Age Gap Relationship: आप सभी जानते है कि प्यार की कोई उम्र नहीं होती है। यह तो पहली ही नजर में किसी से और कभी भी हो सकता है। इसमें ना वह रंग देखता है न ही रूप और न ही उम्र। सिर्फ ये तो बिना सोचे समझे हो जाता है। जब आपको किसी से प्यार होता है तो पार्टनर छोटा हो या बड़ा कोई मायने नहीं रखता है। यदि कपल्स की उम्र की बात करें तो हम हमेशा यही सोचते है कि लड़का बड़ा ही होना चाहिए। लेकिन यदि प्यार में कोई रिश्ता बनता है तो वहां कोई भी बड़ा या छोटा हो या फिर कोई भी उम्र हो वह इसके बारे में नहीं सोचते। इस एज गैप रिलेशनशिप के नकारात्मक और सकारात्मक दोनों ही पहलू के बारे में हम यहां आपको बताएंगे।
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एज गैप रिलेशनशिप के कुछ सकारात्मक पहलू

मैच्योरिटी रहती है:यदि आप एक ऐसे रिलेशनशिप की बात कर रहे हैं जहां पार्टनर एक दूसरे से उम्र में छोटा या बड़ा है तो इस तरह के रिश्ते लम्बे समय तक चलते है। क्योंकि इनके बीच मैच्योरिटी होती है। एक पार्टनर जो बड़ा है वह थोड़ा संयम से काम लेता है। बिना सोचे समझे रिश्ते को तोड़ने में विश्वास नहीं रखता है, जो आजकल आप देखते है कि लोगों में कम मैच्योरिटी के कारण रिश्ते टूटते हुए दिखते है। सबसे बड़ी बात किसी भी रिलेशनशिप में मैच्योरिटी सबसे बड़ी चीज होती है। तभी रिश्ता कामियाब होता है।
एक दूसरे का करते हैं सम्मान: एक ऐसी रिलेशनशिप जिसमें ऐज गैप काफी ज्यादा है तो ऐसा नहीं सोचिए कि यह रिलेशनशिप कैसे निभा पाएंगे। बल्कि इस रिश्ते में एक दूसरे के प्रति सम्मान की भावना होती है। कपल एक दूसरे के छोटे और बड़े होने के नाते सम्मान करते है जिससे सामने वाले को ठेस न पहुंचे। और किसी भी रिश्ते में सम्मान बेहद जरूरी होता है। क्योंकि कई बार एक ही उम्र के दो व्यक्ति के दूसरे को नहीं दे पाते है।
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पार्टनर की भावनाओं को समझना:उम्र गैप में कपल्स एक दूसरे की भावनाओं का सम्मान करते है। कई बार देखने में आता है कि हमउम्र कपल के बीच एक दूसरे का सम्मान तो दूर की बात है बल्कि वह एक दूसरे की भावनाओं की कदर भी नहीं करते है। और एक दूसरे पर अपनी भावनाएं थोपते रहते है कि सामने वाला स्वयं से ही भावनाओं को समझे। इसके विपरीत जिन पार्टनर में ऐज गैप होता है उनमे मैच्योरिटी होने के कारण वह एक दूसरे की भावनाओं की कदर कर पाते है।
परेशानियों को समझना:जब दो लोगों के बीच उम्र का फासला होता है तो वह एक दूसरे को अच्छी तरह समझ पाते है। उन्हें अपने छोटे या अपने से बड़े उम्र के व्यक्ति की परेशानियां भी जल्दी से दिखती है। क्योंकि या तो वह उस परेशानियों से गुजर चुके होते है या फिर मिच्योर होने के कारण ज्यादा सही से समझ सकते है। और छोटी उम्र का पार्टनर भी बड़े की परेशानी जल्दी से समझ लेता है कि उसे परेशानी सच में होगी वह कोई नाटक नहीं कर रहा है।
एज गैप रिलेशनशिप के नकारात्मक पहलू

- जब कपल्स में उम्र का फासला होता है तो दोनों में जो बड़ा होता है कई बार वह अपनी बातों को दूसरे पर थोपने लगता है कि उसे बात को मानना पड़ेगा। यहां वह अपनी मैच्योरिटी ज्यादा दिखाने लगता है जिससे रिश्ते में दरार आ जाती है।
- कई बार देखने में आता है जिन कपल्स में ऐज गैप ज्यादा है तो वह लड़ाई या गुस्सा होने पर ईगो की समस्या आने लगती है। उम्र में बड़ा चाहता है कि जो छोटा है मुझसे माफी मांगे। तो ऐसे में रिश्ते का चल पाना बेहद मुश्किल हो जाता है।
- अलग-अलग उम्र होने के कारण दोनों को इस समस्या का सामना करना पड़ता है कि छोटी उम्र का पार्टनर आजकल के हिसाब से चलना चाहता है लेकिन जो बड़ा होता है उसकी पसंद अलग हो सकती है। तो ऐसे में ज्यादातर इस तरह के कपल को ऐसी चीजों का सामना करना पड़ता है। जिससे रिश्तों में खटास आ जाती है।
- मान लीजिए कि कपल के बीच दस साल का गैप है तो ऐसे में दोनों की सोच में काफी अंतर होता है। यहां एक दूसरे के विचार मेल नहीं खाते है। जिससे आए दिन आपस बहस होनी आरम्भ हो जाती है जो आगे जाकर बहुत बड़ी समस्या बन सकती है।
- दोनों में जिसकी उम्र ज्यादा है वह दूसरे पार्टनर को छोटा समझकर उस पर ज्यादा हक जमाने लगता है और सोचता है कि वह उसकी सभी बातों को माने। लेकिन यहां वह दोनों ये भूल जाते है कि वह कपल है इसलिए इसमें बड़ा या छोटा कुछ नहीं होता है दोनों का हर चीज में पूरा अधिकार होता है।
