Parenting Tips: आज भी याद है जब गर्मियों की छुट्टियां आतीं थीं तो जैसे हमें पूरी आजादी मिल जाती थी। न कोई पढाई का दबाव, न कोई रोक टोक और न ही कोई पाबंदी, कि बस शाम को ही खेलना है या दो घंटे ही खेलना है। बोनस होता था दादा-दादी या नाना नानी के […]
Tag: Parents
बच्चे ऐसे चुनेंगे अच्छे दोस्त, ये टिप्स आएंगे काम
आपके बच्चों के दोस्त जैसे होंगे, उनका भविष्य भी वैसा ही होगा। इसलिए उनको अच्छे दोस्त चुनने के लिए प्रेरित कीजिए।
बच्चों को करना है इम्प्रेस तो ऐसे जाएं पैरेंट्स टीचर मीटिंग में
माता-पिता और बच्चों का रिश्ता सबसे करीबी रिश्तों में से एक होता है। अगर हम पुराने समय और आज के समय की तुलना करें तो आज माता-पिता और बच्चों का रिश्ता काफी बदल गया है। पुराने समय में माता-पिता की बात बच्चे सुनते थे और मानते भी थे। जबकि, आज के समय में माता-पिता अपने बच्चे की बात सुनते और मानते हैं।
बच्चों की समर वेकेशन्स स्टार्ट और मदर्स की क्लासेज
कितना अजीब लगेगा न अगर हम कहें कि बच्चों की गर्मी की छुट्टियां शुरू होने वाली है और मदर्स की क्लासेज। पर कुछ ऐसा ही चल रहा है हमारे शहर की सुपर मॉम्स के साथ।
अध्यात्म से संवारें गर्भ से ही बच्चे का व्यक्तित्व
हर मांबाप का यह सपना होता है कि उनकी आने वाली संतान स्वस्थ, प्रभावशाली होने के साथ ही जीवन में सफल रहे। इस सपने को साकार करने के लिए मां-बाप हमेशा प्रयत्न करते रहते हैं। संतान आने वाली वंश की परंपरा को आगे बढ़ाती है।
मॉम्स और मोमोज को लेकर उनके ख्याल…
आजकल की युवा पीढ़ी को मोमोज़ बहुत पसंद हैं। शाम होते ही जो भूख लगती है उसको मिटाने के लिए जिस चीज़ का सबसे पहले ख्याल आता है वो है मोमोज़। पर यह मोमोज़ जितने मॉर्डन जनरेशन के लोगों को पसंद है क्या उतने ही उनकी मम्मीयों को भी पसंद है?..नही..मां और मोमोज़ का रिश्ता बहुत अटपटा सा है।
आखिर क्यों शाम के वक्त ये चीजें नहीं करनी चाहिए
जानें क्यों हमारे बड़े बूढ़े मना करते हैं कुछ चाजों को करने से, उनके किसी भी चीज के माना करने के पीछे कुछ राज होते हैं।
बच्चा हूं प्रोडक्ट नहीं!
सेल्फ सटिस्फैक्शन के लिए आज हर पेरेंट्स चाहते हैं कि उसका बच्चा एग्जाम से लेकर डांस, स्पोर्ट्स, म्यूजिक, साइंस और जी के हर चीज में अच्छा परफॉर्म करें। लेकिन यह कैसे संभव है ?
जब बच्चा घर पर हो अकेला
नन्हे-मुन्ने बच्चे हमारी मुस्कान का कारण हैं और हम पैरैंट्स होने के कारण उन की सभी इच्छाओं एवं सपनों को पूरा करने के लिए तत्पर रहते हैं।
”ध्यान रखें आपका व्यवहार बच्चे देख रहे है ”
कहते है कि बच्चों को संस्कार उनके माँ- बाप से ही मिलते है। जीवन का पहला सबक उन्हें उनके माता पिता ही सिखाते हैं। इसीलिए कभी भी गलत या अशिष्ट व्यव्हार करने से पहले ध्यान रखिये कि आपके बच्चे आपको देख रहे हैं। आपसे जीवन-संकेतों को सीख रहे हैं। उन्हें सही व्यवहार, बात करने का सही लहजा सिखाना आदि एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। जानिए 7 तरीके जो आपके बच्चों को सिखाएंगे शिष्टाचार।
