Watermelon Benefits: हर कोई गर्मी के मौसम में तपिश से बचने के लिए यथासंभव प्रयास करता है। घर को ठंडा रखने के लिए कूलर, पंखे और एसी चलने लगते हैं तो वहीं ठंडी तासीर वाली चीजें आहार का हिस्सा बन जाती हैं। साथ ही गर्मियों के मौसम में जूस, शेक, आइसक्रीम और रसीले फलों का चलन बढ़ जाता है। इन फलों में सबका पसंदीदा तरबूज भी शमिल है जो कूलिंग इफेक्ट प्रदान करने के साथ हेल्दी भी है। तरबूज में मौजूद 90 प्रतिशत पानी और ग्लूकोज जहां हमारे शरीर को ठंडक प्रदान करता है, वहीं इसमें मौजूद विटामिन, मिनरल, फाइबर जैसे पोषक तत्व, लाइकोपीन, फेनेालिक, बीटा कैरोटीन एंटीऑक्सीडेंट या फाइटोन्यूट्रीएंट और अमीनो एसिड स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं। रिसर्च से साबित हुआ है कि अगर हम रोज गर्मियो में तरबूज खाते हैं, तो हमारी लाइफ स्टाइल संबंधी कई बीमारियां कम हो जाती हैं जैसे-मोटापा, हाइपरटेंशन, हार्ट प्राॅब्लम और अन्य।
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हाइपरटेंशन में दे आराम
अमेरिकन जनरल ऑफ हाइपोटेंशन में प्रकाशित एक रिसर्च के अनुसार तरबूज को पूरक आहार के तौर पर रोजाना खाने से हमारी बाॅडी का सर्कुलेशन सिस्टम ठीक होता है और हाइपरटेंशन वाले मरीज को राहत मिलती है। इतना ही नहीं स्टेज 1 मरीजों की हाइपरटेंशन रिवर्स तक हो जाती है।
रखे दिल का ध्यान
लाइकोपीन का अच्छा स्रोत होने के कारण तरबूज के नियमित सेवन हार्ट आर्टरीज में ब्लाॅकेज केा दूर कर ब्लड सर्कुलेशन को सुचारू रूप से चलने में मदद करता है और कई हार्ट डिजीज से भी बचाता है।
कैंसर को करे कंट्रोल

तरबूज में मौजूद विटामिन सी और लाइकोपीन कैंसर कोशिकाओं को विकसित होने से रोकता है। क्यूकुरबाइटासिन-ई नामक एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले फ्री रेडिकल्स को शरीर से बाहर निकालने में मदद करते हैं और कैंसर के रिस्क को कम करते हैं। नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट ने रिसर्च से साबित किया है कि लाइकोपीन प्रोस्टेट कैंसर की रोकथाम में सहायक है।
किडनी को सुचारू रूप से चलाने में मददगार
पोटेशियम, कैल्शिम जैसे पोषक तत्वों से भरपूर तरबूज किडनी को स्वस्थ बनाए रखता है। किडनी फिल्टर कर ब्लड में मौजूद विषक्त पदार्थों को शरीर से बाहर निकालती है। तरबूज के नियमित सेवन से ब्लड सर्कुलेशन अच्छी तरह होता है जो किडनी को सुचारू रूप से काम करने और शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करता है।
हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन से बचाए
गर्मियों में शरीर में पानी की कमी से होने वाले डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक से बचाने में तरबूज का नियमित सेवन फायदेमंद है। तरबूज में 90-92 प्रतिशत पानी होता है जो शरीर में इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बनाए रखता है।
कब्ज करे दूर

पानी और फाइबर से भरपूर तरबूज के नियमित सेवन पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और कब्ज की शिकायत को दूर करता है। डाइजेस्टिव सिस्टम को इम्प्रूव कर आंतों की गतिविधि को अच्छा करता है जिससे शौच में दिक्कत नही आती।
सूजन में दे आराम
तरबूज में एल-सिटरूलाइन और एल-अर्जीनाइन नामक अमीनो एसिड और एंटी-इम्फ्लीमेटरी गुण पाए जाते हैं जो ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाकर मसल्स की सूजन दूर करने में सहायक है। अपने इसी गुण के कारण तरबूज डायबिटीज, हार्ट डिजीज, फाइब्रोमायल्जिया जैसी बीमारी में होने वाली सूजन में आराम पहुंचाता है। एथलीट्स को यह अमीनो एसिड दिया जाता है ताकि उनकी मसल्स में सूजन दूर हो और रिकवरी जल्दी हो।
पैरों की झनझनाहट करे दूर
पोटेशियम से भरपूर तरबूज का नियमित सेवन तंत्रिका तंत्र के कार्यो को सुचारू रूप से चलाने में मदद करता है। जिससे पैरों में ऐंठन, सुन्नपन, झनझनाहट को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद

तरबूज में मौजूद विटामिन ए के निर्माण में मदद करता है। विटामिन ए और इसमें मौजूद पानी स्किन और बालों को माॅश्चराइज रखने में मदद करता है और उनमें चमक बढाता है। बाॅडी टिशूज को विकसित करने में मदद करता है। बीटा कैरोटीन त्वचा को स्वस्थ बनाए रखता है। विटामिन सी की अच्छी मात्रा होने के कारण तरबूज का नियमित सेवन नए कोलेजन और इलास्टिन कोशिकाओं के स्वस्थ विकास में मदद करता है।
मोटापे को करे कंट्रोल
तरबूज मे कैलोरी और फैट न होने से यह भरपेट खाने पर भी तरबूज मोटापा नही बढ़ाता। फाइबर और पानी टमी फुलर का अहसास दिलाता है। वेट लाॅस सेशन में शामिल लोगों के लिए बहुत अच्छा है। तरबूज में मौजूद एल-सिट्रूलाइन और एल-आर्जिनिन नामक अमीनो एसिड अतिरिक्त वसा के संचय को कम करने में मदद करता हैै।
आंखों में लिए फायदेमंद
तरबूज में विटामिन ए अल्फा कैरोटीनॉयड और बीटा कैरोटीनॉयड के रूप में मिलता है जो आंखों के लिए बहुत फायदेमंद है।
इन मरीजों के लिए हानिकारक है तरबूज

अगर हम रोजाना 200-300 ग्राम तरबूज खाना बेहतर है। इससे अधिक खाने से कई बार दिक्कतें भी आ जाती हैं। इसमें मौजूद माइक्रोन्यूट्रिएंट्स की वजह से हाइपो-टाॅक्सीसिटी होने की संभावना रहती है। विटामिन सी की मात्रा अधिक होने की वजह से पेट के गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट या जठरांत्र पथ में गड़बड़ी हो सकती है। गैस बनने लगती है, कई मामलों में डायरिया भी हो जाता है। लाइकोपीन अधिक मात्रा में होने से भूख न लगने की शिकायत भी हो सकती है। हाइपरक्लेमिया पीड़ित मरीजों को ज्यादा मात्रा में तरबूज खाना नुकसानदायक हो सकता है। क्योंकि इनके रक्त में पहले ही पोटेशियम अधिक मात्रा में होता है जिससे उन्हें हार्ट संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
