fifty shades of grey novel in Hindi
fifty shades of grey novel in Hindi

fifty shades of grey novel in Hindi: मुझे चूम लो! मैं पूरी तरह से उसके सम्मोहन से अवश होकर वहीं खड़ी रही। किसी भी तरह से हिलना-डुलना भी अपने बस में नहीं रहा था। मैं उसे मंत्रमुग्ध भाव से देख रही थी और वह मुझे लगातार एकटक देखे जा रहा था। उसकी सांसें पहले से ज्यादा गहरी होती जा रही थीं और मेरी सांस तो जैसे थम ही गई थी। मैं तुम्हारी बांहों में हूं। प्लीज ! मुझे चूम लो। उसने अपनी आंखें बंद करके एक गहरी सांस ली और हल्का सा सिर झटका मानो मेरे खामोश जवाब का ‘न’ में उत्तर दे रहा हो। जब उसने अपनी आंखें खोलीं तो इस बार उनमें मुझे एक नया ही उद्देश्य दिखाई दिया।

“एनेस्टेसिया! तुम्हें मुझसे दूर रहना चाहिए। मैं तुम्हारे लिए नहीं बना हूं।” वह हौले से बोला। क्या? ये आवाज़ कहां से आई? बेशक मेरे मन का वहम रहा होगा। मैंने अपना सिर झटका

“एनेस्टेसिया सांस लेने की कोशिश करो। मैं तुम्हें खड़ा करने लगा हूं। खुद को संभालो।” उसने कहा और मुझे अपने से अलग कर दिया।

साइकिल वाले की टक्कर कहो या फिर क्रिस्टियन से इतनी नजदीकी का असर, पूरे शरीर में एडन्न्रेनालिन का स्तर बढ़ गया था। मैं खुद को अजीब तरह से कमजोर महसूस कर रही थी। नहीं, उसने मुझे अपने से परे करते हुए धकेला तो कोई भीतर से चिल्लाया-नहीं! मुझे अपने से थोड़ा दूर करते हुए भी वह मेरे कंधों पर हाथ रखे हुए था और बड़ी ही बारीकी से मेरे भाव निरख रहा था। उस वक्त मैं एक ही बात सोच सकती थी कि मेरी मंशा उसके सामने साफ थी और ये जानने के बावजूद उसने मुझे नहीं चूमा। वह मुझे नहीं चाहता। वह सचमुच नहीं चाहता। मैंने बड़ी ही बेवकूफी से कॉफी की उस मुलाकात को तहस-नहस कर दिया था।

“अब ठीक है।” मैंने खुद को संभाल कर कहा, ‘‘थैंक्स!” मन ही मन अपमान का घूंट भरते हुए कहा। मुझे उसके बारे में ये गलतफहमी पालनी ही नहीं चाहिए थी। मुझे उससे परे जाना होगा।

“थैंक्स किसलिए?” उसने भौं नचाई। उसके हाथ अब भी मेरे कंधों पर थे।

“मुझे बचाने के लिए।” मैं फुसफुसाई।

“वह बेअक्ल गलत दिशा में चल रहा था। मुझे खुशी है कि मैं तुम्हारे साथ था। सोचकर ही रूह कांप रही है कि तुम्हारे साथ क्या हो सकता था। क्या तुम थोड़ी देर होटल में बैठना चाहोगी?” उसने मुझे छोड़ा और मैं अहमकों की तरह उसके सामने खड़ी रही।

मैंने एक झटके से दिमाग को दुरुस्त किया। मैं जाना चाहती थी। मेरे सारे सपने चकनाचूर हो चुके थे। वह मुझे नहीं चाहता। मैं क्या सोचे बैठी थी? मैंने खुद को फटकारा। क्रिस्टियन ग्रे भला तुझसे क्या चाहेगा? मैंने अपने आसपास बांहों का घेरा कसा और सड़क की हरी बत्ती देखकर सुकून महसूस किया। मैं जल्दी से चल दी और जानती थी कि वह पीछे ही आ रहा है। होटल के बाहर मैं थोड़ा मुड़ी पर फिर भी उसकी आंखों में नहीं देख सकी।

“फोटो शूट और कॉफी के लिए धन्यवाद!” मैं बुदबुदाई।

“एनेस्टेसिया… मैं” वह रुक गया। उसकी आवाज़ का दर्द मुझ तक पहुंचा और मैं लगातार उसे ही निहारने लगी। उसने बालों में हाथ फिराया। वह बड़ा कुंठित दिखा मानो किसी ने अकड़ू का सारा रुतबा छीन लिया हो।

“क्या, क्रिस्टियन?” मेरे पूछते ही वह बोला- “कुछ नहीं।” ये सुनने के बाद मैं वहां पल भर के लिए भी रुकना नहीं चाह रही थी। यही लग रहा था कि अपने आहत अहं को लेकर वहां से निकल पड़ूं।

“तुम्हारे पेपरों के लिए शुभकामनाएं।” वह हौले से बोला।

हुंह? इस बात को कहने के लिए मरा जा रहा था। बस मुझे बधाई देने के लिए ऐसी शक्ल बना ली थी?

