वे दिन गए जब लोग एक-दूसरे को प्रेम पत्र भेजते थे या एक-दूसरे को कविता या शायरी सुनाते थे। व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम पर पनप रही प्रेम कहानियों के साथ, किसी के पास  शायरी लिखने हुनर नहीं तो न घबरायें। हम आपके लिए लायें हैं कुछ बहुत ही प्यार भरी दिल को छू जाने वाली शायरी और उनको लिखने का तरीका।  जो आपके दिल की बात को जाहिर करने में मदद करेगी।

सबसे पहले जानते हैं शायरी लिखने का तरीका

  • आप जिसके लिए भी यह शायरी लिखना चाह रहे हैं या चाह रही हैं, तो उसको अपने प्रेम भाव से लिखें। अपने रिश्ते के अनुसार ढालें या उन पलों को जिनको आप मिस कर रहे हों शब्दों में पिरोयें।
  • अपनी उर्दू शब्दावली में सुधार करें। कुछ लोग कहते हैं कि आपको शब्दकोष से शब्द सीखने चाहिए लेकिन मैं इससे सहमत नहीं हूं।
  • कृपया अंग्रेजी या हिंदी से तुलना न करें क्योंकि उर्दू में तुकबंदी योजना एक ही मिसरा (مصرعہ) (एक शेर की एक पंक्ति) में तय की जाती है।
  • कुछ रदीफ (मिला) (कफिया से पहले इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द, दोहराए जाने वाले शब्द) और काफिया (قا of) मिसरा के अंतिम शब्द को इकट्ठा करें। आमतौर पर काफिया का इस्तेमाल रदीफ के बाद किया जाता है।
  • आप शास्त्रीय कवियों के साथ शुरू कर सकते हैं एक शेर चुन सकते हैं और इसे तशरीह (تشرش व्याख्या) पढ़ सकते हैं। कुछ समय बाद आप एक ही शेर के सभी अर्थ अलग-अलग सोच के अनुसार और विभिन्न तरह से आजमाइश कर पाएंगे।
  • शायरी भावनाओं से आती है और भावनाएं तब आती हैं जब कोई चीज वास्तव में आपके दिल से जुड़ी हो..
  • जब आप किसी को सच्चे दिल से चाहते हों और एक दिन आपकी शायरी इतनी मशहूर होगी कि आप कहेंगे…

याद करते करते तुमको हम शायर बन गए

 

और तुम कहते हो हम याद नहीं करते।।”

आपके लिए कुछ बेहद प्यार भरी शायरी पढ़ें और लिखने की कोशिश करें।

  1. ये जो भी अब बाकी है सब गम ही तो है।

और जो बैठा है सिर लगा के इसे वो हम ही तो हैं।

  1. अजीब लोग हैं, अजीब दास्तां है..

झूठे हैं सब, सबका मतलब से वस्ता है..

  1. उसकी मोहब्बत का एक एक गम अच्छा लगा, 

उसका दिया हुआ हर सितम अच्छा लगा।

बहुत खूबसूरत थी वो तड़पा देने वाली अदा, 

जख्मों पे उसके दर्द का मरहम अच्छा लगा।।

  1.  महसूस किया मैंने कि मोहब्बत है उसे भी,

नफरतों में मोहब्बत का भ्रम अच्छा लगा,

अगर उसने धोखा किया मेरे साथ तो ये खुशी थी उसकी,

उसका इस भोले दिल पर रहम ए कर्म अच्छा लगा।

 

  1. तलबगार हूं मैं तेरे दीदार का, तेरे हुस्न का नहीं, 

अब तू लोगों की बातों में आके मुझे गलत समझे तो मैं क्या करूं?

  1. तुमसे तालुकात हुई तो पता लगा, 

जिंदगी भी इतनी दिल दहला देने वाली हो सकती है।

  1. अकेला तो रोया भी नहीं जाता, 

हंसना तो दूर की बात है, 

जी लूं तुम्हारे बिना?

