Urine Leakage Treatment
Urine Leakage Treatment

Overview:

दुनियाभर में करीब 25% से 45% तक महिलाएं यूरिन लीकेज यानी यूरिनरी इनकॉन्टिनेंस से पीड़ित हैं। उम्र के साथ यह समस्या बढ़ने की आशंका भी बढ़ जाती है। 65 साल से ज्यादा उम्र की करीब 75% तक महिलाएं इस समस्या का सामना करती हैं।

Urine Leakage Treatment: हंसते-छींकते समय या फिर व्यायाम के दौरान यूरिन का लीक होना हर महिला के लिए शर्मिंदगी का कारण बन सकता है। यूरिन लीकेज महिलाओं में होने वाली एक आम समस्या है। यह उम्र के साथ बढ़ने की आशंका रहती है। हालांकि अपनी लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव करके आप इसे काफी हद तक कंट्रोल कर सकते हैं।

लाखों महिलाएं हैं पीड़ित

Urine Leakage Treatment-कई शोध बताते हैं कि मेनोपॉज के बाद 44% से 57% महिलाओं में यूरिनरी इनकॉन्टिनेंस होने का डर रहता है।
Many studies suggest that 44% to 57% of women face the risk of urinary incontinence after menopause.

दुनियाभर में करीब 25% से 45% तक महिलाएं यूरिन लीकेज यानी यूरिनरी इनकॉन्टिनेंस से पीड़ित हैं। उम्र के साथ यह समस्या बढ़ने की आशंका भी बढ़ जाती है। 65 साल से ज्यादा उम्र की करीब 75% तक महिलाएं इस समस्या का सामना करती हैं। कई शोध बताते हैं कि मेनोपॉज के बाद 44% से 57% महिलाओं में यूरिनरी इनकॉन्टिनेंस होने का डर रहता है।

ये हैं यूरिन लीकेज के कारण

यूरिन लीकेज के कई कारण हो सकते हैं। दरअसल, उम्र बढ़ने के साथ ही मूत्राशय पर नियंत्रण खोने लगता है। तंत्रिका विकार, संक्रमण के कारण यह नियंत्रण कम होने लगता है। जिसके कारण यूरिन लीकेज होने लगता है। कई बार पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियां कमजोर होने के कारण भी यह समस्या होने लगती है। मोटापा और प्रेगनेंसी भी यूरिन लीकेज का कारण बन सकता है। क्योंकि इस दौरान मांसपेशियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। जिसके कारण यूरिन रिसाव होने लगता है।

डाइट में करें ये बदलाव

मातृ एवं शिशु पोषण विशेषज्ञ डॉ. रमिता कौर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर वीडियो शेयर कर बताया कि कैसे अपनी डाइट में कुछ चीजों को शामिल करके आप यूरिन लीकेज की समस्या को कम कर सकती हैं।

1. मैग्नीशियम से भरपूर खाना

मैग्नीशियम से भरपूर भोजन खाने से आपके पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को सहारा मिलता है। इससे मांसपेशियां मजबूत होती हैं। इसलिए मैग्नीशियम से भरपूर भोजन पालक, कद्दू के बीज, डार्क चॉकलेट, मेवे आदि का सेवन करें।

2. इनका सेवन करें कम

अगर आप यूरिन लीकेज की समस्या परेशान हैं तो आप कैफीन और शराब का सेवन कम करें। क्योंकि इनसे ब्लेडर यानी मूत्राशय की समस्या बिगड़ सकती है। कैफीन युक्त पेय पदार्थों में अम्लता होती है, जो यूरिन का उत्पादन बढ़ाते हैं।

3. फाइबर युक्त फूड खाएं

अपनी डाइट में फाइबर युक्त भोजन को शामिल करें। इससे कब्ज की समस्या नहीं होती है। जिसके कारण यूरिन लीकेज की समस्या भी कम होती है। इसलिए अपनी डाइट में चिया सीड्स, अलसी के बीज, सलाद, फल, सब्जियां, दालें, साबुत अनाज शामिल करें।

4. शरीर को हाइड्रेट रखना सीखें

शरीर को हाइड्रेट रखने से भी यूरिन लीकेज की समस्या काफी कम की जा सकती है। हालांकि सोने से तुरंत पहले पानी का सेवन कम करें। नहीं तो आपको लीकेज की परेशानी ज्यादा हो सकती है।

5. कम खाएं खट्टी चीजें

खट्टी चीजें यूरिन लीकेज की समस्या को बढ़ा सकती हैं। दरअसल, टमाटर और अन्य खट्टे फल मूत्राशय की मांसपेशियों को ज्यादा उत्तेजित करते हैं। जिससे बार-बार यूरिन आता है। क्योंकि इससे यूरिन का उत्पादन ज्यादा होता है और मूत्राशय पर दबाव बढ़ता है।

नियमित करें ये दो व्यायाम

अपने पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए नियमित रूप से दो एक्सरसाइज करें। ब्रिज पोज और डीप स्क्वाट पोज से आप अपनी मांसपेशियों को मजबूत बना सकते हैं। हर दिन 40 से 45 मिनट की वॉक करें। साथ ही योग और ध्यान करें। इससे तनाव का स्तर कम होता है।

मैं अंकिता शर्मा। मुझे मीडिया के तीनों माध्यम प्रिंट, डिजिटल और टीवी का करीब 18 साल का लंबा अनुभव है। मैंने राजस्थान के प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थानों के साथ काम किया है। इसी के साथ मैं कई प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबों की एडिटर भी...