“थैंक्स!” मैं अपने सुर में छिपे व्यंग्य को छिपा नहीं सकी। गुडबाय मि. ग्रे! जैसे ही एड़ियों से मुड़ी तो हैरानी भी हुई कि मैं गिरी कैसे नहीं और फिर उसे दोबारा देखे बिना मैं भूमिगत गैराज की ओर चल दी।

एक बार गहरे अंधेरे और कंक्रीट के बने गैराज में जाते ही मैंने दीवार से कमर टिकाकर दोनों हाथों से सिर थाम लिया। वहां हल्की अ लोरोसेंट रोशनी थी। मैं क्या सोच रही थी? अचानक ही अनचाहे आंसू आंखों में उमड़ पड़े। मैं रो क्यों रही हूं? मैंने खुद को ऐसे बेहूदे बर्ताव के लिए लताड़ा। जमीन पर बैठकर घुटनों को पेट से छुपा लिया। मानो मैं और भी छोटी हो जाना चाहती थी। शायद मेरे छोटे होने से ये दर्द भी छोटा हो जाता। मैंने घुटनों पर सिर रखकर उन आंसुओं को बह जाने दिया। मैं किसी ऐसी चीज के लिए रो रही थी, जो कभी मेरी थी ही नहीं। कैसी बेतुकी बात? किसी ऐसी चीज का दुख जो कभी नहीं थी-मेरी उम्मीदें, मेरे बिखरे सपने और मेरी कड़वी हो चुकी अपेक्षाएं।

आज तक कभी ऐसा नहीं हुआ था कि तुझे नकारे जाने का दंश सहना पड़ा हो। ठीक है…हमेशा बास्केटबॉल या वालीबॉल टीम में मुझे आखिर में चुना जाता था पर मैं उसे समझती हूं-भागना और उसके साथ-साथ कुछ करना जैसे कि गेंद फेेंकना या उछालना मेरे बस का नाम नहीं था। किसी भी खेल के मैदान में मैं एक गंभीर जिम्मेदारी बन जाती हूं।

हालांकि रुमानी रूप में मैंने खुद को ऐसी दशा में कभी नहीं पाया। ये तो मेरे पूरे जीवन की असुरक्षा है-मेरा रंग पीला है, मैं बहुत पतली हूं, मैं बहुत गंदी दिखती हूं और इस तरह मेरी खुद को नापसंद करने की लिस्ट बहुत लंबी है। इस तरह कभी ऐसे हालात आए ही नहीं। हां, मेरी केमिस्ट्री क्लास का एक छोकरा मुझे पसंद करता था पर कोई भी मेरी दिलचस्पी को कभी नहीं जगा सका, जैसे कि इस क्रिस्टियन ग्रे ने जगा दिया था। हो सकता है कि मैं जोस या पॉल जैसे लोगों की पसंद कर लिस्ट में आती होऊं या उनसे मेरी पसंद मिलती हो पर मैंने आज तक उनमें से किसी को अंधेरे कोने में दुबक कर रोते नहीं देखा। शायद मुझे खुल कर रोने की जरूरत थी।

बस कर! बस कर बहुत हुआ ! मेरे अवचेतन ने फटकारा और गुस्से में पांव पटके। कार में बैठ, घर जा और पढ़ने बैठ, उसके बारे में भूल जा। अपने पर फालतू का तरस खा कर कल्पना बंद कर।

मैंने एक गहरी और लंबी सांस ली और खड़ी हो गई। स्टील ! हिम्मत कर। मैं केट की कार की तरफ बढ़ी और चेहरे पर आए आंसू पोंछ लिए। मैं अब उसके बारे में नहीं सोचूंगी। मैं इस घटना को एक अनुभव मानकर पेपरों की तैयारी करूंगी।

केट डाइनिंग टेबल पर अपना लैपटॉप लिए बैठी थी। मुझे देखते ही उसके चेहरे की मुस्कान कहीं दब गई।

“एना! सब ठीक तो है?”

ओह नहीं, अब शुरू हो गया केट के सवालों का अंबार। मैंने गर्दन झटकी मानो मझे कैवेना की परवाह ही न हो। पर मुझे जवाब देना ही होगा।

“तुम रो रही थीं।” उसे पता नहीं कैसे हर हालात का अंदाजा लगाना आ जाता है। उस कमीने ने तेरे साथ क्या किया? वह जोर से दहाड़ी। हे भगवान! वह डरावनी दिख रही है।

“कुछ नहीं किया, केट।” यही तो रोना है। मेरे चेहरे पर अजीब-सी मुस्कान तिर आई।

“तो तुम रोई क्यों? तुम तो कभी नहीं रोतीं?” उसने मुलायम स्वर में कहा।

उसकी हरी आंखों में मुझे अपने लिए चिंता की झलक दिख रही थी। उसने मुझे गले से लगा लिया। मुझे उसे हटाने के लिए कुछ तो कहना ही था।

“मैं आज एक साइकिल वाले से टकराते-टकराते बची।” अब इससे ज्यादा और क्या कहती। कम से कम कुछ समय के लिए तो उसका दिमाग दूसरी तरफ चला गया।

1/2/2017एना- “तू ठीक है न? कहीं लगी तो नहीं?” उसने मुझे एक बांह की दूरी पर लाते हुए सिर से पैर तक निहारा।

“नहीं, क्रिस्टियन ने बचा लिया।” मैं हौले से बोली पर मैं काफी डर गई थी।

मुझे हैरानी नहीं हुई।” वैसे कॉफी कैसी रही? मुझे पता है कि तुझे तो कॉफी पसंद नहीं है।” मैंने चाय ली थी। वह अच्छी थी सच बताने के लिए कुछ है ही नहीं। समझ नहीं आया कि उसने मुझे साथ चलने के लिए कहा क्यों?”

“वह तुझे पसंद करता है, एना।” उसने अपनी बांहें पीछे कर लीं।

“नहीं, ऐसा कुछ नहीं है। मैं उससे दोबारा नहीं मिलने वाली।”

“ओह?”

हद हो गई। केट कुछ ज्यादा ही दिलचस्पी ले रही है। मैं रसोई की तरफ चल दी ताकि वह मेरा चेहरा न देख सके।

“हां, केट! वह बंदा मेरे लेवल का नहीं है।” मैंने आवाज को काफी रूखा बनाने की पूरी कोशिश की।

‘‘तू कहना क्या चाहती है?”

