यादों के झरोखे एक के बाद एक मेरी आँखो के सामने आने लगे, एक साल पहले ही की तो बात है मेरी और कल्पना की शादी हुई थी उस वक़्त मै कितना ख़ुश था मुझे अपनी किस्मत पर नाज हो रहा था इतनी सुन्दर और सुशील पत्नी जो मिली थी ऐसा कौन होगा जिस को एक अप्सरा को पा कर खुद पर घमंड ना हो,
मेरे दोस्त जो ऊपर से मेरी वाह वाही कर रहे थे अंदर से रंजोग़म से भरे हुए थे उनकी इस जलन को देख कर मै अंदर ही अंदर ख़ुशी से फुले नहीं समां पा रहा था | कल्पना की माँ ने मुझे अपनी बेटी का हाथ मेरे हाथ मै देते हुए बोला बेटा मेरी बेटी बहुत नाज़ो से पाली बड़ी है थोड़ी सी नादान है इससे कोई गलती हो जाए तो माफ कर देना उनको मैंने भी बड़े फ़क्र से बोला अरे ! मम्मी जी कोई बात नहीं ये बेटी है तो मै भी आप का ही बेटा हुँ आप को शिकायत का एक भी मौका नहीं दूँगा आप देख लेना मै बहुत ख़ुश रखुगा इनको,
सब रसमों के बाद हम दोनों घर आ गए, मेरे माँ बाप नहीं थे घर मै और काका रहते थे काका हमारे बहुत पुराने नौकर थे उन्होंने ही मुझे पाला था मै भी उन्हें बाप का दर्जा देता था आज तक कभी नौकर नहीं समझा, उन्होंने ही हम दोना का स्वागत किया और कल्पना को कमरे मे ले गए कमरे मे आते ही उसने अपने कपडे ज़ेवर सब उतर फेके जैसे बोझ हो उसके लिए और दरवाजा बंद कर के सो गई,,
ज़ब मै कमरे मे आया तो दरवाजा बंद देखा धीरे से खटखटाया ज़ब दस मिनट तक नहीं खोला तो मै ने सोचा कोई नहीं सो गई होंगी मै भी दूसरे कमरे मे जा कर सो गया, सुबह उठा तो देखा वो नहा कर आई थी नीली रंग की साड़ी, खुली हुई जुल्फ़े, नैनो मे काजल, हाथो मे चूड़ी,
मै तो देखते ही दिल को थम लिया हाय ! आज तो ये मुझे अटैक दे देगी मार ना जाऊं कही मै तो गया आज,
ओहहह भाई…… कोई तो रोक लो ये तो कहर ढा रही है
धीरे धीरे इतराता हुआ मे आगे बढ़ने लगा जैसे ही उसके पास गया उस का हाथ को बड़े ही प्यार से पकड़ा मन किया की चूम लू पर उस ने हाथ झटक दिया और वो मेरे ऊपर ज़ोर से चिल्लाई क्या कर रहे है आप ये…..
