बचपन से ही इनमें आध्यात्मिक, विवेक और विचारषील जैसी कई खूबियां मौजूद थीं। गुरु जी ने जन कल्याण व समाज सुधार के लिए चार उदासियाँ की। पहली उदासी पूरब दिशा की तरफ संवत 1556-1565 तक की व दूसरी उदासी दक्षिण दिशा की और संवत 1567-1571 तक की। यहीं तक गुरु जी नहीं रुके, उनकी अगली उदासी उत्तर दिशा की तरफ संवत 1571 में प्रारम्भ हो गई तथा चौथी उदासी संवत 1575 के साथ यह कल्याण यात्रा समाप्त हो गई।
Tag: Grah laxmi
क्या आपको सताता है झुर्रियों का खतरा, तो अपनाएं घी के घरेलू नुस्खे
घी चेहरे की खोई चमक बढ़ाने में कारगर उपाय है। इसके अलावा चाहे चेहरे की चमक हो यां फिर बेेज़ान दिखने वाले बाल, रूखे हांठ हों, यां फिर डार्क सर्कल। घी का इस्तेमाल हमेशा से ही भारतीय घरों में होता रहता है। घी लगभग हर घर में पाया जाता है, लेकिन इसका इस्तेमाल अलग-अलग तरह से किया जाता है। इसे दवा के तौर पर, स्किन ट्रीटमेंट के लिए, बालों को शाइनी बनाने के लिए कई तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है।
साई के वो कौन से वचन है, जो करते हैं हर समस्या का समाधान
साईं सच्चरित्र नाम की धार्मिक पुस्तक में साईं बाबा ने अपने बारे में बहुत से वचन बताए हैं। श्री साईं सच्चरित्र के अनुसार, जो भी व्यक्ति साईं के इन वचनों का ध्यान करता है, उसकी समस्याओं का समाधान हो जाता है। साईं के ये 11 वचन अपने आप में अध्यात्म की बड़ी शिक्षाएं समेटे हुए हैं।
महामृत्युंजय मंत्र क्यों है खास, ज़रूर करें इसका जाप
भगवान शिव के महामृत्युंजय मंत्र सर्वदोष नाशक मंत्र है। यह मंत्र मानव जीवन के लिए अभेद्य कवच है। बीमारी हो या दुर्घटना आदि से मृत्यु का भय यह मंत्र सब दूर करता है। इसका जाप शारीरिक एवं मानसिक पीड़ा को भी दूर करता है। इस शिव मंत्र जाप से शरीर रक्षा के साथ बुद्धि, विद्या, यश और लक्ष्मी भी बढ़ती है।
