नवरात्रि के त्योहार की भक्ति और उल्लास बॉलिवुड सितारों के साथ टीवी सेलेब्स पर भी देखने को मिलता है। कई एक्टर-एक्ट्रेस नवरात्रि पर नौ दिनों के व्रत करते हैं, वहीं कुछ सेलेब्स मां दुर्गा की मूर्ति घर में स्थापित करते हैं। हम आपको ऐसे ही सेलेब्स से मिलवाने जा रहे हैं, जिन्होंने बताया कि वह इस त्योहार कैसे मनाते हैं, साथ ही शेयर की इस त्योहार से जुड़ी उनकी यादें।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

प्रियाल गौर ऊर्फ सब टीवी के ‘इच्छाप्यारी नागिन‘ की इच्छा कहती हैं, ‘‘मैं एक गुजराती हूं और इसमें कोई शक नहीं कि यह मेरा पसंदीदा त्योहार है। इसके अलावा मुझे गरबा करना भी पसंद है और यह त्योहार मनाना भी। मेरी सबसे अच्छी यादों में से है, जब बचपन में मुझे एक जगह चीफ गेस्ट के रूप में गरबा खेलने के लिए बुलाया गया था। वो मेरी जिंदगी के सबसे यादगार दिन थे। मुझे पारंपरिक तरीके से यह त्योहार मनाना पसंद है और घाघरा चोली पहनना मुझे बहुत अच्छा लगता है। नवरात्रि में जब भी मैं बाहर जाती हूं तो पूरे पारंपरिक तरीके से तैयार होकर जाती हूं। मैं चाहती हूं कि मेरे फैंस को सारी खुशियां मिले क्योंकि वे मेरे जीवन का अहम हिस्सा हैं और मुझे उम्मीद है कि उन्हें मेरा नया शो पसंद आएगा। आपका भरपूर प्यार मुझे मिलेगा।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

अनिरुद्ध दवे ऊर्फ सब टीवी के ‘वाइएआरओ का टशन‘ में वाइएआरओ कहते हैं कि सभी गुजरातियों के लिए नवरात्रि खास होती है। मुझे याद है जब मैं छोटा था, मेरे डैड मुझे जयपुर के गुजराती कम्युनिटी हॉल में गरबा खेलने के लिए ले जाया करते थे, क्योंकि हम लोग गुजरात से बाहर रह रहे थे। मैं खाने-पीने का बहुत शौकीन हूं, आरती के बाद जो भी खाने की चीजें और प्रसाद दिए जाते थे, वो मुझे सचमुच बहुत पसंद थे। मैं पूरी तरह से तैयार होता था और सारे पंडालों में डांडिया और गरबा करने जाया करता था। मुझे यह जानकार अच्छा लगता है कि लोग अपने तरीके से इसे सेलिब्रेट करते हैं। मेरी कामना है कि मेरे फैंस को सारी खुशियां मिलें और मां दुर्गा अपना आर्शीवाद सब पर बनाए रखें।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

सुमित राघवन ऊर्फ सब टीवी के ‘बड़ी दूर से आए हैं‘ के वसंत घोटाला कहते हैं कि भारत में सभी त्योहार स्पेशल होते हैं, चाहे वह होली, गणेश चतुर्थी या नवरात्रि। मुझे लगता है कि गरबा के डांस फॉर्म और डांडिया इसे बहुत ही अनूठा और अलग बनाते हैं। नवरात्रि से जुड़ी मेरी सबसे अच्छी याद है,जब मैं हर दिन डांडिया नाइट के लिए कई जगहों पर और अपने आस-पड़ोस में जाया करता था। मैं उस समय की मस्ती और उत्साह को सचमुच बहुत मिस करता हूं। मुझे हर चीज सिंपल और स्वीट करने की आदत रही है। अपने फैंस से मेरा एक ही निवेदन है कि कानून का सम्मान करें, अनुशासन और सफाई बनाए रखें। त्योहारों के समय सोसायटी में रहने वाले लोगों का पूरा सम्मान करें।”