आप मुझे से प्लज़ दूर ही रहे तो अच्छा होगा आपके लिए भी और मेरे लिए भी मेरा दिल अंदर तक काँप गया ये क्या बोल रही है मै उसको देखता का देखता रह गया उसकी आँखे गुस्से मे लाल हो गई थी मै बिना कुछ बोले वहां से चला गया, सोचने लगा ऐसा क्यों बोला इसने क्या बात है इसकी मर्जी नहीं थी शादी की तो नहीं करती, शादी के बाद तो पति का पूरा हक़ होता है पत्नी पर, एक ये है जो हाथ तो क्या पास भी नहीं आने देती है कुछ पल मे ही मेरी किस्मत ऐसे बदलेंगी मुझे पता नहीं था कल तो मेरी ख़ुशी का ठिकाना नहीं था आज वो गम मे बदल गई |
मैंने क्या क्या सपने सजाये थे अपनी लाइफ पार्टनर के लिए इसको पा कर खुद को खुशकिश्मत समझ रहा था पर लगता है शायद मुझे से बदनसीब इंसान और कोई नहीं है, इतनी खूबसूरत बीवी मिली है वो भी सजाने के लिए नाम की शादी हुई है मेरी तो मुझे प्यार करने का भी हक़ नहीं है पास भी नहीं जा सकता, जाते ही ये तो कटाने को दौड़ती है l
जैसे जैसे वक़्त बीतता गया कल्पना का रवैया मेरे प्रति बिखड़ता ही रहा मैंने भी इसे ही अपनी किस्मत मान ली और सोचा ऐसे ही रहना है तो रह लुगा पूरी ज़िन्दगी पर सामने तो रहेगी मेरे इससे दूर रहने का तो मै ख्याल भी नहीं कर सकता, मैंने भी उसे कभी कोई कमी नहीं होने दी पति होने का हर फर्ज़ पुरे किए वो चाहे या ना चाहे उसकी जरुरत का हर समान उस के पास होता था इस बात का भी ख्याल रखा की उसे मुझे से कभी भी कुछ मांगना ना पड़े l
कभी उससे पूछा भी नहीं की वो मेरे साथ ऐसा क्यों करती है lआखिर मेरी क्या गलती है या फिर किसे और से शादी करनी थी अगर ऐसा है तो मै बीच मे से हट जाऊंगा, पर मुझे से कुछ बोले तो सभी एक बात तक तो करती नहीं है मेरे आते ही कमरे मे चली जाती है काका से तो अच्छे से बात करती है हँसती है मुझे मे क्या कीड़े पड़े हुए है जो बात तो क्या देखती तक नहीं है l
एक दिन हिम्मत कर के उससे पूछ ही लिया सुनो मुझे तुम से बात करनी है उसने कहाँ बोले मैंने बोलना शुरू किया ये शादी क्या तुम्हारी मर्जी से नहीं हुई है अगर तुम्हे कोई और पसंद है तो बता दो मै वादा करता हुँ, तुम्हारी शादी उससे करा दूँगा ये सुनते ही वो और मुझ पर भड़क गई चुप हो जाइए आप क्या अनाप सनाप बोले जा रहे है मेरी लाइफ मे ना तो कभी कोई आया है ना ही कभी कोई आ सकता है l
मेरे दिल मे किसी के लिए कोई जगह नहीं है समझे आप
मे बोला फिर ऐसा क्यों करती हो तुम मेरे साथ तुम्हारा व्यवहार मुझे समझ नहीं आता है आखिर तुम क्या चाहती हो ऐसा कब तक चलेगा उसने कहाँ ooohhhhhh…..
ऐसा है तो मुझे छोड़ दे, आप मेरे दिल मे आप के लिए कोई जगह नहीं है उस से मुझे इस जवाब की उम्मीद बिलकुल नहीं थी ये ऐसा कुछ बोलेगी क्या करता उसकी माँ से वादा किया था वो मै आज भी निभा रहा हुँ,
