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कैलाश मानसरोवर यात्रा की ख़ास बात

इस यात्रा में मुख्य रूप से श्रद्धालु कैलाश पर्वत की परिक्रमा और पापों से मुक्ति के लिए मानसरोवर झील में स्नान करते हैं।

Kailash Mansarovar Mein Ghumne ki Best Jagah: कैलाश मानसरोवर हमारे देश के सबसे प्रमुख दर्शनीय स्थलों में आता है। इस जगह ओर होने वाली कैलाश मानसरोवर की यात्रा हिंदू धर्म में बहुत ही महत्वपूर्ण होती है। जिसकी वजह से कई महीने पहले से तैयारी शुरू हो जाती है। जिसके लिए बहुत सारी बातों का ध्यान रखना होता है। इस यात्रा में मुख्य रूप से श्रद्धालु कैलाश पर्वत की परिक्रमा और पापों से मुक्ति के लिए मानसरोवर झील में स्नान करते हैं। यह यात्रा कई दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्रों से गुजराती है। इसलिए इस यात्रा को शुरू करने से पहले केंद्र सरकार बेहद गंभीर हो जाती है और कई नियम बनाती है। 

जगह शहर से दूरी/किलोमीटर
मानसरोवर झील- Lake Manasarovar90
राक्षस ताल- Rakshas Tal3.7
कैलाश परिक्रमा- kailash Parikrama52
पशुपतिनाथ मंदिर- Pashupatinath Temple499
ओम पर्वत- Om Parvat110
मुक्तिनाथ मंदिर- Muktinath 309
सप्तऋषि गुफाएं- Saptarishi caves11.3
यम द्वार- Yam Dwar15
गेज किंगडम- Guge Kingdom300
जल नारायण विष्णु मंदिर- Jal Narayan Vishnu Temple148
दामोदर कुंड- Damodar kund140
गौरी कुंड- Gaurikund234
माउंट कैलाश Mount Kailash47
तीर्थपुरी Tirthapuri80
नंदी पर्वत Nandi Parvat45
अष्टापद Ashtapad189
चरण स्पर्श Charan Sparsh47
बागेश्वरी देवी मंदिर Bageshwari Devi Temple303
गुह्येश्वरी देवी मंदिर Guhyeshwari Devi Temple499
चिउ गोम्पा मठ Chiu Gompa Monastery80
20+ कैलाश मानसरोवर यात्रा में घूमने के लिए बेहतरीन स्थान और प्रमुख दर्शनीय स्थल
Kailash Mansarovar Mein Ghumne ki Best Jagah
Lake Manasarovar

मानसरोवर झील कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान आने वाली एक प्रमुख झील है। जिसका बहुत ही ज़्यादा आध्यात्मिक महत्व है। यह झील काफ़ी बड़ी है और लगभग 320 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैली हुई है। कहा जाता है कि इसी झील में माता पार्वती स्नान करती थी। मानसरोवर झील के उत्तर में कैलाश पर्वत तथा पश्चिम में रक्षातल झील है। यह दुनिया की शुद्ध पानी की झीलों में से एक है।  

इस पवित्र स्थान पर भारतीय और विदेशी दोनों की पर्यटकों का प्रवेश फ्री है। 

Rakshas Tal
Rakshas Tal

कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान एक बहुत ही लम्बी और चौड़ी झील मिलती है। यह लगभग 225 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली हुई है। जिसकी परिधि करीब 84 किलोमीटर है। कहा जाता है कि इस झील के तट पर कभी राक्षसों के राजा रावण ने भगवान शिव की आराधना की थी। जिसकी वजह से इसे राक्षस ताल या रावणहृद के नाम से जाना जाता है। राक्षसताल में स्नान करने से मना किया जाता है। 

इस पवित्र स्थान पर भारतीय और विदेशी दोनों की पर्यटकों का प्रवेश फ्री है। 

Kailash Parikrama
Kailash Parikrama

कैलाश की परिक्रमा का एक बहुत ही ख़ास महत्व है। यह परिक्रमा लगभग 16,000 फीट की ऊंचाई से शुरू होकर 19,000 फीट तक जाती है। इस परिक्रमा के अपने कई तरह के रोमांच और चुनौतियाँ हैं। इससे ऊँचाई पर बढ़ने के बाद ऐसा लगता है कि हम किसी और ही दुनिया में आ गए हैं। इस जगह से ब्रह्मपुत्र, सिन्धु, सतलुज जैसी कई महत्वपूर्ण नदियों का उद्गम होता है। 

