मेघालय की सबसे ख़ूबसूरत और सबसे खास बात
मेघालय की हरी-भरी वादियाँ, झरने, गहरी गुफाएँ और स्वच्छ नदियाँ इसे पर्यटकों के लिए स्वर्ग समान बना देती हैं। प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर यह राज्य अपनी समृद्ध संस्कृति और अद्वितीय परंपराओं के लिए भी जाना जाता है।
Meghalaya Travel Guide:भारत के उत्तर-पूर्वी भाग में स्थित मेघालय हमारे देश के सबसे प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है। यह अपने नाम के अनुरूप ही बादलों की चादर में लिपटा एक बहुत ही ख़ूबसूरत और स्वप्निल प्रदेश है। मेघालय की हरी-भरी वादियाँ, झरने, गहरी गुफाएँ और स्वच्छ नदियाँ इसे पर्यटकों के लिए स्वर्ग समान बना देती हैं। प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर यह राज्य अपनी समृद्ध संस्कृति और अद्वितीय परंपराओं के लिए भी जाना जाता है। अगर आप प्रकृति के करीब रहना चाहते हैं और कुछ अनूठा अनुभव करना चाहते हैं तो मेघालय आपको जरूर आना चाहिये।
प्रकृति की अनुपम छटा
मेघालय की सबसे खास बात इसकी प्रकृति सुंदरता है जो हर मौसम में अलग-अलग रंग बिखेरती है। यहाँ के पहाड़ और जंगल हमेशा धुंध और बादलों से घिरे रहते हैं जिसकी वजह से यह स्थान किसी परीलोक जैसा प्रतीत होता है। यहाँ स्थित चेरापूंजी और मासिनराम विश्व के सबसे अधिक वर्षा वाले स्थानों में गिने जाते हैं। वहीं, उमगोत नदी की पारदर्शी जलधारा और जीवित वृक्षों की जड़ों से बने पुल मेघालय को एक अनोखी पहचान देते हैं। यदि आपके पास केवल तीन दिन का समय है तो भी आप मेघालय की सबसे प्रमुख जगहों का आनंद ले सकते हैं।
पहला दिन: शिलांग और आसपास की यात्रा

मेघालय की राजधानी शिलांग अपने खूबसूरत परिदृश्यों और आधुनिक जीवनशैली के लिए जानी जाती है। यहाँ सबसे पहले शिलांग पीक पर जाकर पूरे शहर का विहंगम दृश्य देखा जा सकता है। इसके बाद, उमियम झील की शांति और सौंदर्य को निहारते हुए बोटिंग का आनंद लिया जा सकता है। शिलांग में एलिफेंट फॉल्स भी देखने लायक है जो तीन स्तरों में गिरने वाला एक मनमोहक झरना है। यहाँ की यात्रा कैफे हॉपिंग के बिना अधूरी मानी जाती है इसलिए दिन के अंत में किसी स्थानीय कैफे में बैठकर खासी व्यंजनों का स्वाद अवश्य लें।
दूसरा दिन: चेरापूंजी और मौसिनराम की ओर

दूसरे दिन की यात्रा प्रकृति के सान्निध्य में बिताई जा सकती है। चेरापूंजी स्थित नोहकलिकाई जलप्रपात भारत का सबसे ऊँचा प्लंज वाटरफॉल है जो बादलों से घिरा रहने के कारण अत्यंत आकर्षक दिखता है। इसके बाद, मौसिनराम की ओर बढ़ते हैं जो विश्व का सबसे अधिक वर्षा वाला स्थान है। यहाँ की मावसमाई गुफा रोमांच प्रेमियों को बहुत भाती है। दिन का सबसे यादगार अनुभव डबल डेकर लिविंग रूट ब्रिज की यात्रा हो सकती है जिसे देखने के लिए 3500 सीढ़ियाँ उतरनी पड़ती हैं। यह प्रकृति और मानव सहअस्तित्व का अनूठा उदाहरण है।
तीसरा दिन: दावकी और मावलिननॉन्ग की यात्रा

तीसरे दिन की शुरुआत दावकी से की जा सकती है जहाँ बहने वाली उमगोत नदी का पानी इतना साफ होता है कि इसमें नावें हवा में तैरती हुई प्रतीत होती हैं। यहाँ बोटिंग करना किसी सपने जैसा अनुभव होता है। इसके बाद, एशिया के सबसे स्वच्छ गाँव मावलिननॉन्ग की यात्रा की जा सकती है। यहाँ की स्वच्छता और प्राकृतिक सुंदरता मन मोह लेती है। बांस से बने स्काई वॉक पर चढ़कर बादलों को छूने का अनुभव बेहद रोमांचक होता है। यात्रा का समापन भारत बांग्लादेश सीमा पर स्थित व्यू पॉइंट से किया जा सकता है जहाँ से दोनों देशों की सीमाओं का सुंदर दृश्य देखा जा सकता है।
मेघालय यात्रा के लिए कुछ सुझाव
यात्रा के लिए सबसे अच्छा समय अक्टूबर से अप्रैल तक का होता है। मानसून में यहाँ अधिक बारिश होने के कारण यात्रा थोड़ी कठिन हो सकती है। इसलिए, सोच समझकर जाने का समय चुने। स्थानीय खासी व्यंजन जैसे कि जादोह और तुनग्रिंबाई का स्वाद अवश्य लें। यात्रा के दौरान आरामदायक ट्रैकिंग शूज़ और हल्के ऊनी कपड़े साथ रखें क्योंकि यहाँ का मौसम कभी भी बदल सकता है।