“केट! बात तो साफ है।” मैंने पीछे मुड़ते हुए कहा।

‘‘वह मेरे लिए नहीं बना है।”

केट बोली- “माना, उसके पास तेरे से कहीं ज्यादा पैसा है पर उसके पास तो अमेरिका के अनेक लोगों से कहीं ज्यादा पैसा है।”

‘‘केट वह…’’-मैंने कंधे झटके।

“एना! भगवान के लिए-मुझे तुझे कितनी बार बताना होगा। तू बिल्कुल बच्ची है। नादान बच्ची!”

नहीं, वह मुझे मेरे फैसले से डिगाने की कोशिश कर रही है।

“केट! प्लीज, मुझे पढ़ना है।” मैंने बात निपटा दी और उसने त्योरी चढ़ाई।

“क्या तू वह लेख देखना चाहती है? मैंने पूरा कर लिया है। जोस ने कई अच्छी तस्वीरें ली हैं।”

क्या मुझे उस सुंदर क्रिस्टियन को देखना है, जो मुझे नहीं चाहता?

“हां, क्यों नहीं।” मैंने चेहरे पर एक मुस्कान के साथ लैपटॉप की ओर कदम बढ़ाए। वहां मुझे श्वेत-श्याम तस्वीर में झांकता ग्रे दिखाई दिया।

मैंने लेख पढ़ने का दिखावा किया पर लगातार उसकी आंखों में ही निहारती रही और ये जानने की कोशिश करती रही कि वह इंसान मेरे लिए क्यों नहीं बना-ये तो उसके अपने शब्द थे। अचानक सब कुछ आंखों के सामने साफ हो गया। वह कितना गजब का सुंदर है। हम दोनों तो अलग-अलग दुनिया के वासी हैं। मैंने खुद को उस इकारस के समान पाया जो सूरज के पास जाने की चाहत में जल कर राख हो जाता है। उसके शब्दों के कुछ मायने हैं। वह मेरे लिए नहीं बना है। यह समझ कर ही तो मैं उसके इंकार को भी समझ सकूंगी। बेशक ये समझने के बाद जीना आसान होगा।

“केट! बहुत अच्छे!” किसी तरह मुंह से निकाला। मैं पढ़ने जा रही हूं। मैंने खुद से वादा किया कि अब उसके बारे में नहीं सोचूंगी और फिर कोर्स के नोट्स खोल कर बैठ गई।

जब मैं रात को बिस्तर पर सोने की कोशिश में थी तो मैंने आज सुबह की यादों को पास आने की इजाजत दे दी। मुझे अचानक याद आ गया, उसने कहा था कि उसकी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है और जब मैं उसकी बांहों में गिर कर अपने शरीर के रोम-रोम से उसके चुंबन के लिए तरस रही थी तो मुझे ये बात उसी समय याद रखनी चाहिए थी। उसका क्या कसूर? उसने तो पहले ही बता दिया था, मुझे ही समझ नहीं आया। वह मुझे अपनी महिला मित्र के रूप में नहीं चाहता। मैंने करवट बदली। मैं सोचने लगी कि शायद वह ब्रह्मर्चय का पालन करता हो। हो सकता है कि वह खुद को किसी के लिए बचा कर रखना चाहता हो,बेशक तेरे लिए नहीं ! मेरे उनींदे अवचेतन यानी सयानी लड़की ने सोते-सोते भी मुझे एक पटखनी दे ही दी।

और उस रात मुझे भूरी आंखों और दूध में बनी पत्ती के नमूने के सपने आते रहे। मैं किसी अंधेरे कोने में थी। किसी से बच कर भाग रही थी या किसी के पास जा रही थी। बस यही समझ नहीं आया।

मैंने अपना पेन नीचे रखा। फाइनल पेपर खत्म हो गए थे। मेरे पूरे चेहरे पर संतुष्टि की मुस्कान खेल गई। पूरे सप्ताह में शायद पहली बार मैं खुल कर मुस्कुराईं थी। आज शुक्रवार है और आज हम जश्न मनाएंगे! हो सकता है कि आज मुझे भी चढ़ जाए पर आज से पहले कभी मेरे साथ ऐसा नहीं हुआ। मैंने हॉल में केट पर नजर मारी। वह आखिर के पांच मिनटों में भी लगातार पेन घिस रही है। ये मेरे शैक्षिक कैरियर का अंत है। आज के बाद मुझे फिर से घबराए हुए और अकेले छात्रों की पंक्ति में नहीं बैठना होगा। मैं मन ही मन हिंडोले खा रही हूं। केट ने लिखना बंद कर अपना पेन रख दिया। वह मुझे देखती है और हम दोनों ही एक-दूसरे को देख खीसें निपोर देते हैं।

हम एक साथ उसकी मर्सीडीज में घर गए और आपस में तय किया कि हम फाइनल पेपर के बारे में बात नहीं करेंगे। केट को तो ये चिंता ज्यादा है कि वह आज शाम क्या पहनेगी। मैं अपने पर्स में चाबियां खोजने में जुटी हूं।

“एना! तेरे लिए एक पैकेट आया है।” केट बाहरी दरवाजे के पास हाथ में भूरे रंग का बड़ा सा पैकेट थामे खड़ी है। पर मैंने तो अमेजन से कुछ मंगाया ही नहीं। केट ने मुझे पैकेट दिया और चाबियां लेकर ताला खोलने लगी। ये मिस एनेस्टेसिया स्टील के नाम है। यहां भेजने वाले का कोई नाम-पता नहीं है। शायद मॉम या रे ने कुछ भेजा हो।

“हो सकता है कि घर से कुछ आया हो।”

“खोल तो सही।” केट पेपर खत्म होने की खुशी मनाने के लिए शैंपेन लेने रसोई की ओर जा रही है।

मैंने पैकेट खोला तो उसमें से चमड़े का एक बॉक्स सा निकला, जिसमें एक जैसी दिखती तीन बदहाल किताबें हैं, जिन पर पुराने कपड़े की जिल्द मढ़ी है। साथ ही एक सादा सफेद कार्ड भी है। एक ओर काली स्याही से कंगूरेदार लिखाई में लिखा है।

