Summary: दिलों में बढ़ती दूरी रिश्ते की शारीरिक गर्माहट को कमजोर करती है
जब रिश्ते में भावनात्मक दूरी बढ़ती है, संवाद कम होता है, अनकहे दर्द बढ़ते हैं और भरोसा कमजोर होता है, तब यही दूरी धीरे-धीरे सेक्स लाइफ को खत्म कर देती है।
Emotional Distance and Sex Life: कोई भी रिश्ता जितना शारीरिक होता है, उतना ही भावनात्मक भी रिश्ते में किसी एक की कमी से दूसरा प्रभावित होता है। यही कारण है कि रिश्ते में भावनात्मक दूरी के कारण सेक्स लाइफ भी प्रभावित होता है। हालांकि रिश्ते में भावनात्मक दूरी का आना और सेक्स लाइफ का खत्म होना इतना धीरे-धीरे होता है कि कई बार कपल्स खुद भी नहीं समझ पाते कि उनका रिश्ते क्यों टूटने के कगार पर पहुंच गया है। आईए जानते हैं इस लेख में भावनात्मक दूरी का किस तरह सेक्स लाइफ पर असर होता है।
रिश्ते में भावनात्मक दूरी के कारण

संवाद की कमी: कई बार कपल्स के बीच घर और बच्चे की जरूरत से ज्यादा आपस में बात नहीं होती। वह अपनी भावनाओं और परेशानियों को एक दूसरे से साझा नहीं करते जो कि उनके बीच के जुड़ाव को कम करता है। ऐसे में कपल एक दूसरे के साथ रह रहे होते हैं पर उनके बीच का प्यार कामता जाता है।
अनकहे दर्द की परेशानी: रिश्ते में अपने भावनाओं को ना बता पाने के कारण साथी के मन में छोटे-छोटे दुख जैसे तुम्हें मेरी फिक्र नहीं है, तुम मुझे समझते नहीं हो, तुम मेरा सम्मान नहीं करते, तुम्हारे पास मेरे लिए समय नहीं है जमा होकर एक बड़े अनकहे दर्द में बदल जाता है जो की कपल्स के बीच शारीरिक दूरी का कारण बनता है।
रिश्ते में हिचकिचाहट का बढ़ना: जब साथी के द्वारा भावनाओं को लगातार अनसुना किया जाता है तो रिश्ते में हिचकिचाहट बढ़ जाता है। वह साथी से अपनी परेशानी अपने भावनात्मक दर्द को छुपाने लगता है।
भावनात्मक परेशानियां रिश्ते नहीं आत्मविश्वास को भी खराब करती है। लगातार भावनात्मक परेशानियों से जूझ रहा साथी अपने आप में हजारों कमियों को देखने लगता है और खुद को दूसरों से कमतर समझने लगता है।
भावनात्मक दूरी का सेक्स लाइफ पर असर
प्यार में होने पर आपके साथी का जो स्पर्श आपको अच्छा लगता था भावनात्मक दूरी के कारण वह स्पर्श आपको बुरा लगने लगता है।
आपकी भावनाओं की अनदेखी के कारण आपके मन में जो कड़वाहट इकट्ठा होता है उससे आपके साथी का स्पर्श जैसे हाथ पकड़ना, गले लगाना या पास बैठना कम नहीं कर पाता। बल्कि लगातार अनदेखी के कारण शारीरिक नजदीकी आपको बोझ लगने लगता है।
अगर आपके रिश्ते में भावनात्मक दूरी है तो आप रिश्ते में जीने की बजाय उसे सिर्फ निभाने लगते हैं। ऐसे में कपल सेक्स को प्यार की जगह जिम्मेदारी समझ कर करते हैं। जिस कारण कपल्स के बीच सेक्स के दौरान खुशी, उत्सुकता, रोमांच नहीं होता।
लगातार भावनात्मक दर्द के कारण पार्टनर सेक्स से बचने लगता है या अपनी इच्छाओं को दबाने लगता है। जिस कारण वह तनाव, चिंता, डर जैसी परेशानियों का भी शिकार हो जाता है।
पार्टनर किस तरह कम करें भावनात्मक दूरी को
हर रोज अपने साथी से 15-20 मिनट की बात करें। इस दौरान घर, बच्चे या काम की बात के बजाए अपने रिश्ते, अपने साथी की बात करें। एक दूसरे के भावनाओं की बात करें। बात करते समय अपने साथी को शारीरिक स्पर्श करें। इससे आप एक दूसरे से ज्यादा भावनात्मक रूप से खुल पाते हैं।
अपने साथी को दिन में एक हग, एक किस,एक शुक्रिया जरूर कहे। यह छोटी आदत आपके साथी के मानसिक खुशियों की चाबी बन सकता है।
अपनी इच्छाओं और भावनाओं को टालने या दबाने की बजाए बात करें। आप शारीरिक या भावनात्मक रूप से कैसा महसूस कर रहे हैं यह अपने साथी को बताएं ताकि वह मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ होने में आपकी मदद कर पाए।
रिश्ते में दूरी चाहे भावनात्मक हो या शारीरिक इसका असर सिर्फ रिश्ते पर नहीं बल्कि व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है।