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

देव जोशी ऊर्फ सब टीवी के ‘बालवीर‘ के बालवीर बताते हैं ‘‘नवरात्रि मेरे जन्मस्थान गुजरात का त्योहार है, इसलिए मैं और मेरा परिवार इसे सबसे अधिक पसंद करते हैं। यह त्योहार मेरे लिए स्पेशल है, क्योंकि एक्टिंग को कॅरियर के रूप में चुनने से पहले, मैं नवरात्रि के गरबा कार्यक्रमों में जाया करता था। मेरा पसंदीदा है, गरबा ऑफ वाइब्रेंट गुजरात, क्योंकि हर साल यह बड़े पैमाने पर नए और मजेदार थीम्स पर आयोजित होता है। बालवीर की शूटिंग के दौरान, मैं अब भी ब्रेक लेता हूं और वाइब्रेंट गुजरात देखने के लिए अहमदाबाद जाता हूं। मैं नवरात्रि पर स्कूल में स्टूडेंट की तरह और साथ ही साथ गेस्ट के रूप में सेलिब्रेट करता हूं। नवरात्रि के दौरान गेस्ट के रूप में अपने स्कूल जाना मेरे लिए सौभाग्य की बात है, जहां मैं पढ़ा करता था। मुझे मुंबई में फाल्गुनी पाठक और अहमदाबाद में विक्रम ठाकुर के गरबा नाइट में जाना पसंद है क्योंकि दोनों ही मेरे फेवरेट हैं। नवरात्रि देवी की अच्छाई पर बुराई की जीत का त्योहार है, क्योंकि भगवान राम ने नवरात्रि के 10वें दिन रावण को पराजित किया था और इसलिए मैं अपने सारे दोस्तों को यह कहना चाहता हूं कि उन्हें हमेशा ही अच्छा इंसान बने रहना चाहिए, पॉजिटिव और सेफ रहें और सब लोग खुश रहें।” 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 


परेश गणात्रा 
ऊर्फ सब टीवी के चिड़ियाघर में घोटक ने बताया कि गुजराती होने के कारण नवरात्रि मेरे लिए बहुत ही खास त्योहार है, यह हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण त्योहार है। हम लोग नौ दिनों के लिए अपने घर पर माताजी का गरबा लाते हैं। देवी के सामने चैबीसों घंटे दीपक जलता रहता है और मेरे परिवार के लोग सारा दिनभर आरती गाते रहते हैं। इसे मैं पूरे गुजराती अंदाज में सेलिब्रेट करता हूं। मेरे घर की सारी महिलाएं नौ दिनों तक उपवास रखती हैं। हम लोग इस बात का ध्यान रखते हैं कि आरती के बाद सारे लोग एक साथ खाना खाएं। मेरे बचपन से जुड़ी सबसे अच्छी यादों में से एक है,जब हम लोग सारी रात गरबा खेला करते थे। मैं विल-पार्ले में रहा करता था और हमारे घर के बगल वाली सड़क काफी संकरी थी, जहां हम गरबा खेलते थे। वह सड़क बहुत सकरी थी, लेकिन इसके बावजूद हम किसी तरह सारी रात गरबा खेलने का बंदोबस्त कर ही लिया थे। मुझे याद है कि हम पूरे साल इसलिए पैसे बचाया करते थे, ताकि गरबे की रात पावभाजी खा सकें। नवरात्रि के दौरान हम नए कपड़े जरूर खरीदते थे। ये सारी यादें मेरे लिए बहुत ही खास हैं। अपने फैंस से मेरा यही निवेदन है कि इसके पीछे की परंपरा और सही अर्थों को हमेशा याद रखें। लोगों के लिए यह जरूरी है कि वे अपनी परंपरा को जिंदा रखें।