तुमने मुझे बताया क्यों नहीं कि वहां खतरा था? तुमने मुझे चेतावनी क्यों नहीं दी? महिलाएं जानती हैं कि उन्हें किस चीज से संभल कर रहना चाहिए क्योंकि वे उपन्यास पढ़ती हैं, जिनसे उन्हें सारी तरकीबें पता चल जाती हैं…’

मैंने टैस की उन पंक्तियों को पहचान लिया। कैसा संयोग था, मैं पेपर में अभी इसी बारे में कितना लिख कर आई थी।

मैंने उन्हें अंदर से खोल कर देखा।

ये क्या? वे तो पहले संस्करण थे। वे तो काफी महंगे रहे होंगे और मैं उसी पल जान गई कि उन्हें किसने भेजा होगा। केट मेरे कंधे के पास खड़ी किताबों को घूर रही थी। उसने कार्ड उठाया।

“पहले संस्करण।” मैं हौले से बोली।

“नहीं।” केट की आंखें अविश्वास से फैल गईं।

“ग्रे?”

मैंने हामी भरी। मैं तो किसी और के बारे में नहीं सोच सकती।

“इस कार्ड का क्या मतलब है?”

“कुछ पता नहीं। हो सकता है कि ये एक चेतावनी हो। वह चाहता है कि मैं उससे दूर रहूं। मुझे नहीं पता कि क्यों? ऐसा थोड़े है कि मैं उसके दरवाजे पर जाकर गिड़गिड़ा रही हूं।” मैंने हल्की नाराजगी दिखाई।

“एना! मुझे पता है कि तू उसके बारे में बात नहीं करना चाहती पर वह तुझमें दिलचस्पी ले रहा है और ये चेतावनी वाली बात कहां से आ गई।”

पिछले सप्ताह से मैंने ग्रे के बारे में ज्यादा सोच-विचार नहीं किया था। हां, उसकी भूरी आंखें बेशक मुझे सपनों में छलती रही हैं और मैं जानती हूं कि मुझे अपने दिमाग से उसके बांहों के घेरे की याद और भीनी महक को भुलाने में जाने कितने जन्म लगेंगे। उसने मुझे ये क्यों भेजा है? उसने तो कहा था कि मैं उसके लिए नहीं बनी।

“मैंने न्यूयार्क में देखा था कि इसका एक पहला संस्करण हजारों डॉलर में बिक रहा था पर तुम्हारा तो उससे बेहतर लग रहा है। ये और भी महंगा होगा।” केट ने अपने अच्छे दोस्त गूगल की मदद से बताया।

“टैस ने ये पंक्तियां अपनी मां से कही थीं जब एलैक डि अरबरविल उसके साथ दुष्ट चालें चलता है।”

“हां, मैं जानती हूं पर वह कहना क्या चाहता है?”

“पता नहीं और न ही मुझे परवाह पड़ी है। मैं उससे ये नहीं ले सकतीं मुझे भी किताब के किसी हिस्से से ली गई विचित्र सी पंक्तियों के साथ इन किताबों को लौटाना होगा।”

“वही पंक्तियां जहां एंजल क्लेर कहती है कि तू दफा हो जा।” केट ने मासूम-सा चेहरा बना कर कहा।

“हां, वही ठीक रहेगा।” मैं खिलखिलाई। मुझे केट पसंद है। वह बड़ी ही वफादार और मददगार है।

मैंने किताबों को फिर से बांका और डाइनिंग टेबल पर ही छोड़ दिया। केट ने मुझे एक गिलास शैंपेन दी।

“सिएटल में नई जिंदगी और हमारे पेपरों के खत्म होने की खुशी में।” उसने खीसें निपोरीं।

“सिएटल में नई जिंदगी और हमारे पेपरों के खत्म होने की खुशी में। और हमारे अच्छे नतीजों के लिए भी।” हमने अपने गिलास आपस में टकराए।

बार में काफी भीड़ और शोर-शराबा था। ग्रेजुएट बनने के लिए तैयार छात्रों का जमघट लगा था। जोस भी वहीं आ गया। उसे ग्रेजुएट होने में अभी साल बाकी है पर वह भी पार्टी के मूड में था इसलिए हम सबके लिए मारगरीटा लाया था। जब मैंने पांचवां गिलास गटका तो लगा कि शैंपेन लेने के बाद ऐसा करना ठीक नहीं हुआ।

“तो अब क्या करना है, एना?” जोस ने भीड़ में चिल्ला कर पूछा।

“केट और मैं सिएटल जा रहे हैं। केट के पापा ने वहां उसके लिए एक घर खरीद दिया है।”

“पर तुम्हें मेरे शो के लिए आना होगा।”

“बेशक जोस। मैं तो उसे किसी भी कीमत पर छोड़ना नहीं चाहूंगी।” मैंने मुस्कुराहट दी और उसने मेरी कमर में बांह डालकर मुझे अपने पास खींच लिया।

“एना! तुम्हारा आना मेरे लिए बहुत मायने रखता है।” वह मेरे कान में बोला- “एक और मारगरीटा?”