चुपचाप से आ कर अपने कमरे मे बैठ गया इसकी लाइफ मे कोई है नहीं फिर क्यों ये ऐसा करती है मेरी तो कुछ समझ ही नहीं आ रहा है माँ से पुछु तो उनको तकलीफ होगी ये सब सुन कर कही कुछ हो ना जाए उन्हें, नहीं नहीं
उनसे मे कुछ नहीं बोल सकता कभी भी नहीं ऐसे ही अपना जीवन काट लेंगें , क्या पता कब इसका मन हो ये सब मुझे बताये ऐसा क्यों करती है क्या वजह है जो किसी को ये अपने पास नहीं आने ही नहीं देती कुछ तो हुआ है इसके साथ अब मे इससे कुछ नहीं पूछूँगा ज़ब तक ये खुद नहीं बता देती l
ऐसे ही वक़्त गुजरता जा रहा था अपने ही घर मे अजनबियों की तरह रहना पड़ रहा था एक दिन मै अपने ऑफिस का काम कर रहा था मैडम जी दनदनाती हुई कमरे मे आई और बोली मुझे अब आप के साथ नहीं रहना है मुझे आप से तलाक चाहिए क्यों मैंने ऐसा क्या कर दिया अब जो ये बोल रही हो नहीं अब आप मुझे जाने दे मै यहाँ नहीं रह सकती अरे ये तो बताओ हुआ क्या है अखिर किसी ने कुछ कहाँ है मेरी किसी बात का बुरा लगा है,
ऐसा कुछ नहीं है अब मुझे यहाँ से जाना है मै अब जाना चाहती हुँ मैंने बहुत समझाने की कोशिश की ज़ब नहीं मानी तो बोला अच्छा ठीक है ये तो बताओ कहाँ जाना है तुम्हे यहाँ से, बोली मै अमेरिका जाना चाहती हुँ, अब वाही रह कर कुछ कर लुंगी यहाँ रहना मेरा मुश्किल हो रहा है पर वजह तो बता दो पर उसने नहीं बताया और चली गई मै सोचने लगा अब क्या हुआ इसको ज़ब मै पूरी ज़िन्दगी ऐसे ही रह सकते हुँ तो यहाँ रहने मे क्या बुराई है l
मेरा दिल नहीं मन रहा था इससे अलग होने को प्यार जो करता था इससे इतना, ये करें या ना करें, पर मेरा दिल बैठा जा रहा था इससे अलग होने के नाम से ही, कभी इससे अलग होने की मैंने सोचा ही नहीं था मुझे तो ऐसे ही जीने की आदत हो गई है क्या इसको कोई फर्क नहीं पड़ता इतने दिन हो गए साथ रहते हुए एक बार भी इसका दिल मेरे लिए नहीं पिघला, क्या मै इतना बुरा हुँ l
प्यार नहीं कर सकती तो ना करें कम से कम साथ तो रह लेती मेरे, मै तो इसमें ही ख़ुश था कभी कोई शिकायत नहीं की इससे फिर भी ये सब, पर मैडम की ये ही इच्छा है तो ये ही सही पूरी तो करनी ही है तभी घंटे की आवाज़ से मेरा ध्यान टूट जाता है और मै होश मे आता हुँ उसको देखता हुँ वो अभी ऐसे ही बैठी होती है उसको देख कर आज मुझे लगा जैसे इसको भी दुख है मुझे से दूर जाने का अरे ! मैं भी ना पगला ही हुँ क्या क्या सोच रहा हुँ ऐसा कभी नहीं हो सकता होता तो आज हम दोनों यहाँ नहीं बैठे होते,
मै धीरे धीरे उठा और उसकी तरफ बड़े ही भरी क़दमों से चलने लगा उसके पास जाकर मै घुटनों पर बैठ गया उसके हाथ को अपने हाथो मे ले कर एक दबी हुई आवाज़ मे बोलना शुरू किया, कल्पना मैंने कभी नहीं सोचा था तुम से अलग रहने का मैंने तो खुद को मना लिया था ऐसे ही रह लुँगा तुम्हारे साथ, कभी कोई शिकायत भी नहीं करुँगा
कोई हक़ नहीं जताऊगा तुम पर अपना ज़ब से तुम आई हो मेरे जीवन मे मैंने तुम से ही प्यार किया है हमारे बीच कुछ नहीं है फिर भी मेरे लिए बहुत कुछ है प्यार ना होते हुए भी तुम से प्यार है मै ये सब नहीं कहने आया हुँ,