इस पवित्र स्थान पर भारतीय और विदेशी दोनों की पर्यटकों का प्रवेश फ्री है। 

Pashupatinath Temple
Pashupatinath Temple

कैलाश मानसरोवर के पास बने पशुपतिनाथ मंदिर का बहुत ही ज़्यादा पौराणिक महत्व है। यह काठमांडू का सबसे पुराना हिन्दू मंदिर है। जिसकी वजह से दुनिया भर से लोग इस मंदिर में आते हैं। ऐसा बताया जाता है कि यहां के देवता ने पशुपति के रूप में बहुत प्रसिद्धि हासिल की थी। इस मंदिर में हिन्दू धर्म के लोग ही प्रवेश कर सकते हैं। दूसरे धर्म के लोगों के लिए इस मंदिर में प्रवेश वर्जित है। 

इस पवित्र स्थान पर भारतीय और विदेशी दोनों की पर्यटकों का प्रवेश फ्री है। 

Om Parvat
Om Parvat

कैलाश मानसरोवर के अंतर्गत आने वाले ओम पर्वत को एक बहुत ही बड़ा दर्शनीय स्थल माना जाता है। इस जगह को एक जादुई और प्रेरक हिमालय पर्वत शिखर के तौर पर भी जाना जाता है। दारचुला जिले में स्थित यह पर्वत 6190 मीटर की ऊंचाई तक बढ़ता है। कई लोग इस पर्वत को आदि कैलाश और छोटा कैलाश के नाम से भी जानते हैं। ओम् पर्वत पर पहुँचना भी आसानी नहीं है। कैलाश मानसरोवर की ही तरह ही आदि कैलाश की यात्रा भी अति दुर्गम यात्रा मानी जाती है।

इस पवित्र स्थान पर भारतीय और विदेशी दोनों की पर्यटकों का प्रवेश फ्री है। 

Muktinath Temple
Muktinath Temple

कैलाश यात्रा के दौरान मुक्तिनाथ मंदिर भी आता है। यह इस जगह का एक आकर्षक दर्शनीय स्थल है। मुक्तिनाथ मंदिर हिंदू एवं बौद्ध दोनों ही धर्म को मानने वालों के लिए बहुत ही धार्मिक महत्व रखता है। यह मंदिर एक बहुत ही सुंदर सी घाटी में स्थित हैं जहां पर दुनिया भर के ट्रैकर्स ट्रेकिंग के लिए आते हैं। इस जगह पर आकर इस मंदिर की वास्तुकला को देख सकते हैं। शिवालय शैली में बना यह मंदिर बहुत जी ख़ूबसूरत है।

इस पवित्र स्थान पर भारतीय और विदेशी दोनों की पर्यटकों का प्रवेश फ्री है।  

Saptarishi caves
Saptarishi caves

सप्तऋषि गुफाएं कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान बहुत ही कठिन ट्रेक में से एक के रूप में भी मानी जाती है। यह गुफाएँ लगभग 6000 मीटर की ऊँचाई पर स्थित हैं। जिनका आकर बहुत ही अनोखा बताया जाता है। इन गुफ़ाओं से कई तरह के रहस्य जुड़े हुए हैं। जिसे समझने के लिए इस जगह पर दुनिया भर से लोग आते हैं। इन गुफाओं की सभी दीवारें आपको लाल रंग की दिखेंगी क्योंकि इस जगह पर तिब्बती परंपरा का पालन किया गया हैं।

इस पवित्र स्थान पर भारतीय और विदेशी दोनों की पर्यटकों का प्रवेश फ्री है। 

Yam Dwar- Yam Dwar
Yam Dwar- Yam Dwar

कैलाश मानसरोवर की यात्रा में यम द्वार एक बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है। यम द्वार को कुछ लोग यम द्वारी के नाम से भी जानते हैं। कैलाश पर्वत की परिक्रमा का प्रारंभ इसी स्थान से होता है जिसकी वजह से इसके प्रति लोगों की आस्था और भी ज़्यादा बढ़ जाती है। यम को मृत्यु का देवता कहा गया है। ऐसा कहा जाता है कि स्वयं भगवान यम शिव भगवान के निवास स्थान कैलाश की रखवाली करते हैं। 