“जोस लुइस रॉड्रिज! क्या तुम मुझे नशे में चूर कर देना चाहते हो क्योंकि मुझे लग रहा है कि तुम्हारी तरकीब काम कर रही है।” मैंने खीसें निपोरीं।” मुझे लगता है कि एक बीयर लेनी चाहिए। अभी लेकर आती हूं।”

“एना, एक और ड्रिंक!” केट दहाड़ी।

केट ने अपने अखबार के फोटोग्राफर और हमारे साथ पढ़ने वाले अंग्रेजी के छात्र लेवी के गले में बांहें डाल रखी हैं। उसकी आंखें केट पर लगी हैं। टाइट जींस, टाइट टॉप, हाईहील और ऊंचे बंधे बालों से निकलती लटों के साथ वह बड़ी प्यारी दिख रही है। वैसे मैं आरामदायक पैंट और टी-शर्ट टाइप लड़की हूं पर आज मैंने भी अपनी सबसे अच्छी जींस पहनी है। मैं जोस की पकड़ से निकल कर मेज से उठी।

“अरे..।” मेरा सिर चकरा गया।

मुझे कुर्सी का सहारा लेना पड़ा। टकीला वाली कॉकटेल नहीं पीनी चाहिए थी।

मैं बार की तरफ बढ़ी और तय किया कि थोड़ा संभलते ही बाथरूम हो आऊं। एना! सोच बुरी नहीं है। मैं भीड़ में लड़खड़ाते हुए बाहर निकली। बेशक वहां लाइन है पर काफी शांति और ठंडक है। मैंने इंतजार की बोरियत से बचने के लिए जेब से फ़ोन निकाला। हम्म ….मैंने आखिरी कॉल किसे की थी? क्या जोस को ? उससे पहले एक नंबर था, जो मेरी पहचान में नहीं आया। अरे हां! ग्रे। शायद ये उसका ही नंबर है। मैंने दांत निकाले। पता नहीं कितने बजे हैं, क्या हो अगर मैं उसे नींद से जगा दूं। शायद वह मुझे बता सके कि उसने वे किताबें और अजीब सा मैसेज क्यों भेजा? अगर वह चाहता है कि मैं उससे दूर रहूं तो उसे भी मुझे अकेला छोड़ देना चाहिए। मैंने झोंक में आकर कॉल का बटन दबा दिया। उसने दूसरी ही घंटी पर जवाब दिया।

“एनेस्टेसिया?” उसे बड़ी हैरानी हुई। खेर मुझे भी उसे कॉल करके कोई कम हैरानी नही हुई। तभी अचानक मेरे दिमाग ने मुझसे पाउच उसे कैसे मालूम की मेने फ़ोन किया हे?

“तुमने मुझे किताबें क्यों भेजीं?” मैं उस पर झपटी।

“एनेस्टेसिया! तुम ठीक तो हो? तुम्हारी आवाज अलग-अलग सी क्यों लग रही है।” उसकी आवाज में चिंता झलक रही थी।

“मैं नहीं तुम अजीब हो।” मैंने शराब के नशे में आकर हिम्मत कर ही ली।

“एनेस्टेसिया! तुम शराब पी रही थीं?”

“तुम्हें क्या लेना है?”

“मैं… जानना चाहता हूं। तुम कहां हो?”

“बार में।”

“कौन सी बार?”

“पोर्टलैंड में “

“तुम घर कैसे जाओगी?”

” मैं कोई तरीका निकाल लूंगी।” ये बात तो वैसी नहीं हो रही थी, जैसी मैंने उम्मीद की थी।”

“तुम किस बार में हो?’’

“तुमने मुझे किताबें क्यों भेजीं, क्रिस्टियन?”

“एनेस्टेसिया! तुम कहां हो, मुझे अभी बताओ।” उसकी आवाज काफी हद तक किसी तानाशाह जैसी लगी। वही उसका अकड़ू सुर। मैंने पुराने जमाने के मूवी डायरेक्टर के रूप में उसकी कल्पना की, जो हाथ में मैगाफोन लिए मंडराता है। मैं खुलकर हंसी।

“तुम कुछ ज्यादा ही रोब गांठते हो.. “मैं हंसने लगी।

“एना। मुझे बताओ कि तुम कहां हो? तुम्हारी तो मैं.. “

वाह! क्रिस्टियन ग्रे मुझे धमका रहा है।” मैं पोर्टलैंड में हूं और वह सिएटल से बहुत दूर है।”

“पोर्टलैंड में कहां?”

“गुडनाइट क्रिस्टियन।”

“एना!!!”

मैंने फोन रख दिया। हा! हालांकि उसने मुझे किताबों के बारे में तो बताया ही नहीं। मैंने आंखें नचाईं। मिशन अधूरा रह गया। मुझे ज्यादा ही चढ़ गई है। वहां खड़े होने से भी सिर चकरा रहा है।

खैर, मैं चाहती भी तो यही थी। मैं कामयाब रही। बेशक इस अनुभव को दोबारा नहीं दोहराना चाहूंगी। लाइन आगे चली और अब मेरी बारी है। मैं टॉयलेट के दरवाजे के पीछे लगे पोस्टर को खाली नजरों से ताक रही हूं, जिसमें सुरक्षित सेक्स के फायदे गिनाए गए हैं। हाय! क्या मैं ग्रे को फोन लगा दिया था? शिट! मेरे फोन की घंटी बजी और मैं हैरानी से उछल पड़ी।

“हाय!” मैंने हौले से कहा।

“मैं तुम्हें लेने आ रहा हूं।” उसने कहा और फोन काट दिया। बस वही एक इंसान है जो एक साथ शांत दिखने के अलावा डरावना भी लग सकता है।

हे राम! मैंने जींस ऊपर खींची। दिल तेजी से धड़क रहा है। वह लेने आ रहा है। नहीं। मेरी तबीयत खराब लग रही है… नहीं, मैं ठीक हूं। जरा ठहरो। ये बात दिमाग में चकरा रही है। वह लेने आ रहा है? मैंने तो उसे बताया नहीं कि मैं कहां हूं। वह मुझे यहां नहीं खोज सकता। वैसे भी उसे सिएटल से यहां आने में घंटों लग जाएंगे और तब तक हम घर जा चुके होंगे। मैंने हाथ धोकर शीशे में अपना चेहरा देखा। ऐसा लगा कि शराब का असर चेहरे पर भी दिख रहा था।

मैंने बीयर के लिए बार पर काफी देर तक इंतजार किया और मेज पर लौट आई।

“इतनी देर कहां लगा दी?” केट ने फटकारा। कहां गई थी?