मै बस इतना चाहता हुँ तुम हमेशा ख़ुश रहो पर कभी भी तुम्हे मेरी जरुरत हो तो एक बार आवाज़ दे देना मुझे अपने सामने ही पाऊंगी, वो सुनती रही कुछ बोली नहीं मै खड़ा हो गया और उसको बोला चले घर आज रात उस घर मे तुम्हारी आखरी रात है कल से तो बोलता हुआ मेरा गला भर आया मै चुप हो गया………
तुम्हारी कल की फिलाइट है सब तैयारी कर लेना तुम,
अब चले, वो खड़ी हो गई दोनों कोट से बाहर आ गए दोनों के बीच एक अजीब सी ख़ामोशी थी उसके चेहरे पर भी उदासी की लकीरें साफ दिख रही थी पर वो छुप थी l
घर आ गए वो कमरे मै चली गई मै वाही बैठ गया वो समान पैक कर रही थी मै उसके पास गया और उसे कुछ पेपर दिए ये कुछ पेपर है इनको भी रख लो काम आएंगे
ये क्या है उसने बोला, मै बोला ये वहां के मकान के पेपर है जो मैंने तुम्हारे नाम से ले लिया है ये बैंक की पासबुक और चेकबुक है इसमे मैंने पैसे डाल दिए है तुम को वहां कोई परेशानी नहीं होगी आराम से रह सकती हो और एक छोटा सा ऑफिस भी खोल दिया है जिस की तुम मालकिन हो वहां के मैनेजर को बता दिया है वो तुम्हे सब काम समझा देगा अगर फिर भी कोई परेशानी हो तो मुझे कॉल कर देना मै आ जाऊंगा l
उसने बोला आप ये सब क्यों कर रहे है मेरे लिए मेरी फ़िक्र ना करें मै सब देख लुंगी वहां, मै बोला क्यों फ़िक्र ना करू मेरे होते हुए तुम्हे इतनी सी भी परेशानी हो ये मै नहीं देख सकता हुँ वो बोली क्यों करते है आप मुझे से इतना प्यार मैंने तो कभी आप से सीधे मुँह बात तक नहीं की आप को कभी समझा भी नहीं हर बार आपको ज़लील किया है और एक आप है की मेरे लिए इतना सब कर रहे है ज़ब से इस घर मे आई हुँ आप ने कोई कमी नहीं आने दी हैl
मेरी पसंद नापसंद का पूरा ख्याल रखा है मेरे कमरे मे किस चीज की जरूरत है मेरे से पहले आप को पता लगता है कहने को तो आप इस कमरे मे आते नहीं है फिर भी मेरी छोटी से छोटी बड़ी से बड़ी बात आप को पता है मेरे बोलने से पहले ही मेरे सामने वो हाजिर कर देते हो कैसे पता चलता है आप को मुझे अभी तक समझ नहीं आया है
कोई इंसान किसी से इतना प्यार कर सकता है मुझे यकीन नहीं होता और मैंने आपसे तलाक की बोला वो भी दे दिया मेरी ख़ुशी के लिए बिना किसी शिकवे शिकायत के एक ओफ़ भी नहीं निकली अपने और अब ये सब मुझे वहां कोई परेशानी ना हो उसका भी आप ने पूरा इंतजाम कर दिया है l
ये कहते हुए वो ज़ोर ज़ोर से रोने लगी मुझ से उसे देखा ना गया उसे अपने पास बैठाया और उसके आँसू पूछते हुए बोला ये सब मै खुद नहीं जानता पर इतना तुम ने मुझे बेरुखी दिखाई उतना ही नजाने मै और खींचा चला आया पहले नफ़रत होती थी तुम्हारे बर्ताव से ये नफरत कब प्यार मै बदल गई खुदही नहीं पता चला मेरी ज़िन्दगी का बस एक ही मकसद रहे गया था यहाँ पर तुम्हे कोई परेशानी या किसी चीज की कमी ना हो खुद को इस तरह से रहने ही आदत भी डाल ली थी मैंने हमेशा ये ही चाहा था तुम हर पल मेरे साथ ना सही पर मेरे पास तो रहो मेरा दिल को तुम्हे दूर से ही देखने मै सुकून मिल जाता था पर वहां तो मै पास नहीं हुंगा ना इसलिए बस ये ही चाहता हुँ एक लम्हा भी तुम किसी चीज के लिए परेशान ना हो तुम्हारे चेहरे पर हलकी सी शिकन मुझे अंदर तक परेशान कर जाती है l
