नाइट शिफ्ट में ऐसे रखें अपनी सेफ्टी का ख्याल, घर वालों को नहीं सताएगी बेटी की चिंता: Night Shift For Women
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बहुत ज्यादा लंबी सिटिंग और एक्सरसाइज नहीं करने के कई गंभीर परिणाम आपको भविष्य में भुगतने पड़ सकते हैं। अगर आप भी बुढ़ापे तक फिट रहना चाहते हैं तो आपके लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि आपको हर दिन कितने मिनट की एक्सरसाइज करनी चाहिए।

Exercise Tips: ऑफिस में आठ से दस घंटे कुर्सी से चिपक कर काम करना। थके हारे घर आना और खाना खाकर सो जाना। आज के समय में अधिकांश लोगों की यही दिनचर्या है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह ​गतिहीन जीवनशैली आपको मौत के करीब ले जा रही है। जी हां, बहुत ज्यादा लंबी सिटिंग और एक्सरसाइज नहीं करने के कई गंभीर परिणाम आपको भविष्य में भुगतने पड़ सकते हैं। अगर आप भी बुढ़ापे तक फिट रहना चाहते हैं तो आपके लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि आपको हर दिन कितने मिनट की एक्सरसाइज करनी चाहिए। हाल ही में हुए एक शोध में इसे लेकर खुलासा किया गया है।

Exercise Tips-जो लोग दिनभर लंबे समय तक बैठे-बैठे काम करते हैं, उन्हें हर दिन कम से कम 30 से 40 मिनट की एक्सरसाइज जरूर करनी चाहिए।
People who work sitting for long hours throughout the day should do at least 30 to 40 minutes of exercise every day.

ब्रिटिश जर्नल ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार जो लोग दिनभर लंबे समय तक बैठे-बैठे काम करते हैं, उन्हें हर दिन कम से कम 30 से 40 मिनट की एक्सरसाइज जरूर करनी चाहिए। इससे उनकी लाइफ में बैलेंस बना रहेगा। वहीं जो लोग विगोरोस वर्कआउट यानी कठिन एक्सरसाइज करते हैं, वो कम समय एक्सरसाइज करके भी यह लाइफ बैलेंस बना सकते हैं। डेटा एनालिसिस के आधार पर अध्ययन में यह भी पाया गया है कि जो लोग कम सक्रिय होते हैं उनकी असमय मृत्यु का खतरा ज्यादा होता है। इससे पहले माना जाता था कि दिनभर बैठकर काम करने वालों को रोजाना कम से कम 60 से 75 मिनट की एक्सरसाइज करनी चाहिए।

यह अध्ययन हर सप्ताह 150 से 300 मिनट एक्सरसाइज करने की सलाह देता है। माना जाता है कि इससे असमय मृत्यु का खतरा कम होता है। डब्ल्यूएचओ भी इससे सहमत है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार वयस्कों को हर सप्ताह कम से कम 150 से 300 मिनट की एक्सरसाइज जरूर करनी चाहिए।  

हर इंसान एक जैसा वर्कआउट नहीं कर सकता है। कोई मॉडरेट एक्सरसाइज करता है तो कोई कठिन एक्सरसाइज करना पसंद करता है। हालांकि दोनों ही फायदेमंद हैं, लेकिन इसके प्रभाव अलग-अलग हैं। मॉडरेट यानी मध्यम एक्सरसाइज में ब्रिक्स वॉक, साइकिलिंग, डांस आदि शामिल हैं। ये सभी एक्सरसाइज आपके हार्ट को एक्टिव रखती हैं। इनसे आपका ब्लड सर्कुलेशन तेज होता है और दिल सेहतमंद रहता है। इससे आपकी फिटनेस भी बढ़ती है। वहीं कठिन एक्सरसाइज यानी विगोरोस एक्सरसाइज में रनिंग, स्विमिंग, एरोबिक एक्सरसाइज, क्रिकेट, बैडमिंटन, फुटबॉल, बास्केटबॉल आदि खेलना शामिल है। इन सभी से आपका श्वसन तंत्र सेहतमंद रहता है, साथ ही  मांसपेशियों को भी ताकत मिलती है। इनसे कैलोरी तेजी से बर्न होती हैं।

अगर आप बेस्ट की तलाश में हैं तो मोडरेट और विगोरोस एक्सरसाइज का मिश्रण आपके लिए सबसे अच्छा है। इससे आपका हार्ट भी हेल्दी रहेगा,  वजन कम होगा, मांसपेशियां मजबूत होंगी और श्वसन तंत्र भी अच्छे से काम करेगा। आपको सप्ताह में करीब 150 मिनट मॉडरेट एक्सरसाइज करनी चाहिए। वहीं 75 मिनट विगोरोस एक्सरसाइज को देने चाहिए। इन दोनों के समायोजन से आप लंबे समय तक सेहतमंद जिंदगी जी पाएंगे। 

मैं अंकिता शर्मा। मुझे मीडिया के तीनों माध्यम प्रिंट, डिजिटल और टीवी का करीब 18 साल का लंबा अनुभव है। मैंने राजस्थान के प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थानों के साथ काम किया है। इसी के साथ मैं कई प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबों की एडिटर भी...