Air India crash: एयर इंडिया विमान में सवार यात्रियों के रिश्तेदार अहमदाबाद के सिविल अस्पताल के अपने तलाश में लगे हैं। वहीं इस हॉस्पिटल के जनरल वार्ड के एक बिस्तर पर 40 वर्षीय रमेश विश्वास कुमार लेटे हैं , जो एयर इंडिया की दुर्घटनाग्रस्त फ्लाइट से किसी चमत्कार की तरह ज़िंदा बच निकले। ये किसी करिश्मा से कम नहीं है। इस घातक दुर्घटना में बच गए शख्स ने पूरी आपबीती बताई। उनके सीने, आंखों और पैरों पर चोटें आईं हैं।
आग लगने से पहले ही लग गई थी भनक
पुलिस के मुताबिक, रमेश विश्वास कुमार प्लेन के इमरजेंसी एक्जिट के पास 11A सीट पर बैठे हुए थे। वो तब छलांग लगाकर अपनी जान बचा ली जब, विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद
उसमें अभी आग नहीं लग पाई थी। उसके पहले ही वो कूदकर जिंदा बच निकले। पुलिस अधिकारी विधि चौधरी का कहना है कि एमरजैंसी एग्जिट के पास बैठने की वजह से ही रमेश कुमार को वहां से छलांग लगाने का मौका मिल पाया।
30 सेकंड बाद हुआ धमाका

रमेश ने बताया कि उड़ान भरने के केवल 30 सेकंड बाद ज़ोरदार धमाके के साथ विमान क्रैश हो गया और कुछ ही पलों में आग की लपटों में घिर गया। यह बहुत जल्दी हुआ। विशाल ने बताया- ‘जैसे ही होश आया, देखा चारों तरफ लाशे ही लाशे पड़ी थीं। मैं डर गया, उठकर भागा। हर तरफ प्लेन के टुकड़े बिखरे थे।”
242 लोगों से भरी थी फ्लाइट
गैटविक जाने वाला एयर इंडिया का विमान – बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर – चालक दल के मेंबर समेत 242 लोगों को लेकर गुरुवार को दोपहर 1.39 बजे उड़ा और कुछ ही मिनटों में दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसके बाद उसमें आग लग गई।
एयर इंडिया ने बताया कि 230 यात्रियों में से 169 भारतीय नागरिक, 53 ब्रिटिश नागरिक, सात पुर्तगाली और एक कनाडाई नागरिक थे।
ब्रिटिश नागरिक विश्वास कुछ दिनों के लिए अपने परिवार से मिलने भारत आए थे और अपने 45 साल के भाई अजय कुमार रमेश के साथ ब्रिटेन वापस जा रहे थे। विश्वास के पास अभी भी उनका बोर्डिंग पास था, जिन्होंने बताया कि “जब मैं उठा तो मेरे चारों तरफ लाशें पड़ी थीं। मैं डर गया। मैं खड़ा हुआ और वहां से भागा। मेरे चारों तरफ विमान के टुकड़े पड़े थे। उन्होंने आगे कहा कि किसी ने मुझे पकड़ लिया और एम्बुलेंस में डालकर अस्पताल ले गया।
एक अस्पताल में, दूसरा लापता
विश्वास, जो पिछले 20 सालों से लंदन में रह रहे हैं, अपने भाई अजय कुमार रमेश के साथ भारत आए थे। उन्होंने बताया कि उनके भाई अजय फ्लाइट में अलग सीट पर बैठे थे। “हम दीव घूमने गए थे, वो मेरे साथ ट्रैवल कर रहे थे लेकिन अब उनका कोई पता नहीं, उन्होंने गुहार लगाई कि कृपया उसे ढूँढने में मेरी मदद करें,”
अस्पताल में दूसरी ओर, एयर इंडिया विमान में सवार यात्रियों के परिवार और मित्र अपने परिजनों की तलाश कर रहे थे। इनमें गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के परिवार के सदस्य भी शामिल थे, जो उस फ्लाइट में थे। रूपाणी की सहायता करने वाले शैलेश मंडलिया पूर्व मुख्यमंत्री की तलाश में अस्पताल में थे।
यह हादसा सिर्फ एक विमान दुर्घटना नहीं, बल्कि कई परिवारों की टूटती उम्मीदों और बिखरते रिश्तों की कहानी बन गया है।
