इन 5 बातों के लिए कभी माफ़ी न माँगें, वरना कमजोर हो जाएगा आत्मसम्मान
बार-बार "सॉरी" कहना आपकी छवि और आत्मविश्वास को कमज़ोर कर देता है। अपनी राय, खुशियों, सफलता और आत्मसम्मान के लिए कभी माफ़ी न माँगें।
Stop Over Apologizing: हमारी ज़िंदगी में कई बार ऐसा समय आता है जब गलती होने पर माफ़ी माँगना ही सबसे सही फैसला साबित होता है। लेकिन हर समय “सॉरी” कहना या माफ़ी मांगते रहना आपकी छवि और आत्मसम्मान को कमज़ोर कर सकता है। आपके बार-बार माफ़ी माँगने से सामने वाले को लगता है कि आप खुद को जरा भी महत्व नहीं देते। खासकर अपनी राय रखने, अपनी खुशी चुनने, अपनी देखभाल करने, सफलता पाने या दूसरों की गलती पर सॉरी कहने की ज़रूरत ही नहीं है। इन बातों पर माफ़ी माँगना आपके आत्मविश्वास को पूरी तरह से कमजोर कर देता है। ज़रूरी है कि आप खुद की कद्र करना सीखें और सिर्फ वहीं माफ़ी माँगें जहाँ सच में आपसे गलती हुई हो।
यही आदत आपको मजबूत और संतुलित व्यक्तित्व बनाने में मदद करती है।
अपनी राय के लिए माफ़ी माँगना

हर व्यक्ति को अपने विचार रखने और अपनी राय व्यक्त करने का पूरा अधिकार है। अगर आप किसी बातचीत या बहस में अपनी बात रखते हैं और वह बात किसी की सोच से पूरी तरह अलग निकलती है, तो इसके लिए माफ़ी माँगने की ज़रूरत नहीं। हमेशा याद रखें, आपकी राय भी उतनी ही मायने रखती है जितनी किसी और की। बार-बार सॉरी कहने से लोग आपको गंभीरता से लेना बंद कर देते हैं।
अपनी खुशी को चुनने के लिए
कई बार लोग अपनी पसंद, शौक या करियर को लेकर माफ़ी माँगने लगते हैं क्योंकि वो दूसरों को खुश नहीं कर पाए। लेकिन अपनी खुशी, सपनों और पसंद को चुनने के लिए कभी माफ़ी न माँगें। अगर आप अपनी लाइफ़ अपनी पसंद और अपने तरीके से जीना चाहते हैं तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है। हर बार दूसरों की उम्मीदों पर खरा उतरना सिर्फ आपकी ही ज़िम्मेदारी नहीं है।
खुद की देखभाल करने के लिए
कई लोग अपनी सेहत, मानसिक शांति और आराम को प्राथमिकता तो देते हैं लेकिन इस बात को लेकर भी वो सामने वाले से माफ़ी मांगते नज़र आते हैं। खुद का ख्याल रखना कोई स्वार्थ नहीं बल्कि ज़रूरत है। इसके लिए माफ़ी माँगना आपकी अहमियत को कम करता है।
सफल होने के लिए माफ़ी
अगर आप अपने करियर, बिज़नेस या जीवन में लगात सफलता की सीढ़ियां चढ़ रहे हैं और लोग आपकी इस सफलता से जलन या असहजता महसूस करते हैं, तो इसके लिए आपको नहीं सामने वाले को माफ़ी माँगने की सख्त ज़रूरत है। आपकी मेहनत और लगन से मिली सफलता पर गर्व करना सीखें। अगर आप पूरी ईमानदारी के साथ मेहनत कर रहे हैं तो सफलता पाना भी आपका हक़ है, इसके लिए शर्मिंदगी नहीं बल्कि अपने ऊपर गर्व महसूस करने की ज़रूरत है।
किसी और की गलती के लिए माफ़ी

अक्सर लोग रिश्तों को बचाने या माहौल को शांत करने के लिए दूसरों की गलती पर भी सामने से खुद ही “सॉरी” कह देते हैं। लेकिन यह आदत आपके आत्म-सम्मान को धीरे-धीरे कम कर देती है। दूसरों की गलती पर माफ़ी माँगना आपके रिश्तों को स्वस्थ नहीं बल्कि पूरी तरह से कमजोर बना देता है। ये पूरी तरह से गलत है, जिसने गलती की है माफ़ी मांगने की जिम्मेदारी भी उसी की होनी चाहिए।
हर छोटी-बड़ी बात पर माफ़ी माँगना आपके व्यक्तित्व को पूरी तरह से कमजोर बनाता है। हाँ, अगर सच में आपसे कोई गलती हुई है तो माफ़ी ज़रूरी है, लेकिन इन 5 बातों के लिए कभी भी “सॉरी” न कहें। अपनी राय, खुशियाँ, सफलता और आत्मसम्मान के लिए हमेशा डट कर खड़े रहें। जब आप खुद की कद्र करना सीख जाते हैं, तभी लोग भी आपको महत्व देना शुरू करते हैं।
