Summary: रिश्ते का असली संतुलन
जब एक पार्टनर सेक्स चाहता है और दूसरा इमोशनल कनेक्शन, तो संवाद और समझ से रिश्ता मजबूत बनता है।
Sex vs Emotional Connection: किसी भी रिश्ते में प्यार बने रहने के लिए साथी के बीच एक दूसरे की जरूरत को समझना और उसका सम्मान करना जरूरी है। लेकिन कई बार ऐसा होता नहीं है, खासकर शारीरिक जरूरतों, यानी सेक्स की इच्छा को लेकर। रिश्ते में जब एक साथी सेक्स ज्यादा चाहता है और दूसरा भावनात्मक प्यार तो ऐसे में रिश्ते में बैलेंस बनाना जरूरी हो जाता है। इस अवस्था में अगर रिश्ते में समझ या प्यार का अभाव हो तो रिश्ते में नाराजगी और गलतफहमियां बढती है। आइए इस लेख में जानते हैं कैसे शारीरिक और भावनात्मक जरूरत के बीच कपल्स बैलेंस बना सकते हैं।
जरूर में अंतर का कारण
हर व्यक्ति की अपनी अलग जरूरत है कुछ शारीरिक जरूरत को प्यार समझते हैं कुछ भावनात्मक जुड़ाव को प्यार समझते हैं और कुछ रिश्ते में दोनों का होना जरूरी मानते हैं। कपल्स की ज़रूरतें अलग होने के कई कारण हैं। ये कारण है-
बायोलॉजिकल कारण: पुरुष और महिलाएं शारीरिक बनावट में अलग होने के साथ-साथ हार्मोनल स्तर पर भी एक दूसरे से भिन्न है जो कि उनके भावनाओं को कंट्रोल करते हैं।
प्यार दिखाने का तरीका: कुछ लोग सेक्स को प्यार दिखाने के चरम स्थिति के तौर पर देखते हैं, जबकि कुछ सेक्स को सिर्फ एक क्रिया मानकर भावनाओं को प्राथमिकता देते हैं।
अनुभव और परवरिश: व्यक्ति रिश्ते में किसे प्राथमिकता देता है यह उसके परवरिश तथा अनुभव दोनों पर निर्भर करता है। वह अपने आसपास, परिवार में लोगों को जिस चीज की प्राथमिकता देते देखाता है वह भी उसी को प्राथमिक समझ लेता है।

तनाव और लाइफस्टाइल: व्यक्ति अपने जीवन में सेक्स या भावना किसे प्राथमिकता देता है इसका चुनाव कई बार उनके लाइफस्टाइल या उनके कम पर भी निर्भर करता है।
समस्या का बढ़ना और ध्यान देने की बात
समस्या का बढ़ना: अगर कपल्स सेक्सुअल डिजायर के मामले में एक दूसरे से अलग है या उनका सेक्सुअल मिसमैच है तो एक पार्टनर दूसरे से संतुष्ट नहीं हो पाता और उनके बीच फ्रस्ट्रेशन, नाराजगी बढ़ती है। लंबे समय तक यह स्थिति बने रहने पर साथी को रिश्ते में धोखे का ऐहसास होने लगता है।
ध्यान देने की बात: रिश्ते में मिसमैच होना आम समस्या है पर इस समस्या को बढ़ाने से रोकने के लिए ध्यान देने वाली बात यह है कि आप अपने साथी की जरूरत को इग्नोर ना करें फिर चाहे वह सेक्स हो या भावनात्मक जुड़ाव।अगर आप अपने रिश्ते में दोनों को बैलेंस करते हैं तभी आपका रिश्ता लंबा चलता है।
रिश्ते में बैलेंस कैसे बनाएं
बातचीत: किसी भी परेशानी का सबसे पहला समाधान है आपसी बातचीत। लेकिन इसमें ध्यान देने की बात यह है कि आप बिना एक दूसरे पर दोषारोपण के बात करें और एक दूसरे की भावनाओं और जरूरतो को समझे।
सेक्स सिर्फ शारीरिक क्रिया नहीं: रिश्ते में जिस साथी के लिए सेक्स जरूरी है उसे यह समझने की जरूरत है सेक्स सिर्फ इंटिमेसी नहीं है बल्कि यह एक भावनात्मक क्रिया है जिसमें गले लगाना, तारीफ करना या सुनना और साथी के साथ अकेले समय बिताना भी शामिल है।
इमोशनल कनेक्शन मजबूत करें: अगर आपका साथी सेक्स के प्रति उत्साहित नहीं है तो उससे अपना इमोशनल कनेक्शन बढ़ाएं उसे भावनात्मक तौर पर इतना प्यार और आराम दे कि वह सेक्स करने में सहज महसूस करें।
एक दूसरे के प्रति समझ: जिस पार्टनर को सेक्स ज्यादा चाहिए उसे समझना चाहिए सिर्फ सेक्स ही प्यार दिखाने का तरीका नहीं है और भावनात्मक जुड़ाव चाहने वाले को समझना चाहिए कि शारीरिक जुड़ाव रिश्ते में निकटता को बढ़ाता है और रिश्ता मजबूत बनाता है।
प्रोफेशनल मदद ले: अगर आपकी समस्या लगातार रिश्ते में तनाव को बढ़ाती है तो आपको कपल्स काउंसलिंग की मदद लेनी चाहिए।
