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पराए पुरूष से लगाव – राजेन्द्र पाण्डेय भाग-1

Hot Hindi Stories – पराए पुरूष से लगाव Hot Hindi Stories : मेरा गोरा रंग, बोलती आंखें, कंधों तक बलखाते बाल, चौड़ी छाती, पतली कमर और चिकनी सुडौल जांघे सभी को लुभाती थी। पुरुष मेरे सौंदर्य को देखकर कहते-‘यह लड़की तो किसी रसगुल्ले से कम मुलायम और रसदार नहीं है। इसे देखने मात्र से ही […]

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कोरोना के कमाल – गृहलक्ष्मी कहानियां

इस कोरोना नाम के छोटे से वायरस ने ढेर सारे कमाल के काम किए हैं। अब इतने हजार संक्रमित हुए, इतनों की जांच हुई, इतने ठीक हो गए, मास्क, 2 गज की दूरी…

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“रेत की दीवार”

“यह लड़का अपने शहर का ही रहने वाला है रीना। स्वभाव का भी बहुत अच्छा है। हमारी फैक्ट्री के पास जो कैमिकल प्लांट है उसी में काम करता है। फैक्ट्री के किसी काम से मुझसे मिलने आया था।परिचय हुआ तो मैं अपने साथ घर ले आया। तुम्हे मिलकर अच्छा लगेगा। अपने शहर से वैसे भी यहां कोई आता नहीं है।”

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अरमानों की आहुति

शाम हो चुकीथी। ठंडी हवा चल रही थी। घर की खिड़कियों में पर लगे वो हल्के पीले रंग के पर्दे उड़ने लगे थे। बाहर बालकनी में लगे मनीप्लांट की बेल भी मानो हवा का आनंद ले रही हो। तुलसी का कोमल पौधा तेज़ हवा को सहन नहीं कर पा रहा था। तभी सुधाजी तेज क़दमों से आई और तुलसी के पौधे को भीतर ले गई।

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मास्क लगाना है

उस दिन दवाई लेने मेडिकल स्टोर मास्क लगा कर गया तो देखा कि सामने बेंच पर कुछ बुजुर्ग मास्क पहने बिना हंसी-ठिठोली कर रहे हैं। संक्रमित होने पर यह ठिठोली रुला भी सकती है।

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इम्पॉर्टन्ट प्रश्न – गृहलक्ष्मी कहानियां

बचपन इंसान के जीवन का सबसे खूबसूरत समय होता है। चाहे उस समय इस बात को हम समझ पाएं या न समझ पाएं, लेकिन जब इंसान प्रौढ़ हो जाता है तब अवश्य ही उसको बचपन के उन दिनों की याद आती है और तब उसे एहसास होता है कि बचपन कितना सुंदर, बेफिक्र, मासूम होता है।

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एक व्हाट्सएप संदेश

मुन्नों कल से तुम्हें फोन मिला- मिला कर थक गई ।अब तुम्हारी तो नई-नई शादी हुई है, तो मजे कर रही होगी ,लेकिन अपनी मैं किससे कहूं। एक तुम ही तो मेरी अपनी हो, इसीलिए व्हाट्सएप कर रही हूं ।

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