Overview: जब बच्चा पैदा करने का दबाव सेक्स से इंटीमेसी छीन ले
जब प्रेग्नेंसी का दबाव सेक्स को खुशी नहीं बल्कि मजबूरी बना दे, तब रिश्ते में इंटीमेसी कैसे बचाएं?
Intimacy Under Pressure: जब दो लोग परिणय सूत्र में बंधते हैं तो उनके बीच प्रेम धीरे-धीरे बढ़ता है। वे दोनों हर दिन एक-दूसरे के बारे में थोड़ा और जानते हैं और यही उनके रिश्ते में स्पार्क को कायम रखता है। लेकिन शादी के कुछ वक्त बाद जब घर-परिवार व रिश्तेदारों का यह दबाव आने लगता है कि अब बच्चा होना चाहिए तो ऐसे में रिश्ता बदलने लगता है। बेडरूम की चाहत भी कहीं खोने लगती है। ऐसे में कपल अपनी इच्छा अनुसार एक-दूसरे के नजदीक नहीं आते हैं, बल्कि कैलेंडर, ओवुलेशन डेट, डॉक्टर की सलाह और “आज करना ही है” वाला प्रेशर आ जाता है।
ऐसे में सेक्स उन्हें खुशी नहीं देता, बल्कि यह दोनों के लिए बच्चा पैदा करने के लिए एक टास्क बनकर रह जाता है। जिसकी वजह से उनके बीच का इंटीमेसी का जादू कहीं फीका पड़ने लगता है। हो सकता है कि आपका रिश्ता भी इन दिनों ऐसे ही दौर से गुजर रहा हो, ऐसे में आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। आज इस लेख में हम आपको ऐसे ही आसान तरीकों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें अपनाकर आप इंटीमेसी के जादू को बरकरार रख सकते हैं-
अपनी भावनाओं को साझा करें

अगर आप बच्चा पैदा करने के इस प्रेशर से बाहर निकलना चाहते हैं तो ऐसे में यह बेहद जरूरी है कि आप दोनों अपनी भावनाओं पर खुलकर बात करें। दरअसल, यह एक ऐसा दौर होता है, जहां पुरुष परफॉर्मेंस एंग्जायटी महसूस करते हैं और महिलाएं मशीन जैसा महसूस करने लगती हैं। ऐसे में वे दोनों अंदर ही अंदर अकेले ही लड़ते हैं और रिश्ते का चार्म खत्म हो जाता है। लेकिन जब आप बात करते हैं तो ना केवल प्रेशर कम होता है, बल्कि रिश्ते में एक प्यार बना रहता है।
नॉन-सेक्सुअल टच पर ध्यान दें
अक्सर यह देखने में आता है कि जब कपल्स कंसीव करने की कोशिश कर रहे होते हैं, तो ऐसे में वे एक-दूसरे को छूना ही बंद कर देते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि हर टच का अंत सेक्स पर ही होना चाहिए। इसलिए, प्यार का चार्म बनाए रखने के लिए नॉन-सेक्सुअल टच को बिल्कुल भी ना भूलें। बिना मकसद एक-दूसरे का हाथ थामें या गले लगाएं या बस साथ में सोफे पर बैठें। इससे शरीर रिलैक्स होता है और ऑक्सीटोसिन रिलीज होता है।
हर वक्त बेबी टॉक से बचें

जब बच्चा होने का प्रेशर दिमाग में होता है तो वह घर के माहौल में भी दिखता है। अक्सर कपल इस फेज में दिन भर डॉक्टर, रिपोर्ट्स और ओवुलेशन की बातें करते हैं। जिससे उनके रिश्ते से रोमांस गायब हो जाता है। इसलिए बेबी टॉक के लिए अलग समय तय करें। डिनर टेबल पर या बेड पर सोने से पहले टेंशन से बचने के लिए बेबी टॉक करने से बचें। उस वक्त सिर्फ अपनी पुरानी यादों या शौक के बारे में बात करें।