इस पवित्र स्थान पर भारतीय और विदेशी दोनों की पर्यटकों का प्रवेश फ्री है। 

Guge Kingdom
Guge Kingdom

कैलाश मानसरोवर की यात्रा के दौरान आने वाले गेज किंगडम को एक बहुत ही विविधतापूर्ण पर्यटन स्थल के तौर पर देखा जाता है। इस जगह पर आकर सैलानी रोमांच से बाहर जाते हैं। अगर आप भी अपनी इस यात्रा के दौरान किसी रोमांचित स्थल पर जाना चाहते हैं, तो यह एक बहुत ही अच्छा विकल्प हो सकता है। इस जगह की प्राकृतिक सुंदरता आपको मंत्रमुग्ध कर देगी। यह कैलाश पर्वत के नज़दीक तिब्बत के पश्चिमी क्षेत्र में स्थित है। इस जगह पर जाकर आप कई मठ भी देख सकते हैं। 

इस पवित्र स्थान पर भारतीय और विदेशी दोनों की पर्यटकों का प्रवेश फ्री है। 

Jal Narayan Vishnu Temple
Jal Narayan Vishnu Temple

कैलाश मानसरोवर की यात्रा में दौरान एक और पवित्र स्थान मिलता है। जिसे लोग जल नारायण विष्णु मंदिर के नाम से जानते है। कुछ लोग इस मंदिर को बुधनीलकंठ मंदिर के नाम से भी जानते है। यह भगवान विष्णु को समर्पित मंदिर हज़ारों लाखों लोगों की आस्था का केंद्र है। इस जगह पर आकर आप भगवान विष्णु की पूजा कर सकते हैं। इस जगह पर आकर आपको अच्छा लगेगा। 

इस पवित्र स्थान पर भारतीय और विदेशी दोनों की पर्यटकों का प्रवेश फ्री है। 

Damodar Kund
Damodar Kund

कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए आने वाले सैलानियों का एक और बहुत ही पवित्र स्थल का सामना होता है जिसे लोग दामोदर कुंड के नाम से जानते हैं। यह एक बहुत ही अच्छी और लोकप्रिय जगह है। इस जगह पर दुनिया भर से लोग अपनी धार्मिक यात्रा को प्रकट करने के लिए आते है। इस जगह पर आने वाले तीर्थयात्री इस झील की पूजा करते हैं। इस जगह पर आपको ज़रूर जाना चाहिए। 

इस पवित्र स्थान पर भारतीय और विदेशी दोनों की पर्यटकों का प्रवेश फ्री है। 

Gauri Kund- Gaurikund
Gauri Kund- Gaurikund

कैलाश मानसरोवर यात्रा के अंतर्गत आने वाले पर्यटन स्थलों में गौरी कुंड का एक बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है। इस जगह को श्रद्धा और शक्ति की दृष्टि से देखा जाता है। गौरी मंदिर में हर साल लाखों श्रद्धालु मत्था टेकने के लिए आते हैं। यह जगह बहुत ही पावन और पवित्र होने के साथ इस यात्रा के सबसे बड़े आकर्षणों में से एक है। गौरी माता के दरबार में आकर लोग अपनी आस्था प्रकट करते हैं। 

इस पवित्र स्थान पर भारतीय और विदेशी दोनों की पर्यटकों का प्रवेश फ्री है।

Mount Kailash
Mount Kailash

कैलाश पर्वत को भगवान शिव और देवी पार्वती का निवास स्थान माना जाता है। जिसकी वजह से इस पर्वत का बहुत ही ज़्यादा धार्मिक महत्व है। यह हिंदु धर्म के सबसे पवित्र स्थलों में से एक है। जिसकी वजह से इस जगह पर हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। यह पर्वत साथ ही सिख, जैन और बौद्ध धर्म के लोगों के लिए भी अपना एक धार्मिक महत्व रखता है। 

इस पवित्र स्थान पर भारतीय और विदेशी दोनों की पर्यटकों का प्रवेश फ्री है। 

Tirthapuri
Tirthapuri

तीर्थपुरी कैलाश मानसरोवर का एक महत्वपूर्ण तीर्थस्थल है। इस जगह पर भी दर्शन के लिए लाखों भक्त आते हैं। इस जगह का सम्बंध पद्मसंभव से बताया जाता है। जिन्हें लोग गुरु रिम्पोचे के नाम से जानते हैं। माना जाता है कि गुरु रिम्पोचे अपनी पत्नी के साथ मठ परिसर में स्थित वज्रवाराही गुफा में ध्यान करते थे। तीर्थपुरी एक मठ है और इसका सम्बंध मूल रूप से तिब्बती बौद्ध धर्म के निंगमा स्कूल से है। 

