diwali 2024 vastu tips
diwali 2024 vastu tips

Diwali 2024 Vastu Tips: दिवाली का त्योहार हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसका सभी को साल भर से बेसब्री से इंतजार रहता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक महीने की अमावस्या तिथि को दीपावली मनाई जाती है। इस दिन भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की पूजा का विशेष विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन लक्ष्मी-गणेश की पूजा करने से घर में सुख-शांति का वास होता है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। इस साल दिवाली का त्योहार 1 नवंबर को मनाया जाएगा, जब लोग अपने घरों को दीपों और रंग-बिरंगी लाइटों से सजाते हैं और परिवार के साथ मिलकर खुशियों का जश्न मनाते हैं।

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टूटा हुआ शीशा

यदि आपके घर में कोई टूटा हुआ शीशा है, तो इसे दीवाली से पहले निकालना बहुत जरूरी है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, टूटा शीशा न केवल घर में नकारात्मक ऊर्जा फैलाता है, बल्कि यह घर के सदस्यों पर अशुभ प्रभाव भी डाल सकता है। यह मान्यता है कि टूटा शीशा आत्मविश्वास को कम करता है और पारिवारिक संबंधों में तनाव पैदा कर सकता है। दीवाली जैसे पावन अवसर पर अपने घर से इस नकारात्मकता को दूर करना आवश्यक है, ताकि आप एक सकारात्मक और खुशहाल वातावरण में त्योहार का जश्न मना सकें। इसलिए, टूटा हुआ शीशा निकालकर अपने घर को शुद्ध और सकारात्मक बनाएं।

बंद घड़ी

यदि आपके घर में कोई बंद घड़ी रखी हुई है, तो उसे जल्दी से सही करा लें या फिर घर से बाहर निकाल दें। वास्तु शास्त्र के अनुसार, बंद घड़ी नकारात्मकता फैलाती है और यह घर के वातावरण को प्रभावित कर सकती है। यह माना जाता है कि बंद घड़ी घर में अशांति और गृह क्लेश को बढ़ा सकती है, क्योंकि यह समय की रुकावट का प्रतीक मानी जाती है। घर में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए, ऐसे उपकरणों को निकालना महत्वपूर्ण है, ताकि आप एक सुखद और शांतिपूर्ण माहौल में रह सकें। इस दीवाली, अपनी घर की ऊर्जा को शुद्ध करने के लिए बंद घड़ियों को सही करने या उन्हें हटा देने का प्रयास करें।

टूटे हुए फर्नीचर

दिवाली के पावन त्योहार से पहले, घर से खराब और टूटे हुए फर्नीचर को बाहर निकालना अत्यंत आवश्यक है। खराब फर्नीचर न केवल घर के सौंदर्य को प्रभावित करता है, बल्कि यह नकारात्मक ऊर्जा का स्रोत भी बन सकता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, टूटे हुए फर्नीचर से घर की सुख-शांति चली जाती है और यह पारिवारिक संबंधों में तनाव उत्पन्न कर सकता है। इसलिए, इस दीवाली अपने घर को सकारात्मक ऊर्जा से भरने के लिए पुराने और खराब फर्नीचर को हटाकर नया फर्नीचर लाने पर विचार करें। इससे न केवल घर का वातावरण खुशहाल बनेगा, बल्कि यह आपके त्योहार के जश्न को और भी खास बनाएगा।

खंडित मूर्तियां

वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में देवी-देवता की खंडित मूर्तियां नहीं रखनी चाहिए, क्योंकि ये न केवल पूजा की अपूर्णता का प्रतीक होती हैं, बल्कि दुर्भाग्य का बड़ा कारण भी बन सकती हैं। खंडित मूर्तियां नकारात्मक ऊर्जा को आमंत्रित करती हैं और घर में अशांति फैलाने का काम करती हैं। यह माना जाता है कि इन मूर्तियों के कारण परिवार के सदस्यों में तनाव और अनिष्ट की स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए, घर में देवी-देवता की पूर्ण और सुंदर मूर्तियों का होना महत्वपूर्ण है, ताकि सकारात्मकता बनी रहे और परिवार में सुख-शांति का वातावरण बना रहे। दीवाली जैसे पावन अवसर पर अपने घर से खंडित मूर्तियों को हटाकर नए और सुंदर प्रतिमाओं का स्वागत करना चाहिए।

खराब लोहा

यदि आपके घर में खराब लोहा मौजूद है, तो दिवाली से पहले इसे घर से निकाल देना बेहद आवश्यक है। मान्यता है कि खराब लोहा नकारात्मक ऊर्जा का स्रोत बन सकता है और इससे शनि और राहु के अशुभ प्रभाव झेलने पड़ सकते हैं। ऐसे लोहा सामान घर में रखने से न केवल आर्थिक स्थिति प्रभावित होती है, बल्कि यह पारिवारिक संबंधों में तनाव भी पैदा कर सकता है। इसलिए, इस दीवाली, अपने घर से खराब लोहा हटाकर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करें, जिससे आप एक सुखद और समृद्ध वातावरण का अनुभव कर सकें। घर को साफ और सकारात्मक बनाने के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है, जो आपके जीवन में खुशियों और सफलता को आकर्षित करेगा।

मैं आयुषी जैन हूं, एक अनुभवी कंटेंट राइटर, जिसने बीते 6 वर्षों में मीडिया इंडस्ट्री के हर पहलू को करीब से जाना और लिखा है। मैंने एम.ए. इन एडवर्टाइजिंग और पब्लिक रिलेशन्स में मास्टर्स किया है, और तभी से मेरी कलम ने वेब स्टोरीज़, ब्रांड...