Doree Serial Update: यह बात सच है कि हमारे देश की ही बेटियों ने चंद्रयान के जरिए हमारे पहुंच को चांद पर पहुंचा दिया लेकिन आज भी बहुत से घरों में जब चांद जैसी बेटी पैदा होती है तो उसकी चमक से खुशियां उतनी नहीं झिलमिलाती जितना के घर के कुलदीपक के आने से। इसी कहानी को केंद्र में रखकर कलर्स पर नए प्रसारित होने वाले सीरियल डोरी का ताना-बाना बुना गया है। यह कहानी डोरी की है जो पैदा तो बड़े घर में हुई लेकिन उस बड़े घर में उसकी गुंजाईश नहीं थी। ऐसे में उसे मरने छोड़ने के लिए गंगा मैय्या के हवाले कर दिया और मां ने ही उसे एक गरीब बुनकर गंगा से मिलवा दिया। इस सीरियल को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय का भी सपोर्ट मिला है। इसमें डोरी के किरदार को माही भानुशाली निभा रही हैं। इसमें वह छह साल की बच्ची का किरदार निभा रही हैं।
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मैं गंगा प्रसाद जी की बेटी हूं
गंगा का किरदार इस धारावाहिक में अमर उपाध्याय कर रहे हैं। इसमें बताया गया है कि वो एक हाथ से लाचार हैं। लेकिन बावजूद इसके मेहनत और मजदूरी करके अपना और अपनी बूढ़ी नानी का पेट पालते हैं। उन्हें गंगा में घाट पर टोकरी में एक बच्ची मिलती है जो कि दुर्गा मां की चुन्नी से ढकी और लिपटी है। पानी में उस बच्ची को टोकरी में देखकर वो उसे ले आते हैं। जब उनकी नानी उनसे कहती है लोग कल को इससे पूछेंगे कि तू किस परिवार की है। तो यह क्या जवाब देगी इस पर गंगा कहता है वो कहेगी उसकी रगों में उसके बाबा का खून नहीं उनकी मोहब्बत बहती है। वह बड़ी होकर कहेगी कि मैं गंगा प्रसाद जी की बेटी हूं। गंगा कहता है इसे और मुझे मां ने चुनरी की डोरी से जोड़ा है। इसका नाम आज से डोरी है।
मां कर रही है बेटी को याद
मां तो मां ही होती है डोरी को गंगा के रुप में पिता का साथ मिल गया लेकिन इधर हवेली में उसकी मां उसे याद कर के बहुत बैचन हो रही है। इस किरदार को तोरल निभा रही हैं। वो सीरियल में एक मजबूर बहू के तौर पर नजर आ रही हैं। वहीं उनकी सास का किरदार सुधा चंद्रन निभा रही हैं जिनका नाम कैलाशी देवी है। जिनकी नजर में बेटियों का पैदा होना कोई अच्छी बात नहीं होती।
मालकिन जी से हो गई मुलाकात
सीरयल में अब तक दिखाया गया है कि डोरी अब बढ़ी हो चुकी है साथ ही घर की गरीबी की मुश्किलें भी बढ़ चुकी है। डोरी एक चंचल सी लड़की है और जवाब देने में वो किसी से नहीं डरती। संकटा देवी के मंदिर में उसकी मुलाकात कैलाशी देवी से एक बहस के साथ होती है। वो शिव का रुप धारण कर मंदिर में पहुंचती है और कैलाशी देवी उससे कहती हैं लड़की होकर तूने ऐसा क्यों किया। लेकिन वह कहती है संकटा देवी भी तू लड़की है। वो भी तो भगवान है। खैर दूसरी बातों पर भी बहस होती है और कैलाशी गुस्से में वहां से चली जाती है। अब आने वाले एपिसोड्स में हम देखेंगे कि कैलाशी देवी से डोरी की बहस क्या अंजाम लाती है।
