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Holi Vyang: भैया होली तो हो ली! होली व्यंग

Holi Vyang: एक दिन सुबह सुबह पतिदेव बोले ,”सुनो! जरा आज 2-4 गिफ्ट लाकर दे देना “। मैंने कहा,”क्यों” ? “अरे ! याद नही चार दिन बाद होली । दो-तीन खास लोगों को देने हैं “। मैं चौक कर बोली ,”खास, मुझसे भी ज्यादा !आज तक मुझे तो कुछ नहीं दिया। भई ये खास कौन […]

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नारी के सवाल अनाड़ी के जवाब

अनाड़ी जी, आज के समय में पति के लिए सबसे सच्चा और अच्छा प्रेम पत्नी-प्रेम है या कुछ और?   संजना निगम ये जो ‘कुछ और है, यही तो काबिल-ए-गौर है। ये क्या है? जो भी है हर किसी के लिए नया है। किसी के लिए काम किसी के लिए कामिनी, किसी के लिए दाम […]

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वाह रे वाह ‘पॉपकॉर्न-कल्चर

मॉल-कल्चर में मल्टीसिनेप्लेक्स- कल्चर और पॉपकार्न भी समाए होते हैं। पॉपकार्न वैसे देखा जाए तो हमारी देशी संस्कृति मक्का की फुली का ही अंग्रेजी संस्करण है, जो कि मेड बाई भट्टी के स्थान पर मेड बाई मशीन बन गया है। जिस पर अत्यधिक कीमत वाला पॉपकार्न-कल्चर का स्टीकर चिपका दिया जाता है। मक्का की फुली […]

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मेरे सामने वाली खिड़की में – गृहलक्ष्मी कहानियां

मिसेज गुप्ता नारी जाति पर अब तक हुए तमाम अत्याचारों का बदला अकेले गुप्ता जी से ले रही हैं। मेरी उनके साथ पूरी सिमपैथी है, परन्तु मैं विवश हूं उनकी हैल्प करना, मिसेज गुप्ता का कोपभाजन बनना है।

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गृहलक्ष्मी की कहानियां : कहीं वो नाराज तो नहीं

आज पत्नी फिर नाराज है। अब नाराजगी दूर हो तो पता चले कि मामला क्या है। मैं खाने का प्रेमी हूं और वह किचन हड़ताल कर अक्सर मेरे पेट पर प्रहार करती है।

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वेलेनटाइन डे बनाम रक्षाबंधन

अभी वेलेंटाइन डे की खुमारी से नहीं उबरे थे। यह रक्षाबंधन कहां से आ गया और क्या हमारे लिये ही आ गया। आ गया तो आ गया मगर इन कन्याओं को क्या हो गया है। पुरा भर की लड़कियां हमें राखी बांधो अभियान छेडऩे जा रही हैं। हम और हमारी कलाई इत्ती फालतू है क्या।

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दिल ही तो है अटक गया

बेचारे बांके लाल जी का क्या कुसूर जिनका दिल टेनिस बॉल की तरह उछलता रहता है और किसी भी खूबसूरत महिला को देखकर जनरेटर की तरह धड़धड़ाने लगता है।

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आओ शक करें

जिसके जीवन में शक नहीं, उसे जीने का हक नहीं। यह मूलमंत्र जिसने भी अपने जीवन में अपना लिया, समझो उसने सच्चा-सुख पा लिया। शक के बिना जिंदगी बेकार है, क्योंकि शक ही जीवन का आधार है। और जब तक आधार मजबूत नहीं होगा तब तक जीवन सही तरीके से नहीं चल सकता। आपको भी मेरी बात पर शक हो रहा होगा परंतु जीवन तो शक का ही दूसरा नाम है।

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