“मैं तो वाशरूम के लिए लाइन में थी।”

जोस और लेवी में हमारी स्थानीय बेसबॉल टीम के लिए काफी गर्मागर्म बहस जारी है। जोस ने रुक कर हम सबके लिए बीयर डाली और मैंने एक लंबा घूंट भरा।

“केट! लग रहा है कि थोड़ी ताजी हवा खाने से बेहतर महसूस होगा।”

“एना! सच्ची तुझे तो इतनी भी बर्दाश्त नहीं होती।”

“बस पांच मिनट में आई।”

मैं फिर से भीड़ का हिस्सा बन गई। मेरा दिल कच्चा हो रहा है और सिर चकरा रहा है। पांव सीधे नहीं पड़ रहे और मैं लड़खड़ा रही हूं।

पार्किंग लॉट की ताजी हवा में जाकर पता लगा कि मुझे कितनी चढ़ गई थी। मेरी नजर धुंधला रही है और मुझे सब चीजें दो-दो दिखाई दे रही हैं, जैसे टॉम एंड जैरी के पुराने कार्टूनों में दिखाते हैं। लगता है कि तबीयत खराब होगी। मुझे इतना पीने को किसने कहा था?

जोस भी वहीं आ गया।

“एना! ठीक तो हो?”

“लगता है कि शराब का नशा ज्यादा हो गया है।” मैंने उसे छोटी-सी मुस्कान दी।

“मुझे भी।” वह हौले से बोला और अपना हाथ आगे करके कहा- “तुम्हें सहारा चाहिए?” फिर उसने अपनी बांह मेरी कमर में डाल दी।

“जोस! मैं ठीक हूं।” मैंने उसे अपने से पीछे धकेलना चाहा।

“एना प्लीज!” वह धीरे से बोला। अब वह बांहों में घेर कर मुझे अपनी ओर खींचने लगा।

“जोस! क्या कर रहे हो?”

“तुम्हें पता है एना! मैं तुम्हें पसंद करता हूं।” उसने एक हाथ मेरी कमर पर रखा और दूसरे हाथ से मेरी चिबुक पकड़कर पीछे कर दी। ये क्या, वह तो मुझे चूमने जा रहा है।

“नहीं जोस! ठहरो, …नहीं” मैंने उसे पीछे करना चाहा पर ऐसा नहीं कर सकी। उसके हाथ मेरे बालों तक आ गए और उसने सिर को अपने काबू में कर लिया।

“प्लीज! एना!” वह मेरे होठों के पास आकर धीरे से बोला। उसकी सांसों से बीयर और मारगरीटा की गंध आ रही है। उसने मेरे मुंह के कोने में छोटा सा चुंबन दिया। मैंने खुद को नशे में चूर और डरा हुआ पाया। ऐसा लगा कि मेरा दम घुट रहा था।

“जोस नहीं।” मैंने विनती की। मैं नहीं करना चाहती। तुम मेरे दोस्त हो और मुझे लग रहा है कि मुझे उल्टी आ रही है।

“शायद वह मना कर रही है।” अंधेरे में से एक स्वर गूंजा। ये क्या? क्रिस्टियन ग्रे यहां.. कैसे? जोस ने मुझे छोड़ दिया।

जोस बोला- “ग्रे?” मैंने हैरानी से ग्रे को देखा। उसकी आंखें गुस्से से जल रही थीं। हाय! ये क्या हो रहा है। अचानक मैं पेट पकड़कर दोहरी हो गई और अल्कोहल ने उल्टी के रूप में बाहर आने की ठान ली। मैं वहीं उल्टी करने लगी।

“ओह! एना ये क्या?” जोस अकबका कर पीछे हटा। ग्रे ने मुझे पकड़ा और बड़े आराम से वहां से उठाकर फूलों की क्यारियों के पास ले गया। मैंने मन ही मन आभार जताते हुए देखा कि वह जगह अंधेरे में थी।

“अगर फिर से उल्टी आए तो यहां करना। मैं तुम्हें पकड़कर रखूंगा।” उसने एक हाथ से मेरा कंघा थाम रखा था और दूसरे हाथ से बालों को पीछे कर रखा था ताकि वे मुंह पर न आएं। मैंने उसे पीछे करना चाहा, पर मुझे फिर से उल्टी आ गई। फिर एक… और फिर एक और। हाय ये सब कब बंद होगा? जब मेरा पेट खाली हो गया तो भी अजीब-सी उबकाईयां आती रहीं और मेरा पूरा शरीर कांपता रहा। मैंने मन ही मन कसम खाई कि अब कभी इस तरह शराब नहीं पाऊंगी। बेशक कुछ कहने का समय ही कहां था। आखिरकार ये ड्रामा बंद हुआ।

मेरे हाथ क्यारी के पास बनी ईट की दीवार पर टिके थे। उल्टियों ने मेरी जान निकाल दी थी। ग्रे ने मेरे कंधे से हाथ हटाकर मुझे एक रुमाल दिया। उसके पास ही लिनन का ताजा धुला और मोनोग्रामयुक्त रुमाल हो सकता था। जिस पर लिखा था-सीटीजी। मैं मुंह पोंछते हुए यही सोच रही थी कि टी का क्या मतलब होता होगा। मेरी तो उसे देखने की हिम्मत नहीं हो रही थी। शर्म से जमीन में गड़ी जा रही थी। उसके सामने मेरी कैसी दुर्दशा हुई थी।

जोस अब बार के प्रवेशद्वार के पास मंडराते हुए हमें ही देख रहा है। मैंने आह भरी और अपना सिर हाथों में थाम लिया। ये तो मेरी जिंदगी के बड़े ही बदतर पलों में से एक था। साथ ही ग्रे का इंकार भी झेल रही थी, अब तो अपमान की हद हो गई। मैंने उसे ताकने की हिम्मत जुटाई। वह मुझे ही देख रहा था और उसके चेहरे के भावों से कुछ भी पता लगाना मुश्किल था। फिर मैंने शर्मसार जोस को देखा, जो मेरी तरह ग्रे से भयभीत होकर परे खड़ा था। मैंने उसे घूरा। मेरे पास अपने तथाकथित दोस्तों के लिए कुछ ही शब्द थे, जिन्हें मैं क्रिस्टियन ग्रे सीईओ के सामने कह सकती थी। एना! किससे मजाक कर रही है। उसने अभी तुझे यहां जमीन पर और वहां क्यारी के पास उल्टियां करते देखा है। अब भद्र महिलाओं जैसा व्यवहार करके किसे दिखा रही है?

