इन छोटी-छोटी चीजों के दान से आप पर होगी खुशियों की बरसात: International Day of Charity

International Day of Charity: चैरिटी यानी दान,परोपकार को हमारे धर्म ग्रंथों में हमेशा से ही सबसे बड़ा पुण्य माना गया है। माना जाता है कि दूसरों की मदद करना, उनके काम आना, जरूरत के समय उन्हें सहारा देने से बड़ा सदकर्म कुछ नहीं है। रामायण से लेकर महाभारत और गीता में दान और परोपकार के महत्व को बहुत ही सुंदर तरीके से समझाया गया है। आज भी हमारे तीज त्योहारों में दान का महत्व है। अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में छोटी-छोटी चीजों का दान करके आप न सिर्फ मानवता की सेवा कर सकते हैं, बल्कि पुण्य भी कमा सकते हैं। इंटरनेशनल डे ऑफ चैरिटी पर जानते हैं ऐसे दान के बारे में जिनसे आपकी टेंशन दूर हो सकती है।

इसलिए मनाया जाता है इंटरनेशनल डे  ऑफ  चैरिटी

International Day of Charity
International Day of Charity is celebrated every year on 5 September in memory of Mother Teresa

ममता और करुणा की प्रतिबिंब संत मदर टेरेसा के निधन के दिन उनकी याद में हर साल 5 सितंबर को इंटरनेशनल डे  ऑफ  चैरिटी मनाया जाता है। इस दिन से मनाने का उद्देश्य है लोगों को परोपकार और दान का महत्व समझाना। 17 दिसंबर, 2021 को संयुक्त राष्ट्र महासभा की ओर से 5 सितंबर को इंटरनेशनल डे ऑफ चैरिटी के रूप में मनाने की घोषणा की गई थी।

जरूर निकालें गाय और कुत्ते की रोटी

हमारे शास्त्रों में जीव जंतुओं की सेवा को बड़ा परोपकार माना गया है।
International Day of Charity-In our scriptures, service to animals is considered a great charity.

हमारे शास्त्रों में जीव जंतुओं की सेवा को बड़ा परोपकार माना गया है। शायद यही कारण है कि घर में गाय और श्वान की रोटी निकालने की परंपरा है। घर में रोटी बनाते समय पहली रोटी हमेशा गाय की निकालनी चाहिए। माना जाता है कि इससे अखंड पुण्य मिलता है। क्योंकि गाय में 33 कोटि देवी देवताओं का वास होता है, ऐसे में गौ माता को रोटी खिलाकर आप सभी को एक साथ भोग लगा पाते हैं। इससे हर मनोकामना पूरी होती है। ध्यान रखें इस रोटी पर देसी घी लगाएं और चीनी या फिर गुड जरूर रखें। वहीं कुत्ते यानी श्वान को भगवान भैरव की सवारी कहा जाता है। आखिरी रोटी हमेशा श्वान के लिए निकालनी चाहिए। इससे आप पर भगवान भैरव और शनि दोनों की कृपा बनी रहती है।  

अनाज का दान करना जरूरी

सनातन धर्म में अनाज के दान को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है।
Donation of grains has been considered very important in Sanatan Dharma.

सनातन धर्म में अनाज के दान को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। माना जाता है कि जरूरतमंद शख्स को अनाज दान करने से पुण्य प्राप्त होता है और घर में कभी भी अनाज की कमी नहीं होती है। दरअसल, अनाज दान करने से मां अन्नपूर्णा और मां लक्ष्मी दोनों ही प्रसन्न होती हैं। अनाज हमेशा बिना पकाए दान करना चाहिए। इसे नियमित करने से मनचाहा फल मिलता है।  

वस्त्रों का दान का बड़ा महत्व

अक्सर लोग अपने फटे पुराने कपड़ों को जरूरतमंदों को देते हैं और उसे वस्त्र दान समझ लेते हैं।
International Day of Charity-Often people give their torn old clothes to the needy and consider it as a clothing donation.

अक्सर लोग अपने फटे पुराने कपड़ों को जरूरतमंदों को देते हैं और उसे वस्त्र दान समझ लेते हैं। लेकिन ऐसा नहीं है। कभी भी पुराने कपड़ों को दान न समझें, हमेशा अच्छे और नए कपड़ों का दान करें। ऐसा करने से आपकी आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। आपके रुके हुए कार्य आसानी से होते चले जाएंगे।

इन चीजों का दान करने से बनेंगे बिगड़े काम

घी के दान को भी महत्वपूर्ण माना गया है।
International Day of Charity-Donation of ghee is also considered important.

दरअसल, हमारे शास्त्रों में दान को हमेशा मानवता से जोड़ा गया है। इसका उद्देश्य यही है कि जरूरतमंदों की मदद हो सके। इसी कड़ी में घी के दान को भी महत्वपूर्ण माना गया है। अगर आप जीवन में तरक्की चाहते हैं तो गाय के घी का दान करें। इसे एक पात्र में रखकर किसी जरूरतमंद को दें। आपको जल्द ही मंगलकारी समाचार मिलेंगे। अगर परिवार में अक्सर कलह रहती है तो आप गुड़ का दान करें। इससे जीवन में सुख आएगा। साथ ही दरिद्रता दूर होती और आपके काम बनते चले जाएंगे।

मैं अंकिता शर्मा। मुझे मीडिया के तीनों माध्यम प्रिंट, डिजिटल और टीवी का करीब 18 साल का लंबा अनुभव है। मैंने राजस्थान के प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थानों के साथ काम किया है। इसी के साथ मैं कई प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबों की एडिटर भी...