Camphor in Worship
Why camphor burnt in worship

क्यों जलाया जाता है कपूर? क्या है इसका आध्यात्मिक व वैज्ञानिक कारण

आइए जानते हैं कि घर में कपूर जलाने से क्या-क्या फायदे होते हैं? व पूजा के बाद कपूर क्यों जलाया जाता है और क्या है इसका आध्यात्मिक व वैज्ञानिक कारण।

Camphor in Worship: हिन्दू धर्म में कपूर जलाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। हर पूजा-पाठ व अनुष्ठान की समाप्ति पर आरती के लिए कपूर का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन कपूर जलाना केवल एक धार्मिक कार्य नहीं है, बल्कि इसका अपना वैज्ञानिक महत्व भी है, जिसके बारे में बहुत ही कम लोग जानते हैं। आइए जानते हैं कि घर में कपूर जलाने से क्या-क्या फायदे होते हैं? व पूजा के बाद कपूर क्यों जलाया जाता है और क्या है इसका आध्यात्मिक व वैज्ञानिक कारण।

Camphor in Worship
Why is camphor burnt
  • हिन्दू धर्म में कपूर का जलाना एक प्रतीकात्मक क्रिया माना जाता है, जिससे मन को शांति और एकाग्रता प्राप्त होती है। 
  • कपूर आग के साथ-साथ शुद्धि, शक्ति और ऊर्जा का भी प्रतीक माना जाता है। इसे जलाने से हम अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ते हैं और हमारे अंदर की बुराई को खत्म करते हैं।
  • धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूजा-पाठ के दौरान कपूर जलाने से पितृ दोष से मुक्ति भी मिलती है। कपूर पितरों की आत्माओं को शांति प्रदान करता है और उनके कष्टों को कम करता है।
  • कपूर जलाने से वास्तु दोषखत्म होताहै और घर में शांति और सौम्यता बनी रहती है।
Scientific reason
Scientific reason for burning camphor

जब कपूर जलाया जाता है तो इससे आस-पास का पूरा वातावरण शुद्ध हो जाता है और हवा में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया और वायरस नष्ट हो जाते हैं, जिसकी वजह से आस-पास ताजगी बनी रहती है।

 better sleep
It is helpful for better sleep

कपूर की महक काफी तेज होती है, इसे जलाने से मस्तिष्क शांत होता है और अच्छी नींद आती है, जिसकी वजह से अनिद्रा की समस्या दूर होती है।

तनाव का सीधा असर मानसिक शांति पर पड़ता है, लेकिन जब कपूर जलाया जाता है तो इससे निकलने वाला धुआं मानसिक तनाव को कम करता है और मानसिक थकान को भी दूर करता है।

कपूर जलाने से हवा में मौजूद बैक्टीरिया व वायरस नष्ट हो जाती है, जिससे घर में संक्रमण फैलने का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। सर्दियों के मौसम में घर में रोजाना कपूर जलाना फायदेमंद होता है।

Spiritual reason
Spiritual reason for burning camphor

जब कपूर को जलाया जाता है तो इससे कोई भी अवशेष नहीं बचता है, यह पूरी तरह जल जाता है। यह इस बात को दर्शाता है कि व्यक्ति ने अपने के अहंकार और अशुद्धियों को जलाकर खुद को ईश्वर के चरणों में समर्पित कर दिया है।

कपूर जलाने से आस-पास मौजूद नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। साथ ही कपूर के जलने के बाद एक भीनी-भीनी सी खुशबू वातावरण में फैल जाती है, जो शांति का प्रतीक मानी जाती है।

पूजा-पाठ में कपूर जलाने की परंपरा वैदिक काल से चली आ रही है। पूजा में कपूर का उपयोग आत्मसमर्पण, सकारात्मकता और प्राचीन परंपराओं से जुड़ने का प्रतीक माना जाता है।

ए अंकिता को मीडिया इंडस्ट्री में 9 वर्षों का अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और खास तौर पर लाइफस्टाइल और एंटरटेनमेंट बीट में रुचि रखती हैं। लेखन के अलावा वेब सीरीज़ देखना, घूमना, संगीत सुनना और फोटोग्राफी...