“मैं अंदर मिलता हूं।” जोस ने कहा पर हम दोनों ने ही उसे अनसुना कर दिया और वह इमारत में अंदर खिसक गया। अब मैं ग्रे के साथ अकेली थी। हद हो गई, मुझे इससे क्या कहना चाहिए। उस कॉल के लिए आपसे माफी चाहूंगी।”

“आई एम सॉरी!” मैंने उसके रुमाल को घूरते हुुए कहा, जिसे मैं अपनी अंगुलियों में घुमा रही थी। वह बहुत मुलायम था।

“एनेस्टेसिया माफी क्यों मांग रही हो?”

“वही फोन और फिर ये उल्टियां। बेशक लिस्ट तो लंबी है।” मैं हौले से बोली।

दिल में तो आ रहा था कि वहीं अपनी जान ले लूं।

“हम सबके साथ ऐसा होता है। हां, उतने नाटकीय तरीके से नहीं होता, जैसे तुम्हारे साथ हुआ। तुम्हें अपनी लिमिट का पता होना चाहिए। बेशक मैं भी लिमिट का ध्यान नहीं रखता पर तुम अपनी हालत तो देखो। क्या अकसर ऐसा बर्ताव करती हो?”

मेरा सिर शराब और खीझ से चकराने लगा। भाड़ में जाए ये आदमी, इसे इस बात से क्या लेना है? मैंने तो इसे यहां नहीं बुलाया। ऐसा लग रहा है मानो कोई अधेड़ उम्र का आदमी किसी बच्चे को गलती के लिए फटकार रहा हो। जी में तो आया कि कह दूं-मैं तो अगर हर रोज भी यही करना चाहूं तो कर सकती हूं। मेरे जो जी में आएगा, वहीं करूंगी पर कहने की हिम्मत नहीं जुटा सकी। अब तो मैं उल्टी भी नहीं कर रही। ये यहां क्यों खड़ा है?

“नहीं! आज से पहले मैंने इस तरह से शराब कभी नहीं पी और न ही आगे पी कर ऐसी हालत करने का इरादा है।”

मुझे समझ नहीं आ रहा था कि वह जा क्यों नहीं रहा था। मैं सुध खो रही थी। उसने मुझे लड़खड़ाते देखा और गिरने से पहले ही अपनी बांहों में थाम लिया। उसने किसी छोटे से बच्चे की तरह मुझे छाती से लगा लिया था।

“चलो! तुम्हें घर ले चलता हूं।” वह हौले से बोला।

“मुझे केट को बताना होगा।” मैं फिर से उसकी बांहों में हूं।

“मेरा भाई उसे बता सकता है।”

“क्या?”

“मेरा भाई इलियट मिस कैवेना से मिल रहा है।”

“ओह? मैं समझी नहीं।”

“जब तुमने फोन किया तो वह मेरे साथ था।”

“सिएटल में?” मैं उलझन में थी

“नहीं, मैं हीथमैन में ही हूं “

अब भी? क्यों ?

“मुझे कैसे खोजा?”

“मैंने सेल फोन से पता लगाया। एनेस्टेसिया “

ओह! उसने यही किया होगा। ये कैसे संभव है। क्या ये कानूनन जायज है? दिमाग में टकीला का असर अभी बाकी थी।

“क्या कोई जैकेट या पर्स है?”

ह..हां, मेरे पास दोनों हैं। क्रिस्टियन प्लीज! मुझे केट को बताना होगा। वह चिंता करेगी।” उसके चेहरे पर गंभीर रेखाएं खिंच गईं और उसने भारी सांस ली।

“अगर चाहो तो यही करो।”

वह मुझे सहारा देकर बार में ले गया। मैं काफी कमजोर, निढाल, नशे में चूर, शर्मिंदा और उसके साथ से काफी हद तक रोमांचित थी। उसने मेरा हाथ थाम रखा है। कम से कम एक सप्ताह में इन सब बातों को पचाने की ताकत आएगी।

भीड़, शोर और संगीत के बीच बहुत सारे लोग अ लोर पर मौजूद हैं। केट मेज पर नहीं है और जोस गायब है। लेवी अपने में ही कहीं खोया है।

“केट कहां है?” मैंने भीड़ में चीख कर उससे पूछा।

अब तो संगीत के साथ सिर और चकरा रहा था।

लेवी चिल्लाया-नाच रही है। वह गुस्से में दिखा और उसने ग्रे को शक्की नजरों से देखा। मैंने काली जैकेट और पर्स लिया। बस केट को मिल कर मैं चलने के लिए तैयार थी।

मैंने ग्रे की बाजू थामी और झुक कर उसके कान में कहा। उसके बाल मेरी नाक से टकराए और नथुनों में ताजी और प्यारी सी खुशबू बस गई। अभी तक मैं जिस बेलगाम चाहत को अपने सीने में छिपाए बैठी थी। उसने मानो एक पल में फिर से सिर उठा लिया। मेरे पूरे शरीर में अचानक ही अजीब-सी ऐंठन होने लगी।

