एक समय था जब पुरुष कमाता था और महिलाओं का काम घर संभालना होता था। लेकिन आजकल की प्रतिस्पर्धा वाली जीवनशैली में महिलाएं  पुरुषों  के कंधे से कंधा मिलाकर चलती हैं और घर के साथ – साथ ऑफिस के काम भी संभालती हैं। कई बार घर और ऑफिस के बीच में उलझी हुई महिलाएं काम के प्रेशर में आकर बहुत ज्यादा तनाव में आ जाती हैं। हम सभी जानते हैं कि परिवार के साथ एक मजबूत और सुखी रिश्ता बनाना और साथ ही अपने करियर को भी महत्व देना काफी मुश्किल होता है। खासतौर पर जब आप दोनों ही वर्किंग हों। 

 

ऐसे में एक अहम् प्रश्न ये आता है कि परिवार और करियर  के बीच सामंजस्य कैसे स्थापित किया जाए? लेकिन कुछ ऐसे भी तरीके हैं जिनसे हम करियर और परिवार को  जीवन के तराजू में तौलकर बराबर ला सकते हैं। आइए आपको बताते हैं कुछ ऐसे टिप्स जो आपके काम और परिवार के बीच संतुलन बनाए रखने में कारगर साबित हो सकते हैं:-

 
पार्टनर और बच्चों को टाइम दें 
पूरे दिन काम करने के बाद अपने पार्टनर  के साथ  बात करने के लिए समय निकालना जरूरी है। कभी-कभी अपने पार्टनर के साथ मूवी देखने या लंच का प्लान करें। जब आपके पास ऑफिस और घर के ढ़ेर सारे काम हों तो जब भी आप साथ में हैं तो हर एक पल को एन्जॉय करें। जैसे एक साथ खाना खाएं , घर की सफाई करते वक्त या खाना बनाते वक्त आप एक-दूसरे को टाइम  दें। जब आपके पास समय कम हो तो यह अपने पार्टनर के करीब आने का अच्छा तरीका है।  इसके अलावा अपने बच्चों को भी टाइम दें जैसे होमवर्क के बहाने ही सही उनसे दिनभर की बातें शेयर करें। 
 
एक दूसरे को सपोर्ट करें 
पति -पत्नी को बिना किसी शर्त के एक दूसरे  को सपोर्ट करना चाहिए।  ऑफिस में पूरे दिन काम करने के बाद अपनी पत्नी के करियर में रुचि दिखाना मुश्किल हो जाता है , लेकिन अपने साथी के करियर से संबंधित बातचीत भी  करें। इन बातों से पता चलता है कि  आप अपने पार्टनर को  कितना सपोर्ट करते हैं। इसके अलावा घर के काम में भी हाथ बंटाएं। 
 
ज्यादा उम्मीदें न करें 
जब आप दोनों वर्किंग  हैं तो आप समझ सकते हैं कि ऑफिस के बाद आपको कितना टाइम मिलता है।  इसलिए जरूरी है कि आप अपने साथी से अधिक उम्मीदें न करें जैसे कि  ऐसी उम्मीद न करें कि आपका पार्टनर आपके बर्थडे या एनिवर्सरी पर सरप्राइज पार्टी प्लान करेगा।  समय के अभाव में यदि  वो उम्मीद पूरी नहीं हुई  तो आपको बुरा लगेगा और आपका दिल टूट जाएगा। 
 
जिम्मेदारियां बांट लें 
 काम के साथ अपने रिश्तों  की जिम्मेदारियों को समझें। खासकर तब जब आप शादीशुदा हैं और आपके बच्चे हैं। ऑफिस जाने के साथ खाना बनाना , बच्चों को स्कूल ले जाना ,घर के काम आदि जिम्मेदारियां दोनों मिलकर निभाएं ।  अधिक कुशलता के साथ मिलकर काम करें। जैसे पत्नी अगर किचन में व्यस्त  है तो बच्चे को तैयार करके स्कूल भेजने का काम पति कर सकते हैं। 
घर के बड़ों को भी समय दें 
यदि आप संयुक्त परिवार का हिस्सा हैं तो अपनी व्यस्त जीवनशैली में से कुछ समय अपने घर के बड़ों के लिए ज़रूर निकालें। घर के बड़े आपके बच्चों को बहुत सी अच्छी बातें सिखाते हैं और आपको भी सही निर्देशन देते हैं इसलिए बड़ों से बातें करें।  बड़ों का आशीर्वाद और प्रेरणा ही हमें सफलता की बुलंदियों तक पहुंचता है।  
 
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