Diwali Hindi Poem: जिसने आंगन मेरा रोशन किया है ,वह एक माटी का दीया है।बड़े ही प्यार से होगा दुलारा,चढ़ा कर चाक पर होगा संवारा।मृत माटी में जान डाली है,कला तेरी भी क्या निराली है।थपकियाँ तेज बाहर दे रहा है,और भीतर से सहारा भी दिया है।जिसने आंगन मेरा रोशन किया है,तेज़ धूप में खुद जल […]
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दीप-गृहलक्ष्मी की कविता
Hindi Poem: स्नेह भरा मैं दीप अकेलाबन प्रकाश – पुंज चमकूँगा ,असत – अँधेरा मेटूँ जग सेसूरज सा मैं भी दमकूँगा । अन्तर्मन में उजियारा देकुण्ठाओं को दूर करूँगा ,धरती पर फैले तम कोनिज प्रकाश से स्वयं हरूँगा । ज्योतिर्मय मन को रख करकेतन में तिमिर न आने दूँगा ,स्नेह भरा मैं दीप अकेलाबन प्रकाश […]