मै तुम्हे ख़ुश देखना चाहता हुँ अगर तुम मेरे बिना ख़ुश रह सकती हो तो मै ये भी कर लुँगा मेरा दिल इस बात को नहीं मानता पर तुम्हारे आगे मुझे सब कबूल है, जानती हुँ मुझे भी आप का प्यार, आपकी फ़िक्र देखती है कभी ना कभी आप का प्यार मेरी नफरत पर हावी हो रहा है ना चाहते हुए भी मेरे दिल मे आपके लिए जगह बनती जा रही है l
इसलिए ही तो मै आप से दूर जाने की सोच ने लगी थी
कही कही…… वो रोक जाती है बोलते बोलते
कही तुमको भी मुझे प्यार ना हो जाए तुम्हारी नफ़रत के आगे मेरा प्यार जीत ना जाए इसलिए यहाँ से भाग रही हो ये तो अच्छी बात है ना इसमें बुराई क्या है क्यों तुम मर्दजात से इतनी नफ़रत करती हो क्यों मुझे से दूर दूर रहती हो l
वो कहना शुरू करती है मेरे पापा मेरी मामी को बहुत जलील करते थे हर वक़्त उन्हें नीचा देखने की कोशिश मे लगे रहते थे उन्हें बेटा चाहिए था बेटी हो गई माँ को कुछ परेशानी की वजह से वो दुबारा माँ नहीं बन सकती थी इसलिए इस बात का गुस्सा वो माँ और मुझे पर निकलते थे आज तक उन्होंने मुझे से प्यार से बात करना तो दूर देखा तक नहीं है माँ मेरा ख्याल रहती थी तो उन्हें जलीकटी सुनते मुझे ना ही कभी कही ले जाते थे ना ही ज़ब कोई आता था घर पर तो मुझे शक्ति से मना किया जाता था की मै अपने कमरे मे ही रहुँ बाहर आई तो मेरी खेर नहीं,
एक बार मै कॉकरोच से डर गई और माँ माँ चिल्लाती हुई नीचे आ गई ज़ब तो पापा ने कुछ नहीं कहाँ पर बाद मे मेरे पैरो को जला दिया क्यों की मै इनसे ही भागते हुए आई थी ना उस वक़्त मेरी उम्र चार साल की थी माँ ने उन्हें रुका तो माँ के भी हाथ जला दिए माँ और मुझे ज़ब से रोज़ उस गलती की सजा देते थे जो प्यार पहले माँ के लिए था वो नफरत की भेट चढ़ गया वो हमारे लिए एक जल्लाद से कम नहीं थे l
ज़ब मै थोड़ी बड़ी हुई तो माँ ने कैसे भी कर के मुझे घर से बाहर हॉस्टल मे भेज दिया ताकि मै पापा के कहर से बच जाऊ पर माँ रोज़ ही उस आग मे जलती रही आप को बता भी नहीं सकती उस वक़्त हम कैसे तड़पे है, हमें माँ की फ़िक्र रहती थी पता नहीं पापा माँ के साथ किया सलूक कर रहे होंगे बस ज़ब से हमें मर्दजात से नफरत होने लगी हर शख्स मे मुझे मेरे पापा दिखाई देते थे मै हर इंसान से नफ़रत करने लगी बड़े होते होते ये नफ़रत इतनी बढ़ गई l