इस पवित्र स्थान पर भारतीय और विदेशी दोनों की पर्यटकों का प्रवेश फ्री है। 

Nandi Parvat
Nandi Parvat

कैलाश मानसरोवर के अंतर्गत आने वाला नंदी पर्वत कैलाश पर्वत के पास में स्थित है। यह पर्वत शिव भगवान के प्रिय भक्त नंदी को समर्पित है। यह इस क्षेत्र की सबसे आकर्षक चोटियों में से एक है। नंदी को भगवान शिव का वाहन माना गया है। जिसकी वजह से इसका अपना एक बहुत बड़ा धार्मिक महत्व है। इस जगह पर लोग परिक्रमा और अपनी धार्मिक भावनाओं को प्रकट करने के लिए आते हैं। 

इस पवित्र स्थान पर भारतीय और विदेशी दोनों की पर्यटकों का प्रवेश फ्री है। 

Ashtapad Ashtapad
Ashtapad Ashtapad

पुरंग काउंटी के दारचेन में स्थित अष्टपद को जैन धर्म का एक बहुत ही पवित्र स्थल के तौर पर जाना जाता है। यह जगह तिब्बत में बड़ती है और इसे जैन धर्म का जन्मस्थान माना जाता है। जिसकी वजह से यह भक्तों के बीच अपना ख़ास  धार्मिक महत्व रखता है। अष्टापद का हिंदी में अर्थ है ‘आठ सीढ़ियाँ’, जो अभी भी आठ पर्वत चोटियों की एक श्रृंखला के रूप में मौजूद है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु अष्टापद तीर्थ पर आते हैं।

इस पवित्र स्थान पर भारतीय और विदेशी दोनों की पर्यटकों का प्रवेश फ्री है। 

Charan Sparsh
Charan Sparsh

कैलाश मानसरोवर की यात्रा में चरण स्पर्श का एक बहुत ही विशिष्ट स्थान है। चरण स्पर्श का भावनात्मक अर्थ है पवित्र कैलाश पर्वत को छूने से है, जिसे स्वयं भगवान शिव का स्थान माना गया है। कैलाश पर्वत की चढ़ाई के दौरान भक्त भगवान शिव के चरणों को छूने के लिए पवित्र कैलाश पर्वत की यात्रा करते हैं और इसे स्थान को छूते हैं। इस जगह से लोगों की अगाध धार्मिक भावना जुड़ी हुई है। 

इस पवित्र स्थान पर भारतीय और विदेशी दोनों की पर्यटकों का प्रवेश फ्री है। 

Bageshwari Devi Temple
Bageshwari Devi Temple

बागेश्वरी देवी मंदिर को नेपाल के सबसे पुराने हिंदू मंदिरों में गिना जाता है। यह माँ दुर्गा को समर्पित एक बहुत ही पवित्र मंदिर है। जिससे हज़ारों लाखों लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। यह मंदिर परिसर के एक तालाब जिसे बागेश्वरी तालाब के नाम से जाना जाता है उसके बिल्कुल केंद्र में स्थित है। बागेश्वरी देवी मंदिर में भगवान बुद्ध और भगवान गणेश की भी  मूर्ति लगी हुई है। इस जगह पर भगवान हनुमान सहित कई अन्य छोटेछोटे मंदिर भी हैं। 

इस पवित्र स्थान पर भारतीय और विदेशी दोनों की पर्यटकों का प्रवेश फ्री है। 

Guhyeshwari Devi Temple
Guhyeshwari Devi Temple

गुह्येश्वरी देवी मंदिर को बहुत ही पवित्र और शक्तिशाली बताया जाता है। यह 51 शक्तिपीठों में से एक है। ऐसा माना जाता है कि इस जगह पर माँ सती के दोनों घुटने गिरे थे। वर्तमान में इस जगह को गुहेश्वरी तो कुछ लोग गुहजेश्वरी के नाम से जानते हैं। यह मंदिर देवी शक्ति को समर्पित है और अपनी अद्भुत शक्तियों के लिए जाना जाता है। इस जगह पर माता की पूजा महामाया और भगवान शिव की पूजा कपाली के रूप में की जाती है।