उसने मेरी तरफ आंखें नचाईं और हाथ थाम कर मुझे बार की ओर ले गया। उसे झट से सर्विस दी गई। मि. ग्रे को कौन नहीं जानता। क्या उसे सब कुछ इतनी आसानी से मिल जाता है? मैं सुन नहीं सकी कि उसने क्या ऑर्डर किया। उसने मुझे ठंडे पानी का बड़ा सा गिलास थमा दिया।

“पीओ।” उसने मुझ पर अपने हुक्म की तोप दागी।

जलती-बुझती बत्तिया, संगीत का असर सारे बार और ग्राहकों पर अलग सा ही असर दिखा रहा था। कुछ अजीब-सी परछाईंयां बनती दिख रही थीं। वह कभी हरा, कभी पीली, कभी नीली और कभी लाल रोशनी में दिख रहा था। मैंने उसकी नजरों को लगातार अपने पर पाया तो झट से पानी को मुंह से लगा लिया।

“सारा खत्म करो।”

इसे तो बर्दाश्त करना ही मुश्किल है। उसने अपने बिखरे बालों में हाथ फिराया। वह काफी गुस्से में और कुंठित दिखा। इसकी परेशानी क्या है? माना एक पागल लड़की ने आधी रात को शराब के नशे में आकर इसे फोन कर दिया और इसे लगा कि उसकी रक्षा करनी चाहिए। और फिर वह आकर देखता है कि लड़की का दोस्त ही उसे घेरे में लेने की कोशिश कर रहा था। फिर उसने लड़की को अपने कदमों के पास उल्टियों से बेदम होते देखा। ओह एना… क्या तू आज के बाद फिर कभी ऐसे पल अपने जीवन में चाहेगी? मेरी भीतर की सयानी लड़की ने आधे गोल चश्मों से घूरती आंखों के साथ चेतावनी दी। मैं हौले से हिली और उसने मुझे सीधा रखने के लिए कंधे पर अपना हाथ रख दिया। मैंने उसके कहे अनुसार सारा गिलास पानी पी लिया। उसने गिलास को उठाकर बार पर रखा। फिर मैंने कनखियों से देखकर ये जानना चाहा कि उसने क्या पहन रखा था। एक ढीली सफेद लिनन की कमीज, ढीली जींस और काले स्नीकर्स। साथ ही गहरे रंग की बारीक लकीरों वाली जैकेट पहन रखी है। उसकी शर्ट के बटन ऊपर से खुले हैं और मैं वहां से झांकते बाल देख सकती हूं। अपनी उस धुंधली मन:स्थिति के बीच वह मुझे बहुत मनभावन लगा।

उसने मुझे बांह से पकड़ा। हे भगवान! वह मुझे डांस अ लोर पर ले जा रहा है। हाय! मैं तो डांस नहीं करती। वह भांप गया कि मैं नाचना नहीं चाहती, उसके चेहरे पर प्यारी सी मुस्कान खेल गई। उसने एकदम से अपनी ओर खींच लिया और वह मुझे अपने साथ लेकर थिरकने लगा। ये क्या, यकीन नहीं हो रहा, मैं तो उसके साथ पूरी लय में थिरक रही हूं। उसने मुझे अपने शरीर से सटा कर, कस कर पकड़ा हुआ है। अगर उसने मुझे जोर से न पकड़ा होता तो बेशक मैं उसके कदमों में ही ढेर हो जाती। मन ही मन मुझे मॉम की चेतावनी याद आ गई, जिसे वे अकसर दोहराती हैं- किसी ऐसे मर्द पर कभी भरोसा न करना, जो नाच सकता हो

वह नाचने वालों की भीड़ में से होता हुआ अ लोर के दूसरी ओर चला गया और हम उसके भाई इलियट और केट के पीछे आ गए। तेज आवाज में बजता संगीत मेरे दिमाग के भीतर और बाहर हथौड़े मार रहा है। अरे नहीं, केट को तो देखो, कैसे मटक-मटक कर नाच रही है। बेशक वह ऐसी अदाएं तो तभी दिखाती है, जब वह किसी को लुभाना चाहती हो। लगता है कि क्रिस्टियन का भाई उसे भा गया है। इसका मतलब कल नाश्ते की मेज पर वह भी हमारे साथ होगा।

क्रिस्टियन इलियट की तरफ झुका और उसके कान में कुछ बोला। मैं शोर के कारण सुन नहीं सकी। चौड़े कंधे, घुंघराले ब्लांड बाल और आंखों में दुष्टता भरी चमक लिए इलियट का कद काफी लंबा है। उन लाइटों के बीच उसकी रंगत का तो पता नहीं चला पर उसने खीसें निपोर कर केट को अपने पास खींच लिया। आज तो वह इसी जगह आकर ज्यादा खुश लग रही थी। मैं तो हैरान रह गई। अभी वह कुछ समय पहले ही तो इलियट से मिली है। उसने इलियट की बात सुन कर हामी भरी और मुझे देखकर हाथ हिलाया। क्रिस्टियन उसी पल मुझे वहां से परे ले गया।

पर मुझे केट से बात करने का मौका नहीं मिला। वह ठीक तो है? मैं देख सकती हूं कि उनकी ये दोस्ती आज कहां जा रही है। मुझे उसे सुरक्षित सेक्स के बारे में भाषण देना था। काश उसने भी वाशरूम के दरवाजे के पीछे लगा पोस्टर देखा हो। दिमाग में कई बातें तेजी से चक्कर काट रही थीं। वहां कितनी गरमाहट, शोर और रोशनी थी। मेरा सिर चकराने लगा। अरे नहीं! ऐसा लगा मानो सारा फर्श घूम रहा हो। क्रिस्टियन ग्रे की बांहों में झूलने से पहले मुझे सिर्फ एक ही आवाज सुनाई दी थी-हो गया कबाड़ा!