आपसे शादी नहीं करना चाहती थी तो पापा ने माँ को धमकी दी अगर मैंने मना किया तो पापा माँ को जान से मार देंगे इसलिए मुझे ये शादी करनी पड़ी l मेरी नफरत आप के लिए भी और बढ़ गई आप भी मेरे पापा की तरह होंगे इसलिए आप को पास आने दूँ इसका तो सवाल ही नहीं उठता पर आज आप ने मुझे तोड़ दिया इतनी नफ़रत की मैंने और आप ने उसका जवाब प्यार दिखाकर ही दिया आज मुझे समझ नहीं आ रहा है मै क्या करू यहाँ से जाना मेरे लिए पहले ही मुश्किल हो रहा था आप ने उसे और बड़ा दिया ये सब बोलते हुए वो इतनी रो रही थी मै बस एक टक उसकी बातें सुनता जा रहा था उसे के दर्द को महसूस कर अंदर ही अंदर काँप रहा था सोच रहा था इसने ये सब तो सहा है मुझे उस पर और प्यार आ रहा था मैंने बिना कुछ सोचे उसको पकड़कर गले से लगा लिया l
बहुत देर तक वो भी मुझे से ऐसे ही चिपकी रही सुबकती रही और मै बस उस के सर को सहलाता रहा मेरी भी हिम्मत नहीं हो रही थी की उससे कुछ बोल सकू इतने दर्द भरा हुआ था उसके सीने मे आज अश्कों मै बह जाने दो आज इतने सालो का दर्द जो वो सेह रही थी आज उस का ज्वालामुखी फूट पड़ा था इसको भी थोड़ा सुकून मिल जाएगा आज तो मुझे भी कही ना कभी राहत मिली थी जो मै इतने दिनों से परेशान था आखिर क्या हुआ था इसके साथ आज मुझे पता चल चुका था l
आज मुझे इससे जो गिला थी थोड़ी सी, वो भी खत्म हो गई थी इसकी ज़िन्दगी मे बचपन से इतना सब हुआ हो
उस का क्या हाल होगा ये मै समझ सकता हुँ अब डर था तो इस बात का की कही ये मुझे छोड़ कर चली तो नहीं जाएंगी ना मेरा गला भी भरा हुआ था मै उससे बस इतना ही बोल पाया कल्पना मुझे छोड़कर तुम कही नहीं जाऊं,
यही पर रहो मेरे साथ मेरे पास मुझे तुम्हारी नफरत भी अच्छी लगती है मै मार जाऊंगा तुम्हारे बिना, उसने भी बोला कही नहीं जाऊगी मै अब आप को छोड़कर यही आप के पास ही रहूँगी अगर मै अब गई तो पूरी ज़िन्दगी खुद को माफ नहीं कर पाऊंगी मुझे भी आपकी ना चाहते हुए भी आदत हो गई है इतना प्यार करने वाले का दिल दुखा कर अगर गई तो भगवान भी मुझे कभी माफ नहीं करेगा ये सुनने की मुझे उम्मीद नहीं थी एक बार तो मेरे कानो को यकीन ही नहीं हुआ ये क्या बोल दिया इसने,
मैंने फिर पूछा क्या कहाँ तुमने फिर से कहना कही मैंने गलत तो नहीं सुना ना, नहीं जी आप ने ठीक ही सुना है
उसने डाइवोर्स के पेपर बैग मे से निकले और फाड़ दिए
और फिर से मेरे गले लग गई और बोली हो गया यकीन या नहीं मै कही नहीं जा रही अब आप को छोड़कर………
आज मै बहुत ही सुखद अनुभव महसूस कर रहा था आखिर मेरा प्यार जीत गया मेरी ख़ुशी का ठिकाना नहीं था जो कुछ वक़्त पहले मै गम मे डूबा हुआ था अब प्यार के सागर मे गोते खा रहा हुँ जो मैंने एक साल दर्द मे अकेले पन मे गुजरे थे आज इस लम्हें के आगे बहुत कम लग रहे है ऐसा लग रहा है जैसे मेरे हर जख्मों पे जो मैंने खाएं थे उस पर मरहम लग गया हो मुझे मेरा अपना घर,
प्यारा सा घर बनता हुआ नज़र आ रहा है जिस का कभी मैंने सपना सजोया हुआ था मेरी डूबती हुई, नैया को मानो किनारा मिल गया हो एक प्यार के हलके से झोंके का सहारा मिल गया हो……………