इस पवित्र स्थान पर भारतीय और विदेशी दोनों की पर्यटकों का प्रवेश फ्री है। 

Chiu Gompa Monastery
Chiu Gompa Monastery

चिउ गोम्पा तिब्बत में स्थित एक बहुत ही प्राचीन मठ है। इस जगह पर भी कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले तीर्थयात्री आते हैं। यह मठ एक लाल रंग की चोटी जिसे संतोक पेर्ली पर्वत के रूप में जाना जाता है उस पर स्थित है। तिब्बती भाषा में चिउ का अर्थ गौरैया होता है। ऐसा माना जाता है कि इस जगह पर ही गुरु रिनपोछे को एक गौरैया ने आने के लिए निर्देशित किया था। इस मठ को लोग स्पैरो मठ के नाम से भी जानते हैं। 

इस पवित्र स्थान पर भारतीय और विदेशी दोनों की पर्यटकों का प्रवेश फ्री है। 

साल के हर महीने और हर दिन कैलाश मानसरोवर में पर्यटकों का आना-जाना बना रहता है। लेकिन कैलाश मानसरोवर घूमने का असली आनंद सर्दियों में आता है। मई से जून और सितंबर से लेकर अक्टूबर के बीच आप इस जगह पर आ सकते हैं। 

हवाई जहाज से – यह कैलाश मानसरोवर का बागडोगरा हवाईअड्डा कैलाश मानसरोवर का सबसे नजदीकी हवाईअड्डा है। कैलाश मानसरोवर बागडोगरा हवाईअड्डा से 202 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं।

सड़क मार्ग से – कैलाश मानसरोवर आने के लिए आप अपनी गाड़ी या फिर कोई गाड़ी बुक करके आसानी से सड़क द्वारा यात्रा करके आसानी से पहुंच सकते हैं। यहां पहुंचने के बाद कैलाश पर्वत पर आपको खुद से चढाई करनी होगी।

ट्रेन से – दिल्ली से कैलाश मानसरोवर ट्रेन की सहायता से 10 घंटों में पहुंचा जा सकता है। कैलाश मानसरोवर का सबसे करीबी रेलवे स्टेशन लौकहा बाजार है।

कटरा मेन रोड, सागर, सागर – 470002

नई आरटीओ रोड, सनराइज मेगासिटी के पास, सागर -470002

कनेरा देव सागर कनेरा देव, सागर, सागर – 470002

कैलाश मानसरोवर घूमने में कितना दिन लगता है?

कैलाश मानसरोवर यात्रा में लगभग 25 दिन लग जाते हैंI

कैलाश मानसरोवर घूमने के लिए कितना पैसा चाहिए?

अगर आप बजट बना कर घूमते हैं तो आप 1-1.5 लाख रूपए में कैलाश मानसरोवर आराम से घूम सकते हैंI

कैलाश मानसरोवर घूमने के लिए सबसे अच्छा समय कौन सा है?

कैलाश मानसरोवर घूमने का सबसे अच्छा समय मई से जून और सितंबर से लेकर अक्टूबर के बीच का होता हैI इस समय यहाँ का मौसम काफी अच्छा होता है, जिससे आपको घूमने में आसानी होती हैI  

मुझे कैलाश मानसरोवर में कहाँ रहना चाहिए?

कैलाश मानसरोवर में आपको कई सस्ते और महंगे होटल मिल जाएँगेI आप अपने बजट के अनुसार होटल का चुनाव कर सकते हैंI

रात के समय कैलाश मानसरोवर में घूमने के लिए कौन सी जगह हैं?

कैलाश मानसरोवर में आप रात में घूमने के लिए कई जगहें हैं। आप यहाँ की नाइट लाइफ़ को एंजोय कर सकते हैंI रात में यहाँ की खूबसूरती देखते ही बनती हैI

हम रात में कैलाश मानसरोवर में क्या कर सकते हैं?

कैलाश मानसरोवर में ऐसे कई प्रसिद्ध जगह हैं, जहाँ आप रात में घूम सकते हैं, साथ ही रात में आप यहाँ के प्रसिद्ध व्यंजनों का भी लुफ्त उठा सकते हैंI

संजय शेफर्ड एक लेखक और घुमक्कड़ हैं, जिनका जन्म उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में हुआ। पढ़ाई-लिखाई दिल्ली और मुंबई में हुई। 2016 से परस्पर घूम और लिख रहे हैं। वर्तमान में स्वतंत्र रूप से लेखन एवं टोयटा, महेन्द्रा एडवेंचर और पर्यटन मंत्रालय...