दोबारा मत कहना, फिजूल की बात है।

  1. परेशानियों के बीच आज का दिन भी गया,

अब सुबह के लालच में रात भी चली जायेगी।

  1. वो हालात, वो जज्बात जहां से गुजरा हूं मैं,

क्या बताऊं किस कदर बिखरा हूं मैं,

देते रहे वो जख्म लहूलुहान दिल पे,

उनकी हर चोट से निखरा हूं मैं।।

 

  1. लौटी जो लहर रात में, पूनम की रात से

चाहत ने जो लूटा, वो राज गहरा हूं मैं,,

ए हवा मत गा उल्फत की गजल,

इस तरह लूटा है एक साज ने, 

कि अब बहरा हूं मैं।

  1.  रास आने लगीं अब तेरी नाराजगी

इसलिए मैं शायरी लिख कर टाइम काट लेता हूं।

  1.  हौंसला है मेरे अंदर बिखर के इक्कठा होने का,

मैं पतझड़ के बाद सावन आने का इंतजार नहीं करता।

  1. हश्र इंसान का कुछ ऐसा ही होता है दोस्तों,

पागल दिखने वाले लोगों से दूरी ना बनाया करो।

  1.  उम्मीदों का बांध बांधा था तेरे प्यार वाली नदी पे,

मैं प्यासा मार गया लेकिन तेरी नदी में पानी नहीं आया।

 

  1.  तासीर बिगड़ती जा रही है मेरी तेरे ख्यालों में खोने से,

दवाई के तौर पर अब बस तू चाहिए।

  1.  दरात जैसी फितरत थी उसकी,

पता नहीं कितनों की सरसों काट गई,

बहुत मेहनत से तैयार की थी फसल प्यार की,

पकने से पहले ही दाना दाना झाड़ गई।

  1.  एक सफर मौत का चले, हम जिंदगी से थके हुए,

स्याही ने अपनी कड़वी सी महक छोड़ दी है, 

मेरे पास मुड़े तुड़े पड़े हैं, खत उसके लिखे हुए।

  1.  रिहाह हो गए वो मेरे कत्ल के इल्जाम में,

उनकी खतरनाक आंख, अदालत ने हथियार नहीं मानी।

  1.  ताबड़तोड़ बारिश हो रही है तेरी यादों की जिंदगी में,

     

भगवान अब रहम करे, मेरी फसल कटाई पर आई है।

  1.  खिल खिलाते चेहरे पर मायूसी कैसी साहेब

लगता है किसी पर यकीन हद से ज्यादा कर बैठे थे।

  1.  तेरी याद आ रही है, आज दिल फिर रुलाएगा मुझे

और अल्फाज तो जमाने के लिए हैं, तू आ ये शायर धड़कन सुनाएगा तुझे।

  1.  संवरने का तो सवाल ही पैदा नहीं होता, 

हम बिखरे ही कुछ इस तरह से हैं।

  1.  जिस दिन तुम्हारे खत का इंतजार था मुझे, 

उस दिन सारे पक्षी कबूतर दिखे मुझे।

  1.  जिंदगी चैन से गुजर जाए, 

अगर तू नजरों से उतर जाए।

  1.  मुझे हर चीज आग दिख रही है,

     

ताजा ताजा सा बुझा हूं मैं।

  1.  खामोशी गवाह है मेरे दर्द की चीख सुन, 

मुकम्मल होना चाहता था प्यार की कहानी में,

भरा शहर अब दास्तान सुन सुन के वह वह करता है मेरी शायरी पर

मेरा गांव उजाड़ दिया तेरे चोंचले वाली सुनामी ने।

  1.  तुम सपने में भी नहीं सोच सकते लिखने की वो हद पार कर जायेंगे,

और हमें जहर की जरूरत नहीं, नजर अंदाजगी से ही मर जायेंगे।

 

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